01/09/2026
बेटी को न्याय दो—दरिंदों को फाँसी दो!
चलती स्लीपर बस में 16 वर्षीय बच्ची के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म की यह जघन्य घटना दिल्ली-एनसीआर की कानून-व्यवस्था और बेटियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि घटना 4 अगस्त की बताई जा रही है, जबकि इसकी जानकारी लगभग चार सप्ताह बाद व्यापक रूप से सामने आई। आखिर इतने गंभीर मामले की जानकारी इतने दिनों तक सार्वजनिक क्यों नहीं हुई? क्या इस घटना को दबाने, छिपाने या इसकी गंभीरता कम करने का प्रयास किया गया?
जनता दल (यूनाईटेड), दिल्ली प्रदेश माँग करता है कि—
• मामले की त्वरित और निष्पक्ष सुनवाई सुनिश्चित की जाए।
• सभी आरोपियों को कानून के तहत कठोरतम सज़ा दी जाए।
• घटना की जानकारी सामने आने में हुई देरी की उच्चस्तरीय एवं समयबद्ध जाँच कराई जाए।
• यदि किसी अधिकारी, बस संचालक, संस्था अथवा अन्य व्यक्ति ने मामले को दबाने, साक्ष्य छिपाने या अपराधियों को बचाने का प्रयास किया है, तो उसकी जवाबदेही तय कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
• निजी यात्री बसों की सुरक्षा व्यवस्था, जीपीएस और सीसीटीवी की अनिवार्य जाँच की जाए।
बेटियों की सुरक्षा में किसी प्रकार की लापरवाही या अपराधियों को संरक्षण स्वीकार नहीं किया जाएगा। पीड़ित बच्ची को शीघ्र न्याय मिलना चाहिए।
— श्री शैलेन्द्र कुमार
प्रदेश अध्यक्ष
जनता दल (यूनाईटेड), दिल्ली प्रदेश
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