सवर्ण समाज - अपनी पार्टी अपना राज

  • Home
  • India
  • Delhi
  • सवर्ण समाज - अपनी पार्टी अपना राज

सवर्ण समाज - अपनी पार्टी अपना राज सवर्ण समाज �
अपनी पार्टी | अपना राज | अपना स्वाभिमान
हम विरासत भी हैं,
और नेतृत्व भी।

तुम हमें 95 अंक लाने पर भी नौकरी नहीं देते थे। तुम हम पर SC/ST Act थोपते थे। तुम हमारे बच्चों के लिए UGC के कानून लाते थ...
25/09/2026

तुम हमें 95 अंक लाने पर भी नौकरी नहीं देते थे। तुम हम पर SC/ST Act थोपते थे। तुम हमारे बच्चों के लिए UGC के कानून लाते थे।
बताओ - अगर हमें कभी मौका मिला, तो हम हिसाब चुकता करेंगे कि नहीं?

#सवर्ण_समाज_अपनी_पार्टी_अपना_राज
#संवैधानिक_अधिकार #समानअवसर #शांतिपूर्ण_विरोध

मोहन भगवत बोल रहा है कि।UGC कोर्ट में है ना लागू हुआ है ना लागू होगा? ये अचानक ऐसा बयान कैसे क्या आप समझ पाए?पहले भाजपाई...
17/09/2026

मोहन भगवत बोल रहा है कि।UGC कोर्ट में है ना लागू हुआ है ना लागू होगा? ये अचानक ऐसा बयान कैसे क्या आप समझ पाए?

पहले भाजपाई घमंड में बोलते थे कि ये सामान्यवर्ग वाले जाएंगे कहाँ, इनके खिलाफ कुछ भी कर दो ये पड़े रहेंगे, इनके पास ऑप्शन ही कहाँ है। हमने पहले ही कहा था हमें अन्याय के खिलाफ लड़ते रहना है, विकल्प ईश्वर हमें स्वयं बनाकर दे देगा।

एक चीज़ आप नोटिस करना कि मोहन भगवत एक भी शब्द आज तक हिन्दू धर्म के समर्थन में नहीं बोला, वह आज UGC पर बोल उठा। समझ रहे हैं न क्यों?

क्योंकि बिहार में भाजपा के गढ़ वाली स्वयं इनके राष्ट्रीय अध्यक्ष वाली सीट चली गई जबसे GC वर्ग ने SC-ST एक्ट के दुरुपयोग, UGC और अनगिनत भाजपा की अनैतिक नीतियों का विरोध करना शुरू किया, उसके बाद मध्य प्रदेश दतिया वाली सीट भी नहीं जीत पाई।

अभी राजस्थान का निकाय चुनाव तो जीत ली लेकिन जो निर्दलीयों को समर्थन देकर सामान्यवर्ग ने इतने सारे निर्दलीयों को जिताकर रिकॉर्ड बनाया है, यह देख संघ से लेकर भाजपा तक घबराई हुई है। अब इनको पता चल गया कि अब सामान्यवर्ग ऑप्शन की कमी की वजह से भाजपा को नहीं सपोर्ट करेगा, वो निर्दलीयों की ओर चला जाएगा। और सामान्यवर्ग अपवादों को छोड़कर एकतरफा भाजपा को वोट देकर तीन बार सरकार बनाई क्योंकि दलित तो वोट करता है बहनजी या रावण या सपा-कांग्रेस या बचे-कुचे भाजपा को, यानी दलितों का वोट सैकड़ों भागों में बंट जाता था।

वहीं उत्तर प्रदेश में ओबीसी ज्यादातर अखिलेश यादव को करता है, वहीं बाकी जो बचे वो कांग्रेस-भाजपा से लेकर अपनी जाति के नेताओं को करता है, बाकी जो बचते हैं वह भाजपा को करता है। सामान्यवर्ग ही ऐसा था जिसके पास न तो उसकी जाति का कोई नेता था न कोई उसकी जातिवादी पार्टी, इसीलिए वह अभी तक जिसको चाहा सत्ता में बैठाया। वरना आप देख लो अखिलेश यादव, बहन मायावती, कांग्रेस ने क्या-क्या 85% समीकरण से लेकर सब कुछ लगा लिया लेकिन बिना सवर्णों के सरकार नहीं बना पाए।

और अब सामान्यवर्ग पूरी तरह जागरूक हो चुका है और अब चाहे भाजपा को उसकी औकात दिखाने लगा जो उसने दलित-ओबीसी-अल्पसंख्यक तुष्टिकरण की है मुट्ठी भर वोट पाने के लिए जो सवर्णों का पतन किया। सवर्ण समाज आप जागरूक हो गया है और धरना-ताल से लेकर सोशल मीडिया हर जगह इनके काले कारनामे बता रहा है, तब जाकर ये मोहन ये बयान दिया है। वरना सवर्ण समाज यदि पहले की तरह गुलामी में लिप्त रहता तो ये मोहन भगवत एक शब्द न बोलता।

मैं फिर कहती हूँ सामान्यवर्ग को न भाजपाई बनना है न कांग्रेसी न सपाई न बसपाई। एक बार आप सामान्यवर्ग बनो आपके खिलाफ ये सारी पार्टियाँ काले कानून तो क्या एक शब्द नहीं बोल पाएँगी। लेकिन यदि आप किसी-न-किसी पार्टी की गुलामी करते रहे तो आपको बताएँगे कि इसके पास विकल्प ही क्या है और वो आपके सिर पर काले कानून लाद देंगे और जो इन्हें वोट नहीं देता उसका वोट लेने के लालच में देश का सारा सरकारी खजाना उसके लिए जातिवादी नीतियाँ-बजट जारी करके लुटा देंगे।

एक बार GC वर्ग पढ़ना कि कितनी जातिवादी नीतियाँ भाजपा SC-ST के लिए चलाती है और GC वर्ग के गरीबों को फूटी कौड़ी भी नहीं देती।

SC-ST का छात्र चाहे सांसद-विधायक-बिजनेसमैन-शिक्षक का बेटा हो उसे होस्टल मिलेगा, उसे स्कॉलरशिप मिलेगी, उसे कैंटीन में अच्छा खाना मिलेगा, उसे आरक्षण मिलेगा, उसे अनगिनत सरकारी सुविधाएँ मिलेंगी। और GC का बच्चा चाहे कितना ही गरीब क्यों न हो उसके लिए अंबेडकर होस्टल नहीं है, चाहे आपका बच्चा भूखा मर जाए लेकिन आपके लिए कोई सरकारी सुविधा-कोई नीति नहीं है क्योंकि आप जबसे देश आज़ाद हुआ तबसे आपने कभी भाजपा कभी कांग्रेस कभी सपा-बसपा की गुलामी करी है और बाकी लोगों ने आज़ादी के बाद से ही केवल अपनी जाति और अपने समाज के उद्धार के लिए काम किया है।।

#सवर्ण_समाज_अपनी_पार्टी_अपना_राज
#संवैधानिक_अधिकार #समानअवसर #शांतिपूर्ण_विरोध

सामान्य वर्ग ही हर बार क्यों सोचे...!UGC एक्ट की चर्चा भी बीजेपी के किसी मीटिंग में नहीं हुई थी, पर वो ले कर आए...!उमा भ...
14/09/2026

सामान्य वर्ग ही हर बार क्यों सोचे...!
UGC एक्ट की चर्चा भी बीजेपी के किसी मीटिंग में नहीं हुई थी, पर वो ले कर आए...!
उमा भारती,आपकी ही समर्थक हैं जिनका वीडियो वायरल है जिसमें प्राइवेट क्षेत्र में आरक्षण की मांग करने के लिए एक वर्ग को उकसा रही हैं...!

इतने अनजान मत बनो भाई साहब।🙏

रोहित वेमुला बिल को बीजेपी ने indireclty सपोर्ट ही किया है।
आप ये बताओ अपने कितना सवर्णों की कब्र खुदेगी बयानों पर विरोध किया है ,रुचि तिवारी को लिंच करने के प्रयास पर अपने कितना विरोध किया।
हिंदू हृदय सम्राट मोदी जी, रोहित वेमुला के लिए दुखी थे...पर पालघर में लिंच हुए साधु के लिए इनके मुंह से एक शब्द नहीं निकला था याद है की नहीं...?

प्रतिदिन ब्राह्मणों की बहन बेटी के विषय में अनर्गल बातें की जा रही है आपने कितना विरोध किया।
(यहां आप से मतलब बीजेपी लॉबी से है)
हमारी लड़ाई में आप हमे अकेला छोड़ दो और उम्मीद करो कि हम आपके फायदे के हिसाब से अपने मुद्दे उठाएं तो यह संभव नहीं है।

जब तक हमें लगा था कि मोदी जी हिन्दुओं के लिए कार्य कर रहे तब तक हमने scst एक्ट का भी विरोध नहीं किया पर जब हिसाब चुकता की बात आ गई तो हम अपने समाज के फायदे के लिए खड़े होंगे।
हमे अपने समाज से मतलब है न तो बीजेपी से न कांग्रेस से न हिंदुत्व के उस चूर्ण से जो बीजेपी ने सामान्य वर्ग को बांटा है।

हम हिंदुत्व के लिए गाली खाएं और मोदी जी हिन्दू धर्म के देवी देवताओं को गाली देने वाले फुले को संत बताए।
प्रतिदिन हमारे भगवान को गाली पड़ रही है, मोदी राज में हमारे भगवान को गाली देने वालों को मोदी जी शोषित वंचित बता रहे हैं।

बीजेपी को हमारा समर्थन था पर अब नहीं है, अब यदि हमारे समर्थन न करने से बीजेपी को क्षति हो रही और ऐसा लग रहा कि कोई अराजक पार्टी सत्ता में आ जाएगी तो यह आपको सोचना चाहिए था और जातिवादी योजनाएं नहीं बनानी थी।सामान्य वर्ग ही हर बार क्यों सोचे।🙏

#सवर्ण_समाज_अपनी_पार्टी_अपना_राज
#संवैधानिक_अधिकार #समानअवसर #शांतिपूर्ण_विरोध

एक द-ललित लड़का था, नाम था भास्कर करभारी। सतारा के सरकारी फार्मेसी कॉलेज में स्टोरकीपर था। उस कॉलेज के ज़्यादातर अधिकारी ...
14/09/2026

एक द-ललित लड़का था, नाम था भास्कर करभारी। सतारा के सरकारी फार्मेसी कॉलेज में स्टोरकीपर था। उस कॉलेज के ज़्यादातर अधिकारी गैर द-ललित थे।

एक बार कॉलेज में उसका कुछ विवाद हुआ। कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. सतीश भिसे और प्रोफेसर डॉ. किशोर बुराड़े ने भास्कर की सालाना गोपनीय रिपोर्ट (ACR) में कुछ नकारात्मक टिप्पणी लिख दी। कारण था कि भास्कर का काम अच्छा नहीं था। वह ड्यूटी पर अनियमित था। जिसकी वजह से वह प्रमोशन के लायक नहीं माना गया।

भास्कर को गुस्सा आया। जब कुछ ना सूझा तो उसने SC-ST एक्ट वाला बाण चला कर दोनों अधिकारियों के खिलाफ शिकायत कर दी। कि क्योंकि मैं छोटी जात का हूँ इसलिए मेरा प्रोमोशन होने नहीं दिया जा रहा है।

लेकिन मुकदमा चलाने के लिए सङ कार की अनुमति जरूरी थी। फाइल महाराष्ट्र के तकनीकी शिक्षा निदेशक डॉक्टर सुभाष काशीनाथ महाजन के पास पहुँची। कॉलेज सीधे उनके विभाग के अधीन था। उन्होंने अनुमति नहीं दी। केस रुक गया।

भास्कर और गुस्से में आ गया। उसने डॉक्टर महाजन पर भी SC-ST एक्ट लगा दिया। कि ये आदमी भी इसलिए मेरी फ़ाइल आगे नहीं बढ़ा रहा क्योंकि मैं छोटी जात से हूँ। 😌

अब ये तीनों अधिकारी डॉक्टर सतीश, किशोर बुराडे और महाजन कोई हल्के आदमी तो थे नहीं। अच्छे खासे नाम वाले क्लास 1 रसूखदार अफसर थे । मामला सुपडीम कोर्ट पहुँचा। 2018 में कोर्ट ने कहा— इस तरह किसी पर भी SC-ST ऐक्ट लगा देना इस एक्ट का दुरुपयोग है। कोर्ट ने निर्देश दिए कि पहले मामले की जाँच करो, फिर कार्यवाही करो। यूं ही किसी के कह देने भर से किसी निर्दोष को जेल न भेजो।

बात तो कोर्ट की जायज़ थी। पर ये आदेश आते ही देश में हंगामा मच गया। द-ललित लोग रोड पर आ गए। महामानव की सरकार घबराई। तब महामानव को 2019 चुनाव का अपना वोट बैंक खिसकता दिखा। तभी महामानव ने संसद में अध्यादेश ला कर ये कानून पलट दिया— कि अब किसी भी जाँच की जरूरत नहीं, साथ ही आरोपित व्यक्ति की जमानत भी नहीं होगी।

इस प्रकार महामानव ने सुप्रीम कोर्ट का फैसला पलट दिया। तबसे इसे ‘Mo Dee एक्ट’ कहते हैं। आने वाले चुनावों में महामानव ने अपने इस फैसले को ले कर खूब पीठ ठोंकी। रैलियों में खूब वाह वाही लूटी। स्वर्णों पर खूब हमले किये।

तो एक कामचोर स्टोर कीपर की झूठी शिकायत से शुरू हुई कहानी, विभाग के बड़े अधिकारी से होते हुए कानूनी रूप से एक्ट में बड़ा संशोध्न बनी थी।

मगर कोर्ट के आदेश के बावजूद महामानव की सङ कार ने इस कानून को समाप्त या संशोधित करने की जगह इसे और ज़्यादा एकतरफा औऱ मारक बना दिया है ।

अब कोई पूछे कि इसे मो-दी एक्ट क्यों कहा जाता है तो बता देना। हर जगह कांग्रेस और राजीव गांधी को दोष देने से आपके कर्म छिप नहीं जाएंगे। आपके पास पूरा मौका था कांग्रेस की गलतियां सुधारने का। पर आप तो धूर्तता में उनसे भी 4 कदम आगे निकले।💀
------------------------
------------------------
अगर आपको मेरा लिखा सच पसन्द आता है तो पेज फॉलो करके समर्थन दें। सच झुकना नहीं चाहिए। ❣️🔥

Shout out to my newest followers! Excited to have you onboard! Ratnesh Verma, Girish Karinje Padmanabha, Bhavani Gopal B...
09/09/2026

Shout out to my newest followers! Excited to have you onboard! Ratnesh Verma, Girish Karinje Padmanabha, Bhavani Gopal Balijepalli, Saurabh Shankhdhar, Manoj Kumar Sharma Sharma, Devraj Sharma, Pankaj Sharma, Raghubansh Lal, Pramod Priyadarshi, Sagar Mishra, Pankaj Bhardwaj, Bittu Rawat, Jitendra Pratap Singh, Kuldeep Kaushik, R Singh, Ankur Dutta, Ajeet Sharma, Anjan Goswami, D.p. Pandey, Charan Singh, Pankaj Mishra, Kuldeep Sikarwar, Rahul Matta, Ramkumar Gupta, Mishra Deelip, Suman Dubey, Sanjeevkumar Sah, Vishal Giri, Vikas Virat, Manohar Shekhawat, प्रशांत सिंह ठाकुर, Sanjay Sharma, Pardeep Bhardwaj, Shivam Pratap Singh Chuahan, Vishwanath Upadhyay, Sandeep Mishra, Sunil Latther Ror, Deepak Sharma, Kundan Singh, Vinod Sharma Malpura Wala, Asheesh Kumar Bhardwaj, Vineet Singh, Virendra Singh, RamShastry R, Tej Singh Rajput, Vivek Pandey, Brajendra Bajpai, Ravi Mishra Rahi, Kuwar Thakur, Sunil Sharma

किसको वोट देंगे  ? नोटा को  ? कांग्रेस  ? लोकल पार्टी  ?  अगर जनरल कास्ट नाराज है तो वोट किसको दिया जाये  ? मेरा तो मानन...
09/09/2026

किसको वोट देंगे ? नोटा को ? कांग्रेस ? लोकल पार्टी ? अगर जनरल कास्ट नाराज है तो वोट किसको दिया जाये ? मेरा तो मानना है कि अगर जनरल कास्ट वालो की कोई पार्टी नहीं बनती, संगठन नहीं बनता, तो अपने अपने क्षेत्र से ऐसे निर्दलीय को वोट दीजिए जो... एससी-एसटी एक्ट के अंधाधुंध दुरुपयोग और योग्यता-विरोधी नीतियों का खुलकर विरोध करे और दूसरा विकल्प नोटा ही है.....

देखो भाई...अगर वापिस भाजपा इतने अत्याचार के बाद भी जीतते हैं... तो अत्याचार की वो LIMIT क्रॉस होगी जो आपने सोची भी नहीं होगी।।।

आपके आगे पीछे खड़े होने वाले कम से कम जो स्वजातीय लोग या यूट्यूब influencer हैं वो तक इसके बाद बोलना छोड़ देंगे।।।
कानून-व्यवस्था का डर पूरी तरह खत्म हो जाएगा, बेखौफ भीड़ का निशाना आप बनेंगे और एक्ट के अंधाधुंध दुरुपयोग से सामान्य वर्ग का हर परिवार मुकदमों, जेल और बदनामी की आग में झोंक दिया जाएगा।

सीधी बात है अगर भाजपा वापिस जीती तो उनका जनरल कास्ट के लिए.... जो दुर्भावना या जमीनी स्तर पर ATROCITY है वो सिर्फ़ इसलिए बढ़ जाएगी कि... इनलोगों के नाराज होने से हमारा बाल बाँका नहीं होता... तो क्यों फ़िक्र करें... ?

वास्तव में ये लड़ाई..... सज्जन और दुर्जन के बीच है... मैं इसे जाति और पार्टी या नेता की लड़ाई मानता ही नहीं...
ये न्याय और अन्याय के साथ खड़े होने की लड़ाई है...

निर्दलीय को दीजिए या जैसा करणी सेना ने यूपी के हरेक सीटों पर खड़े होने की बात की है तो उसको दीजिए... या फिर जिस किसी को भी दीजिए... आपको सिर्फ़ ऐसा कैंडिडेट चुनना है जिससे वोटों की गिनती के बाद पता चले कि जिसने आपकी आवाज उठायी थी... उसको आपने वोट कर दिया... बिना हार और जीत सोचे...

सवर्णों में एकता की इतनी कमी है कि कोई भी संगठन या पार्टी बन ही नहीं पा रही... तो क्या आप अपने दुश्मनों को वोट दे देंगे ?

2020 का बुलंदशहर विधानसभा उपचुनाव था जहाँ चन्द्रशेखर रावण ने पहली बार 'आजाद समाज पार्टी (कांशीराम)' बना कर प्रत्याशी उतारा था... तीसरे स्थान पर कैंडिडेट रहा...
2022 में चंद्रशेखर ने सभी जगह से चुनाव लड़ी... ख़ुद भी हारा और
पार्टी कैंडिडेट के जमानत जब्त होने की खबर दर्जनों सीटों से आई....

कई हार के बाद.... लोकसभा 2024 में ख़ुद चंद्रशेखर डेढ़ लाख के बड़े मार्जिन से आखिरकर जीत हासिल किया...

आज भी उसका क़द... इतना बड़ा बना है वो सिर्फ़ एक सीट की वजह से ही है.. बाक़ी कहीं नहीं जीता है अबतक..
विधान सभा में एक सीट कभी नहीं जीत पाया है... आज ये हाल है कि अगले चुनाव में कुछ भी हो सकता है....

1984 में भाजपा ने अपना पहला लोकसभा चुनाव लड़ा, तो पूरे देश में उसे सिर्फ 2 सीटें मिली थीं। यहाँ तक कि स्व अटल बिहारी वाजपेयी जी भी चुनाव हार गए थे..

बहुजन समाज पार्टी (BSP), जिसने 1984 में गठन के पाँच साल बाद 1989 में जाकर अपनी पहली 3 लोकसभा सीटें जीती थीं। सिर्फ़ तीन...

आप और हम ये सोचना छोड़ दें कि कौन जीतेगा और कौन हारेगा... हमें बस गोलबंद होना है... जो आदमी सही लगे.. उसके पीछे खड़ा होना होगा... .

बहुत दुखी मन से कह रहा हूँ... हिंदुत्व से पहले आपको जातिवाद की लड़ाई लड़नी होगी.. क्यूँकि आप इसी वजह से target पर हैं..... जातिवादी सोच.. जातिवादी नेता... ही फ़िलहाल पहली सीढ़ी है...

आज जातिगत राजनीति के सिंडिकेट और ठेकेदार पूरी तरह हावी हैं... इसलिए अगर आपको अपना अस्तित्व और मान-सम्मान बचाना है तो.. ऊँच नीच, अच्छा बुरा को ताक पर रख के... पहले एकत्र होना शुरू कीजिए...उन एकत्र हुए लोगों में से ख़ुद ब ख़ुद चार लोग... नेता बन कर आगे निकल आयेंगे.... और फिर वोट कीजिए...

#सवर्ण_समाज_अपनी_पार्टी_अपना_राज
#समानअवसर #शांतिपूर्ण_विरोध #मजबूतभारत

संविधान ने स्वर्ण पर कितना अत्याचार किया यह जानना चाहिए शायद उसके बाद तुम्हें पूर्वजों के बलिदान का स्मरण हो सके।जिस देश...
08/09/2026

संविधान ने स्वर्ण पर कितना अत्याचार किया यह जानना चाहिए शायद उसके बाद तुम्हें पूर्वजों के बलिदान का स्मरण हो सके।

जिस देश के लिए हमारे पूर्वजों ने महल छोड़ दिए उस देश के संविधान ने 131 लोकसभा सीटों से स्वर्ण को निकाल कर बाहर कर दिया, की स्वर्ण वहाँ चुनाव नहीं लड़ सकता सिर्फ वोट दे सकता है यह भेदभाव स्वर्ण के साथ संविधान ने किया।

हम वही स्वर्ण समाज के लोग हैं जो चार गुना ज्यादा फीस देकर अपने बच्चों को पढ़ाते है।

हम वही स्वर्ण हैं जिसके लिए हर जिले में SC/ST कोर्ट बनाये गए, NCST/NCSC का गठन किया गया सिर्फ हमें सजा देने के लिए लेकिन स्वर्ण के लिए इस देश में आज तक कोई आयोग नहीं बना।

हम वही स्वर्ण हैं जो 90% लाने के बाद भी कामयाब नहीं हुए और तुम 40% पर कामयाब माने गए।

इतना होने के बाद स्वर्ण ने देश और धर्म हित की बात की - धर्म की जय हो अधर्म ना नाश हो, प्राणियों में सद्भाव हो विश्व का कल्याण हो।

इतना होने के बाद सरकार UGC जैसे काले कानून को हम पर थोपना चाहती है, इनके मंत्री बयान देते हैं किसी के माई के लाल ने दूध नहीं पिलाया जो Reservation हटा सके। और तुम सो रहे हो की लड़ाई करनी सेना लड़ तो रही है हमें क्या कायर हो तुम और कायर है वह स्वर्ण नेता जो अपने समाज के लिए नहीं बोल सकते। महाराणा अकेले अकबर से लड़ गए, श्री राम वानर सेना लेकर रावण से लड़ गए तो जागो और लड़ो अपने हक की लड़ाई।

जय श्री राम, जय माँ भवानी ⚜️🚩

#सवर्ण_समाज_अपनी_पार्टी_अपना_राज
#समानअवसर #शांतिपूर्ण_विरोध #मजबूतभारत

Address

जंतर मंतर
Delhi
110001

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when सवर्ण समाज - अपनी पार्टी अपना राज posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Shortcuts

Share