07/08/2026
भारत की पहचान केवल हमारी विविधता में ही नहीं, बल्कि हमारे हाथों से बुने हर धागे में भी बसती है।🧵🇮🇳
हर Handloom वस्त्र केवल एक कपड़ा नहीं, बल्कि हमारे टैलेंटेड बुनकरों की मेहनत, पीढ़ियों से चली आ रही कला, समृद्ध विरासत और भारत की सांस्कृतिक पहचान का जीवंत प्रतीक है।🇮🇳
माननीय प्रधानमंत्री Shri Narendra Modi जी ने “Vocal for Local” और “Atmanirbhar Bharat” और अनेक पॉलिसीज़ और स्कीम्स के माध्यम से भारतीय Handloom, स्थानीय बुनकरों और पारंपरिक शिल्प को अपनाने तथा वैश्विक पहचान दिलाने का निरंतर आह्वान किया है।🙏🏻
व्यक्तिगत रूप से, मुझे जब भी हमारे कुशल बुनकरों द्वारा बुना हुआ Handloom पहनने का अवसर मिलता है, तो वह केवल एक परिधान नहीं, बल्कि भारत की समृद्ध संस्कृति और शिल्प परंपरा से जुड़ने का एक विशेष अनुभव लगता है।
भारत के हर राज्य की Handloom परंपरा अपनी अनूठी बुनाई, रंगों, डिज़ाइनों और सांस्कृतिक पहचान की एक अलग कहानी कहती है।
🧡🤍💚
National Handloom Day पर आइए संकल्प लें—
✨ Handloom अपनाएँ।
✨ Local Weavers को समर्थन दें।
✨ भारतीय वस्त्रों और हमारी Textile Heritage पर गर्व करें।
Handloom isn’t just a fabric… It’s the soul of India. ❤️🇮🇳