09/05/2026
मिथुन दा ने बंगाल में BJP की जीत में सिर्फ एक स्टार प्रचारक की नहीं, बल्कि एक सच्चे योद्धा की भूमिका निभाई।
2021 के बाद जब कई बड़े चेहरे TMC में चले गए, तब मिथुन दा मैदान छोड़कर नहीं भागे। वे लगातार बंगाल की धरती पर डटे रहे, TMC के कथित भ्रष्टाचार और गलत कामों के खिलाफ आवाज उठाते रहे, और हर BJP रैली में जनता के बीच खड़े दिखाई दिए।
उन्होंने कभी पद या टिकट की राजनीति नहीं की।
ना सांसद बनने की लालसा, ना विधायक बनने की दौड़ — बस एक समर्पित कार्यकर्ता की तरह पार्टी और विचारधारा के लिए काम किया।
और यही तो हमेशा से मिथुन दा की पहचान रही है।
बॉलीवुड में बिना किसी गॉडफादर और बड़े बैनर के अपने दम पर सुपरस्टार बनना आसान नहीं था।
“गरीबों का अमिताभ बच्चन” कहकर उनका मजाक उड़ाया गया, लेकिन 80 के दशक में उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई और करोड़ों दिलों पर राज किया।
90 के दशक में उनकी फिल्मों को लेकर खूब ट्रोल किया गया, मगर उन्होंने हार नहीं मानी।
2000 के बाद दमदार अभिनय से फिर साबित कर दिया कि असली फाइटर किसे कहते हैं।
लेकिन मिथुन दा सिर्फ बड़े कलाकार नहीं, बड़े इंसान भी हैं।
एक मासूम बच्ची जो कूड़ेदान में छोड़ दी गई थी, उसे अपनाकर उन्होंने उसे नई जिंदगी दी, प्यार दिया, पहचान दी।
यही वजह है कि मिथुन दा सिर्फ पर्दे के हीरो नहीं,
बल्कि असल जिंदगी के भी सच्चे हीरो हैं। ❤️🔥