06/03/2026
रेगिस्तान की शेरनी
तपता हुआ रेगिस्तान…
चारों तरफ दूर-दूर तक सिर्फ रेत ही रेत।
तेज धूप मानो आसमान से आग बरसा रही हो। ☀️
लेकिन उसी तपती धरती पर एक महिला सैनिक अपने कंधों पर देश की जिम्मेदारी उठाए खड़ी है।
उसकी वर्दी पसीने से भीग चुकी है,
चेहरे पर धूल है,
लेकिन आँखों में सिर्फ एक ही चमक है — देशभक्ति की।
जब बाकी लोग घरों में आराम कर रहे होते हैं,
तब वह सीमा की चौकी पर खड़ी होकर हर हलचल पर नजर रखती है।
रेगिस्तान की तेज हवाएँ उसके हौसले को कमजोर नहीं करतीं,
बल्कि हर झोंका उसे याद दिलाता है कि
वह सिर्फ एक महिला नहीं, देश की रक्षा करने वाली वीर सैनिक है।
दूर कहीं सूरज ढल रहा है,
आसमान लाल हो चुका है…
लेकिन उसकी ड्यूटी अभी खत्म नहीं हुई।
क्योंकि जब तक वह सीमा पर खड़ी है,
तब तक पूरा देश चैन की नींद सो सकता है। 🇮🇳
वह सिर्फ एक सैनिक नहीं…
वह रेगिस्तान की शेरनी comedydDeelar Sandeepepep