Ravindra Jareda

Ravindra Jareda Samaj Sewa

05/06/2026

बहुत गुरूर था ‘छत’ को ‘छत’ होने का,
एक मंज़िल ओर बनी ‘छत’ फर्श हो गई !!

04/06/2026

जो नेता साइकिल से चलने लगे थे वे अभी भी साइकिल से चल रहे हैं कि केवल एक दिन की ही नौटंकी करना था.
😄😆

03/06/2026

राज्य सरकार के निर्देशानुसार जिलेभर में 1 जून से 30 जून 2026 तक विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान वाहनों में किए गए अवैध बदलाव, अनाधिकृत लाल-नीली बत्ती, प्रेशर हॉर्न, काली फिल्म तथा नियमों के विरुद्ध नंबर प्लेट लगाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही नंबर प्लेट पर अनाधिकृत शब्द, चिन्ह या लेखन से पंजीयन नंबर की दृश्यता प्रभावित करने वाले वाहन चालकों पर भी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने वाहन मालिकों से नियमों का पालन करने की अपील की है।

03/06/2026

चित्त की एकाग्रता कितनी दुरूह, कितनी असाध्य साधना है यह! इसका बोध अब हो रहा है।

मैं जितना ही यत्न करता हूँ कि चेतना किसी एक बिंदु पर, किसी एक परम सत्य पर स्थिर हो जाए, यह मन उतना ही अनंत दिशाओं में बिखर जाता है।

मेरे सम्मुख संभावनाओं के अपार दिगंत खुल जाते हैं, सहस्र कपाट स्वतः अनावृत हो जाते हैं एक आमंत्रण की तरह, एक भटकाव की तरह।

मैं पुनः-पुनः इस चंचल मृग को पकड़कर लाता हूँ, स्वयं से कहता हूँ: 'यहीं ठहरो, इसी वर्तमान में।' किंतु हाय, यह घटित नहीं होता। मन फिर किसी अज्ञात वीथी पर निकल जाता है।

क्या यह संशय, यह भ्रमजाल ही मेरी शाश्वत नियति है? क्या गंतव्य की खोज में भटके हुए ये चरण ही स्वयं में मेरी मंज़िल हैं?

मुझे नहीं ज्ञात... मौन के इस अगाध सन्नाटे में, मुझे कुछ भी नहीं ज्ञात।"

note

03/06/2026

कभी कभी जब खाली समय में बैठ कर सोचता हूँ तो समझ आता है कि मेरे भीतर ऐसे कई सवाल उलझे हुए हैं जिनका जवाब मुझे कभी नहीं मिला, या फिर मैं कभी चाहता ही नहीं था कि इनका जवाब मुझे मिले..किसी खंडहर में लगे मकड़ी के जालों की तरह ही ये सवाल मेरे भीतर उलझे पड़े हैं..कभी कभी जब कुछ समझ नहीं आता है, जब वर्तमान बर्बाद और भविष्य शून्य नज़र आता है तब सबसे पहले यही सवाल मन में कौंध रहा होता है कि क्या तुम्हारे साथ गुजारा हुआ वक़्त सिर्फ और सिर्फ समय की बर्बादी था..?

कुछ लोग आकर सवाल खड़े करेंगे, कहेंगे कि प्रेम में दिया गया समय बर्बाद कैसे हो सकता है..पर जब मैं उनसे कहूँगा कि ये कोई ऐसा वैसा समय नहीं था, ये समय मेरी वो उम्र थी जब मैं खुद के भविष्य को सवारने में लगा सकता था, 27 से 31 का ये समय बहुत ही महत्वपूर्ण था..लोग इस पर भी कहेंगे कि प्रेम और कैरियर साथ में बनाया जा सकता है, फिर मैं उन्हें बताऊँगा की मुझे प्रेम भी तो एक विवाहित स्त्री से हुआ था..तब उन्हें समझ आयेगा कि मैं ऐसे चक्रव्यूह में उलझा था जहाँ से मैं जितनी जल्दी निकल जाता उतना ही बेहतर होता..

जिस राह पर मंजिल मिलनी ही नहीं है, आखिर उस रस्ते हम कितना ही चलें, समय और हम दोनों खर्च ही होंगे..इसके अलावा हाथ क्या आयेगा..? ज्यादा से ज्यादा कुछ खट्टी मीठी यादें, और पछतावा इतना कि जिसके बोझ तले दबकर दम घुट जाए.. दम घुट भी जाए तो शायद समस्याओं का हल हो, लेकिन अज़ीब सा बोझ होता है इस पछतावे का, जो न तो जीने देता है, और न मरने देता है..प्रेम में मिले घाव लक्ष्मण जी को लगे उस तीर से भी खतरनाक हैं, क्योंकि उसका कम से कम इलाज तो था, प्रेम के घाव किसी संजीवनी बूटी से ठीक नहीं किये जा सकते हैं..

इन्हें समय लगता है, प्रेम में जितनी तेजी से समय बीतता है, ठीक इसके विपरीत होता है बिछड़ जाने के बाद वाला समय, ये इतनी धीमी रफ्तार से गुजरता है कि मानो हर एक पल का पता चलता है..समय की ये धीमी गति जले पर नमक की तरह होती है, लगता है कि जो हमारा महत्वपूर्ण समय था वो इतनी तेजी से बीता, पर अब सब कुछ इतना धीमा है कि दर्द का एहसास आत्मा तक को हो रहा है..

खैर, वर्तमान तुम्हारे जाने से बर्बाद हुआ, भविष्य तुम्हारे जाने के ग़म में डूबे रहने से बर्बाद हो रहा है, तुम्हारे साथ बिताए पल कभी कभी खुद के साथ की हुई बेइमानी से लगते हैं..लगता है जैसे मैंने खुद के साथ ही क्षल किया है..इस सब के बीच जो सबसे बड़ा दुःख इस बात का है कि मैं तुमसे बाहर ही नहीं आ पा रहा हूँ..मैं इतना सब सोचने के बाद भी तुम पर ही रुका हुआ हूँ..आगे बढ़ जाने का कोई रास्ता ही नजर आता है..लगता है कि जिस बिना मंज़िल वाली राह पर मैं तुम्हारे साथ चला था, अभी भी उसी में कहीं बस चला जा रहा हूँ, अब अकेले ही चला जा रहा हूँ..लेकिन उस राह से बाहर आने का कोई रास्ता ही नहीं है..ये शायद अनंतकाल तक ऐसे ही चलता रहेगा..और मैं इस पर अपनी आखिरी साँस तक..!!
💔💔💔

03/06/2026

प्रदेशाध्यक्ष का रास्ता रोकने पर रातों-रात SP ज्ञानचंद यादव को हटा दिया...
कुचामन में कार्यकर्ता को जमानत देने पर तहसीलदार का ट्रांसफर कर दिया...
जयपुर के थाने में चाय पिलाने के आरोप में तीन पुलिसकर्मियों का ट्रांसफर कर दिया...
लेकिन कैबिनेट मंत्री किरोड़ी मीणा को ऑन कैमरा अपमानित करने वाली SHO कविता शर्मा पर कोई कार्रवाई नहीं हुई!
जबकि किरोड़ी मीणा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर SHO कविता शर्मा पर गंभीर आरोप लगाए और कथित फर्जीवाड़े से नौकरी लगने तक के दस्तावेज सार्वजनिक किए थे।
आखिर कार्रवाई के मापदंड अलग-अलग क्यों हैं?
क्या सरकार में नियम व्यक्ति और पद देखकर तय हो रहे हैं?
मुख्यमंत्री को निष्पक्षता दिखानी चाहिए, क्योंकि लोकतंत्र में सत्ता का धर्म समान न्याय है, न कि पक्षपात।
जनता सब देख रही है और सवाल पूछ रही है ।।
CMO RajasthanAshok GehlotKirodi Lal MeenaHanuman BeniwalPMO India@highlight

“सदैव जनता की सेवा, संघर्ष और अधिकारों के लिए समर्पित।”
02/06/2026

“सदैव जनता की सेवा, संघर्ष और अधिकारों के लिए समर्पित।”

01/06/2026

क्या आपने कभी आरएसएस vhp बजरंग दल वालों को शिक्षा स्वास्थ्य रोजगार पेपर लीक का मुद्दा उठाते हुए देखा है?
?????

01/06/2026

अहमदाबाद में कांग्रेस शासित कर्नाटक की RCB की विजय और गुजरात टाइटन्स की हार बताती है कि गुजरात की जनता ने भाजपा को नकार दिया है.. नरेंद्र मोदीजी को इसे नैतिक हार स्वीकार करते हुए प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे देना चाहिए

भाजपा EVM तो सेट कर लेती है लेकिन वो अंपायर्स को सेट नहीं कर पाई 🤗

- बैल अभी भी दूध देगा इस आशा में बैठे एक कांग्रेसी के विचार

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