ओबीसी संयोजन समिति,धमतरी-छत्तीसगढ़

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ओबीसी संयोजन समिति,धमतरी-छत्तीसगढ़ ओबीसी के सम्पूर्ण आजादी के लिए आंदोलन।

जय ओबीसी
जय भारत वंशी✊✊
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जिला धमतरी छत्तीसगढ़ का ऑफिशियल पेज
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छत्रपति शाहू जी महाराज (राजर्षि शाहू महाराज) किन152वीं जयंती विशेष -राजर्षि शाहू जी महाराज कोल्हापुर रियासत के प्रसिद्ध ...
26/06/2026

छत्रपति शाहू जी महाराज (राजर्षि शाहू महाराज) किन152वीं जयंती विशेष -

राजर्षि शाहू जी महाराज कोल्हापुर रियासत के प्रसिद्ध शासक, सामाजिक सुधारक और शिक्षाप्रेमी थे। उनका जन्म 26 जून 1874 को कागल (कोल्हापुर, महाराष्ट्र) में यशवंतराव घाटगे के रूप में हुआ था। वे शिवाजी महाराज की वंश परंपरा से जुड़े भोंसले राजवंश के थे। महारानी आनंदीबाई ने उन्हें गोद लिया और 1894 में मात्र 20 वर्ष की आयु में कोल्हापुर की गद्दी संभाली। उन्होंने 1922 तक शासन किया।
खास बातें और योगदान:
सामाजिक न्याय और आरक्षण के अग्रदूत: 1902 में उन्होंने भारत में सबसे पहले 50% आरक्षण की नीति लागू की — सरकारी नौकरियों और शिक्षा में पिछड़ी जातियों (Non-Brahmin) के लिए। यह सामाजिक समानता की दिशा में क्रांतिकारी कदम था।
शिक्षा क्रांति:
मुफ्त और अनिवार्य प्राथमिक शिक्षा (1917) लागू की, जो सभी जाति-धर्म के बच्चों के लिए थी।
लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा दिया, लड़कियों के लिए स्कूल, हॉस्टल और छात्रवृत्तियां शुरू कीं।
कई हॉस्टल, स्कूल और कॉलेज स्थापित किए (जैसे राजाराम कॉलेज)।
पिछड़े वर्गों, दलितों और महिलाओं के लिए विशेष सुविधाएं दीं। उन्होंने डॉ. बी.आर. आंबेडकर जैसे नेताओं का भी समर्थन किया।
किसानों और समाज के उत्थान: सिंचाई नीतियां शुरू कीं, भूमि सुधार किए और किसानों की स्थिति सुधारने के प्रयास किए।
महिलाओं के अधिकार: बाल विवाह पर रोक, विधवा पुनर्विवाह को बढ़ावा, देवदासी प्रथा पर प्रतिबंध जैसी सुधार लाए।
व्यक्तित्व: वे "राजर्षि" उपाधि से सम्मानित थे। लोकप्रिय राजा के रूप में जाने जाते थे, जो जातिवाद के खिलाफ थे और समानता के पक्षधर थे। उनका निधन 6 मई 1922 को मात्र 47 वर्ष की आयु में हुआ।
शाहू महाराज का योगदान आज भी महाराष्ट्र और पूरे भारत में सामाजिक न्याय, शिक्षा और समावेशी विकास की प्रेरणा है।

नोट: कभी-कभी लोग 18वीं शताब्दी के मराठा सम्राट शाहू (शिवाजी के पौत्र) को भी छत्रपति शाहू कहते हैं, लेकिन "शाहू जी महाराज" से आमतौर पर कोल्हापुर वाले राजर्षि शाहू महाराज ही समझे जाते हैं।

विश्वनाथ प्रताप सिंह (वी.पी. सिंह) जयंती विशेष(25 जून 1931 – 27 नवंबर 2008) 🇮🇳भारत के सातवें प्रधानमंत्री (2 दिसंबर 1989...
25/06/2026

विश्वनाथ प्रताप सिंह (वी.पी. सिंह) जयंती विशेष
(25 जून 1931 – 27 नवंबर 2008) 🇮🇳

भारत के सातवें प्रधानमंत्री (2 दिसंबर 1989 से 10 नवंबर 1990 तक) विश्वनाथ प्रताप सिंह आज भी सामाजिक न्याय, ईमानदारी और सिद्धांतों की राजनीति के प्रतीक माने जाते हैं।
जीवन परिचय
एक राजपूत जमींदार परिवार (मांडा राजघराना) में जन्म। उन्होंने मांडा के राजा बहादुर राम गोपाल सिंह द्वारा गोद लिया गया था।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय और पूना (पुणे) विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त की (बी.ए., एलएल.बी. और बी.एससी.)।
25 जून 1955 को श्रीमती सीता कुमारी (देवगढ़-मादड़िया राजपरिवार की राजकुमारी) से विवाह। दो पुत्र: अजेय प्रताप सिंह और अभय प्रताप सिंह।
राजनीतिक सफर
छात्र जीवन से ही राजनीति में सक्रिय; भूदान आंदोलन में भाग लिया। इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्र संघ के उपाध्यक्ष रहे।
कांग्रेस से राजनीतिक शुरुआत। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री (1980–1982)।
राजीव गांधी सरकार में वित्त मंत्री के रूप में काले धन, कर चोरी और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त अभियान चलाया।
रक्षा मंत्री रहते बोफोर्स घोटाले की निष्पक्ष जांच में ईमानदारी का परिचय दिया, जिसके कारण कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया।
बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर को भारत रत्न से सम्मानित किया। उनके प्रयासों से 12 अप्रैल 1990 को संसद के सेंट्रल हॉल में डॉ. आंबेडकर की तस्वीर लगवाई गई (संसद में पहली बार)।
1988 में जनता दल की स्थापना की। 1989 में नेशनल फ्रंट गठबंधन के जरिए प्रधानमंत्री बने।

09 जून नगरी में धरती आबा बिरसा मुंडा जी की स्मृति दिवस पर ओबीसी जागरूकता कार्यक्रम किया गया।
18/06/2026

09 जून नगरी में धरती आबा बिरसा मुंडा जी की स्मृति दिवस पर ओबीसी जागरूकता कार्यक्रम किया गया।

धरती आबा बिरसा मुंडा की 126वीं शहादत दिवस परनगरी ब्लॉक स्तरीय ओबीसी समाज संगठनात्मक समन्वय बैठकस्थान: देवांगन समाज भवन, ...
08/06/2026

धरती आबा बिरसा मुंडा की 126वीं शहादत दिवस पर
नगरी ब्लॉक स्तरीय ओबीसी समाज संगठनात्मक समन्वय बैठक
स्थान: देवांगन समाज भवन, सिहावा रोड, नगरी
तारीख: 09 जून 2026 (मंगलवार) समय: अपराह्न 03:00 बजे से शाम 07:00 बजे तक
अध्यक्षता - मान.अधिवक्ता शत्रुघ्न सिंह
संस्थापक - ओबीसी संयोजन समिति, छत्तीसगढ़
सदस्य - स्टेट बार काउंसिल, छत्तीसगढ़
विशेष वक्ता - मान.टिकेश्वर साहू संस्थापक सदस्य,राष्ट्रीय प्रचारक, अध्यक्ष प्रदेश कार्यसमिति- ओबीसी संयोजन समिति,छत्तीसगढ़
ब्लॉक नेतृत्व: योगेश कुमार साहू, सोमनाथ देवांगन, पेमन स्वर्णबेर, आलोक सिंहा, पुरुषोत्तम निर्मलकर, दीपेश निषाद, सिमंत पटेल, पूनम प्रजापति
विषय सूची:
01.धरती आबा बिरसा मुंडा की जीवनी, ब्रिटिश शासन के विरुद्ध उनके स्वतंत्रता आंदोलन एवं सामाजिक संघर्ष।
02.ओबीसी एवं आदिवासी समाज की संस्कृति एवं परंपराओं में समानता तथा दोनों समाजों द्वारा अपना स्वतंत्र राष्ट्रीय नेतृत्व खड़ा करने की आवश्यकता पर चर्चा।
03. ट्रायबल क्षेत्रों में निवासरत ओबीसी समाज को पांचवीं अनुसूची में शामिल कर पेसा कानून के दायरे में लाने तथा उचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने का मुद्दा।
04.26 जून 2026 को रायपुर में आयोजित प्रस्तावित कार्यक्रम की तैयारी एवं रणनीति।
05.ट्रायबल क्षेत्र के ओबीसी समाज में संवैधानिक अधिकारों एवं जागरूकता कार्यक्रम पर विस्तृत चर्चा।
भवदीय ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) संयोजन समिति, छत्तीसगढ़ (रजि.) संपर्क नंबर: 9893653365 | 9827189279 | 9424238098 | 9399636426 | 7746912903 | 9424219636 जय ओबीसी ! जय किसान ! जय आदिवासी ! जय मूलनिवासी !

धर्म की नगरी धमतरी में"दाई बिलई माता" के अछरा के छाँव मेंपूर्वांचल धमतरी जिला ओबीसी समाज कार्यकारिणी की बैठकतारीख : 07 ज...
05/06/2026

धर्म की नगरी धमतरी में
"दाई बिलई माता" के अछरा के छाँव में
पूर्वांचल धमतरी जिला ओबीसी समाज कार्यकारिणी की बैठक

तारीख : 07 जून 2026 (रविवार)
स्थान : एडवोकेट साहू चैम्बर
(एसपी कार्यालय के बगल में), धमतरी
समय : सुबह 9:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक

अध्यक्षता :
अधिवक्ता शत्रुघ्न सिंह
संस्थापक - ओबीसी संयोजन समिति, छत्तीसगढ़
सदस्य - स्टेट बार काउंसिल, छत्तीसगढ़

विशेष आमंत्रित :
सतवंत सिंह महिलांगे
दानेश्वर चंद्राकर (दानू)
थानसिंह चंद्राकर

जिला नेतृत्व -
चोवा राम, समारू राम सिन्हा,नेकराम,चेतन साखरे,धनऊ राम,प्रदीप विश्वकर्मा
सदानंद साहू,तरुण कुमार, आशीष साहू,दाऊ लाल, हेमन्त यादव,शंकर भार्गव

बैठक के मुख्य विषय :
01.धमतरी नगर की आराध्या 'दाई बिलई माता' की पौराणिक संदर्भ एवं इतिहास पर चर्चा।
शासक जमातियों द्वारा "विंध्यवासिनी देवी" कहकर प्रचार किए जाने का प्रासंगिकता एवं औचित्य पर विस्तृत चर्चा।

02.धमतरी जिले के ब्लॉक- कुरूद, धमतरी एवं मगरलोड में संगठन की सदस्यता अभियान पर आवश्यक चर्चा एवं रणनीति।

03.ओबीसी समाज की संवैधानिक अधिकारों एवं सामाजिक जागरूकता की बुनियादी बातें।

04.26 जून 2026 को रायपुर में आयोजित होने वाले कार्यक्रम की तैयारी, भूमिका एवं जिम्मेदारियों पर चर्चा।

भवदीय
ओबीसी संयोजन समिति
जिला-धमतरी (छ.ग.)
संपर्क करें :
98933-19674 | 96910-69509 | 62637-23473 | 81201-85144 | 93995-01428 | 62605-71611

नोट :
यह जिला स्तर की अत्यंत आवश्यक बैठक है। अतः सभी सदस्यगण सुबह 9:00 बजे निर्धारित समय पर अवश्य उपस्थित रहें। बैठक में स्वल्पाहार एवं चाय की व्यवस्था की गई है।

11 मई को आयोजित वर्चुअल बैठक में विषयों के अनुरूप जो चर्चा हुआ है उसे सार्थक शब्दों में दिया जा रहा है आप इसे जरुर स्टडी...
11/05/2026

11 मई को आयोजित वर्चुअल बैठक में विषयों के अनुरूप जो चर्चा हुआ है उसे सार्थक शब्दों में दिया जा रहा है आप इसे जरुर स्टडी करें ......

मुख्य विषय:
01.स्वराज्य रक्षक छत्रपति संभाजी महाराज की जयंती (14 मई) के अवसर पर रायपुर में आयोजित ओबीसी संगठनात्मक समन्वय बैठक

आदरणीय साथियों,
छत्रपति संभाजी महाराज स्वराज्य की रक्षा के प्रतीक हैं। मुगल साम्राज्य की जबरदस्त ताकत के सामने उन्होंने धर्म, स्वाभिमान और हिंदवी स्वराज्य की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। उनकी जयंती पर हम केवल श्रद्धांजलि नहीं अर्पित कर रहे, बल्कि उनके संघर्ष से प्रेरणा लेकर आज के सामाजिक-राजनीतिक संघर्ष में ओबीसी, पिछड़े, दलित और शोषित वर्गों के हक-अधिकारों की रक्षा का संकल्प ले रहे हैं।
रायपुर की यह ओबीसी संगठनात्मक समन्वय बैठक इसी उद्देश्य से आयोजित हो रही है — सभी ओबीसी संगठनों में समन्वय स्थापित करना, एकजुटता बढ़ाना और सामाजिक न्याय की लड़ाई को मजबूत करना।

02. महात्मा ज्योतिबा फुले: शिक्षा एवं सामाजिक क्रांति के प्रणेता
महात्मा ज्योतिबा फुले भारतीय इतिहास की वह अमर कड़ी हैं जिन्होंने अंधकारमय सामंती और जातिवादी व्यवस्था के खिलाफ शिक्षा की क्रांति शुरू की। उन्होंने महिलाओं, शूद्रों और पिछड़ों को शिक्षा का अधिकार दिलाने के लिए स्कूल खोले, सत्यशोधक समाज की स्थापना की और ब्राह्मणवादी वर्चस्व को चुनौती दी।
11 मई 1888 को विट्ठल राव कृष्णजी वंदेकर जी ने उन्हें "महात्मा" की उपाधि दी — यह उपाधि किसी पद या शासन से नहीं, बल्कि जनता की सेवा और क्रांतिकारी विचारों से मिली।
आज हमें मंथन करना है:
समानतावादी समाज निर्माण के लिए शिक्षा को सबसे बड़ा हथियार बनाना।
ओबीसी हक-अधिकारों (आरक्षण, प्रमोशन, आर्थिक योजनाएं) की पूरी सुरक्षा सुनिश्चित करना।
फुले-शाहू-अंबेडकर की विचारधारा को गांव-गांव तक पहुंचाना।
जाति-आधारित भेदभाव के खिलाफ सकारात्मक सामाजिक अभियान चलाना।
कर्तव्य निर्वहन का समय है — केवल मांग नहीं, बल्कि संगठित शक्ति के माध्यम से हक छीनने का।

03. हाल ही संपन्न 5 राज्यों के विधानसभा चुनावों का विश्लेषण

हाल ही में असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी के विधानसभा चुनाव संपन्न हुए। इन चुनावों से कई महत्वपूर्ण सबक मिले हैं:

जनता का मुद्दा केंद्रित रुख: विकास, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर जनता ने स्पष्ट संदेश दिया।
सामाजिक गठबंधनों की अहमियत: ओबीसी, पिछड़े और वंचित वर्गों को साथ लेकर चलने वाले गठबंधन बेहतर परिणाम दे रहे हैं।
क्षेत्रीय ताकत: कुछ राज्यों में नई ताकतें (जैसे तमिलनाडु में TVK) उभरीं, जो पुरानी द्विध्रुवीय राजनीति को तोड़ रही हैं।
ओबीसी वोट की निर्णायक भूमिका: इन चुनावों में भी ओबीसी समुदाय की एकजुटता और रणनीतिक वोटिंग ने कई सीटों का रुख तय किया।
हमारे लिए सीख:
संगठन मजबूत न हो तो राजनीतिक लाभ अस्थायी रहता है।
ओबीसी एकता बिना सामाजिक न्याय के एजेंडे को आगे नहीं बढ़ाया जा सकता।
चुनावी विश्लेषण के आधार पर अगले लोकसभा/विधानसभा चुनावों की रणनीति तैयार करनी होगी।
समापन एवं आह्वान
साथियों, संभाजी महाराज की बहादुरी, फुले जी की क्रांतिकारी सोच और हालिया चुनावों के अनुभव को मिलाकर हमें एक मजबूत, संगठित और जागरूक ओबीसी मोर्चा खड़ा करना है।
कार्ययोजना के सुझाव:
सभी ओबीसी संगठनों का समन्वय कमेटी गठन।
14 मई के कार्यक्रम को भव्य बनाना — सांस्कृतिक कार्यक्रम, चर्चा सत्र और संकल्प पत्र जारी करना।
राज्य स्तर पर जिला-ब्लॉक तक ओबीसी सेल सक्रिय करना।
शिक्षा, रोजगार और आरक्षण संरक्षण पर विशेष अभियान।
युवाओं और महिलाओं को मुख्यधारा में लाना।
छत्रपति संभाजी महाराज अमर रहे!
महात्मा ज्योतिबा फुले अमर रहे!
सामाजिक न्याय जिंदाबाद!
ओबीसी एकता जिंदाबाद!
यह बैठक सिर्फ चर्चा की नहीं, बल्कि क्रियान्वयन की हो। हम सब मिलकर इतिहास रचेंगे।
भारत माता की जय!
जय भवानी, जय शिवाजी!

संचालन : टिकेश्वर साहू ,मोबाइल: 94060 61165

शिक्षादूत, क्रांतिसूर्य महात्मा ज्योतिबा फुले को 11 मई 1888 को जनसमुदाय द्वारा "महात्मा" की उपाधि प्रदान किए जाने के विश...
10/05/2026

शिक्षादूत, क्रांतिसूर्य महात्मा ज्योतिबा फुले को 11 मई 1888 को जनसमुदाय द्वारा "महात्मा" की उपाधि प्रदान किए जाने के विशेष दिन पर प्रदेश स्तरीय वर्चुअल जूम मीटिंग का आयोजन हो रहा है।
मीटिंग विवरण:
संचालन: टिकेश्वर साहू
फाउंडर लीडर: ओबीसी कॉर्डिनेशन कमेटी, छत्तीसगढ़
मीटिंग लिंक 🔗 To join the meeting on
https://meet.google.com/qge-imbi-com
मुख्य विषय:
स्वराज्य रक्षक छत्रपति संभाजी महाराज की जयंती (14 मई) पर रायपुर में आयोजित "ओबीसी संगठनात्मक समन्वय बैठक" के संबंध में चर्चा और तैयारी।
महात्मा ज्योतिबा फुले द्वारा शुरू की गई शिक्षा क्रांति और सामाजिक क्रांति को आगे बढ़ाना। समानतावादी समाज निर्माण और ओबीसी हक-अधिकार प्राप्ति के लिए कर्तव्य निर्वहन पर मंथन।
हाल ही संपन्न 5 राज्यों के विधानसभा चुनावों का विश्लेषणात्मक चर्चा।

नोट: मीटिंग सुबह होने वाली है, इसलिए सभी साथी जल्दी तैयारी करें। छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर के सामाजिक कार्यकर्ता भी जुड़ेंगे।
ओबीसी संयोजन समिति के कार्यकर्ता और पदाधिकारी ज्यादा से ज्यादा तैयारी करें।

बैशाख पूर्णिमा के अवसर पर बुद्ध जयंती में ओबीसी प्रबोधन!!!!ओबीसी संयोजन समिति-कबीरधाम ओबीसी संयोजन समिति-बालोद छ. ग. ओबी...
03/05/2026

बैशाख पूर्णिमा के अवसर पर
बुद्ध जयंती में ओबीसी प्रबोधन!!!!

ओबीसी संयोजन समिति-कबीरधाम
ओबीसी संयोजन समिति-बालोद छ. ग.
ओबीसी संयोजन समिति,बस्तर संभाग
ओबीसी संयोजन समिति रायपुर-छत्तीसगढ़

प्रेस नोट01/05/2026 | शुक्रवार | मगरलोडओबीसी वर्ग ने बुद्ध पूर्णिमा मनायामेघा में ओबीसी संयोजन समिति के माध्यम से तथागत ...
01/05/2026

प्रेस नोट
01/05/2026 | शुक्रवार | मगरलोड
ओबीसी वर्ग ने बुद्ध पूर्णिमा मनाया
मेघा में ओबीसी संयोजन समिति के माध्यम से तथागत बुद्ध की 2588वीं जयंती धूमधाम से मनाई गई।
बुद्ध पूर्णिमा (वैशाख पूर्णिमा) के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बताया गया कि भगवान बुद्ध का जन्म वैशाख पूर्णिमा को लुंबिनी (नेपाल) में हुआ था। सामाजिक जागरूकता और सत्य की खोज में उन्होंने राजमहल त्याग दिया और वर्षों तक जंगलों में तपस्या की। अंततः वैशाख पूर्णिमा को ही उन्हें बोधि वृक्ष (वटवृक्ष) के नीचे ज्ञान की प्राप्ति हुई। संयोग से उसी दिन उनका महापरिनिर्वाण भी हुआ था।
इस अवसर को विशेष बनाने के लिए ओबीसी संयोजन समिति ब्लॉक मगरलोड ने मेघा में “ओबीसी जन जागरण महा अभियान” के तहत एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की।
बैठक को संबोधित करते हुए जिला प्रभारी एवं प्रवक्ता श्री समारू सिंहा जी ने कहा कि ओबीसी वर्ग मूल रूप से तर्कशील, अध्यात्मिक और सही-गलत का आकलन करने वाला समाज है, लेकिन अपनी प्राचीन विरासत की पहचान न होने के कारण आज यह समाज सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक शोषण का शिकार हो रहा है।
उन्होंने आगे बताया कि ब्लॉक क्षेत्र में स्थित निरई माता, कुकुर देवी, मधुबन धाम, सहदेव सहदाई और महानदी के तट आज से लगभग 4000 वर्ष पहले तथागत बुद्ध की विरासत की कहानी बयां करते हैं।
श्री समारू सिंहा ने कहा कि कुछ असमानतावादी तत्व ओबीसी के हक-अधिकारों को कुचलने का काम कर रहे हैं। उन्होंने मंडल आयोग की सिफारिशों का विरोध किया था और वर्तमान में यूजीसी इक्वलिटी रेगुलेशन का भी विरोध कर रहे हैं। इसके बावजूद ओबीसी समाज सतत संघर्ष की राह पर आगे बढ़ रहा है और निरंतर जन जागरण के माध्यम से अपनी एकता को मजबूत कर रहा है।
कार्यक्रम में चंद्रहास साहू, ऋषि राम, गोविंद राम, रामनारायण, कृष्ण कुमार तोरण निषाद सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन एवं आभार श्री वेद राम साहू (पंच) ने व्यक्त किया।

जारीकर्ता
श्री समारू सिंहा

जिला प्रभारी
धमतरी

2588 वीं बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर01 मई 2026,दिन शुक्रवार, बैशाख पूर्णिमा  समय शाम 04:00 बजे से 07:00 बजे तक            ...
30/04/2026

2588 वीं बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर

01 मई 2026,दिन शुक्रवार, बैशाख पूर्णिमा
समय शाम 04:00 बजे से 07:00 बजे तक

"ओबीसी प्रबोधन शिविर"

स्थान - साहू समाज भवन, मेघा( मगरलोड)

अध्यक्षता - श्री समारू सिंहा
(जिला प्रभारी धमतरी)
संचालन श्री प्रदीप विश्वकर्मा जी
प्रबोधन के विषय:-
01. ओबीसी कौन हैं? वर्तमान संवैधानिक भारत में ओबीसी का प्रतिनिधित्व कितना है?(चर्चा)

02. धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से धमतरी जिले के मगरलोड ब्लॉक का महत्व।
ब्लॉक में स्थित निरई माता, मधुबन धाम, कुकुर देवी मंदिर, लोमश ऋषि आश्रम , सहदेव सहदई,जीवनदायिनी महानदी का छोर तथा यहां की भौगोलिक एवं सांस्कृतिक विरासत का तथागत बुद्ध के इतिहास से गहरा संबंध,बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर विस्तृत चर्चा।

03. मगरलोड ब्लॉक को स्वतंत्र विधानसभा क्षेत्र बनाने और पूर्ण विधायकी प्राप्त करने से बहुसंख्यक ओबीसी समाज की राजनीतिक भागीदारी में वृद्धि (चर्चा)

04. संगठन के प्रथम राष्ट्रीय अधिवेशन (रायपुर) तथा वर्ष 2021 की किसान महापंचायत (राजिम) को सफल बनाने में मगरलोड वासियों का अविस्मरणीय योगदान।(धन्यवाद ज्ञापन)

05. ओबीसी की जाति जनगणना न कराना और यूजीसी इक्वालिटी रेगुलेशन को लागू न करना — शासक जातियों का षड्यंत्र। (चर्चा)

भवदीय - ओबीसी संयोजन समिति,ब्लॉक मगरलोड (जिला धमतरी)
संपर्क सूत्र: 9399501428,9893653365,9893319674,99778 69495

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