04/08/2026
#अच्छी_खबर
देवास के पोषण पुनर्वास केंद्र के उचित मार्गदर्शन से नक्ष की वापस आई मुस्कान: 2 किलो 900 ग्राम बढ़ा वजन
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परिवारजनों ने स्वास्थ्य विभाग के प्रति जताया आभार
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जिले में पोषण पुनर्वास केंद्र द्वारा उल्लेखनीय कार्य किए जा रहे हैं। इन केंद्रों पर भर्ती कम वजनी बच्चों एवं सेम/मेम बच्चों की उचित देखभाल कर उनका उपचार कर उन्हें स्वस्थ व तंदुरुस्त घर भेजा जा रहा है तथा उनका लगातार फॉलोअप लिया जा रहा है। इन्हीं बच्चों में देवास के पुनर्वास केंद्र पर ग्राम राजोदा के नक्ष के जीवन में नई उम्मीद जगाई है। बच्चों की समय पर पहचान, विशेषज्ञ उपचार, उचित परामर्श और स्तनपान की सही जानकारी ने एक माह 17 दिन के शिशु नक्ष के जीवन में नई उम्मीद जगाई। पोषण पुनर्वास केन्द्र (एनआरसी) देवास में उपचार एवं सतत फॉलोअप के बाद नक्ष का वजन भर्ती से लेकर चौथे फॉलोअप तक 2 किलो 900 ग्राम बढ़ा और उसकी मुस्कान लौट आई।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सरोजिनी जेम्स बेक ने बताया कि राजोदा निवासी शिशु नक्ष को 23 मई 2026 को पोषण पुनर्वास केन्द्र, देवास में भर्ती किया गया था। उस समय उसका वजन मात्र 3 किलो 500 ग्राम था, जो सामान्य से कम था। नक्ष की मां श्रीमती रोशनी को यह चिंता थी कि उनका बच्चा पूरी तरह से स्वस्थ्य नहीं है। इस संबंध में उन्होंने पोषण पुनर्वास केंद्र पर संपर्क किया जहां पर उन्हें उचित परामर्श एवं मार्गदर्शन दिया गया। एनआरसी पर उन्हें स्तनपान की सही तकनीक, शिशु को स्तन से सही तरीके से लगाना, जन्म के पहले घंटे में स्तनपान प्रारंभ करने, पहले छह माह तक केवल मां का दूध देने तथा उसके बाद पूरक आहार के साथ दो वर्ष या उससे अधिक समय तक स्तनपान जारी रखने की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही मां के दूध से शिशु में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ने, संक्रमण से सुरक्षा, बेहतर मस्तिष्क विकास एवं स्वस्थ वजन वृद्धि तथा माताओं को होने वाले स्वास्थ्य लाभों के बारे में भी समझाया गया।
सीएमएचओ ने बताया कि एनआरसी में चिकित्सकों एवं स्टाफ की सतत निगरानी में उपचार के बाद 1 जून 2026 को नक्ष को छुट्टी दी गई। उस समय उसका वजन बढ़कर 3 किलो 900 ग्राम हो गया था। इसके बाद नियमित फॉलोअप में भी लगातार सकारात्मक परिणाम मिले। 16 जून को उसका वजन 4 किलो 400 ग्राम, 7 जुलाई को 4 किलो 800 ग्राम, 16 जुलाई को 5 किलो 500 ग्राम तथा 31 जुलाई को 6 किलो 400 ग्राम दर्ज किया गया। इस प्रकार भर्ती से लेकर चौथे फॉलोअप तक नक्ष के वजन में कुल 2 किलो 900 ग्राम की उल्लेखनीय वृद्धि हुई। उपचार अवधि के दौरान नक्ष एवं उसकी मां की सभी आवश्यक स्वास्थ्य जांचें की गईं तथा शासन की ओर से मजदूरी क्षतिपूर्ति भत्ते के रूप में 10 दिनों के लिए 1200 रुपए की सहायता राशि भी प्रदान की गई। नक्ष के पिता श्री रवीन्द्र एवं परिवारजनों ने पोषण पुनर्वास केन्द्र में मिली गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा एवं देखभाल के लिए शासन के प्रति आभार व्यक्त किया। सीएमएचओ डॉ. सरोजिनी जेम्स बेक ने कहा कि समय पर पहचान, उचित उपचार, प्रभावी स्तनपान परामर्श एवं नियमित फॉलोअप से कुपोषित शिशुओं के स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार संभव है। नक्ष की यह सफलता इस बात का प्रमाण है।
Jansampark Madhya Pradesh
Directorate of Health Services, Madhya Pradesh