14/01/2026
आज धोरीमन्ना में आयोजित जनाक्रोश रैली कोई राजनैतिक स्टंट था या फिर जनसमस्याओं से जुड़ा मुद्दा था??
पूरा #थार असमंजस की स्थिति में है और सवाल पूछ रहा है कि आखिर ये आयोजन क्या था और इसका परिणाम व समाधान क्या हुआ या फिर इससे भविष्य की राजनीति की दशा दिशा तय करने का माहौल खड़ा होगा?
जनमानस की आवाज तो जनता की समस्याओं और दुविधा के इर्द-गिर्द घूमती रही लेकिन राजनैतिक पार्टी और नेताओं की स्टंटबाजी के अनुरूप ये आयोजन राजनैतिक माहौल बनाने, भविष्य की सियासी जमीन तलाशने, सत्ता के खिलाफ अपनी पार्टी को विपक्षी दल के रूप में जिंदा दिखाने और खुद का वर्चस्व वापिस कायम करने के लिए शक्ति प्रदर्शन के रूप में दिखा...
क्योंकि इस आयोजन का नाम जनाक्रोश रैली रखा और मुद्दा बाड़मेर-बालोतरा जिलों की सीमा के साथ छेड़छाड़, पंचायत समितियों को एक जिले से दूसरे जिले में डालकर सुविधा की जगह दुविधा में डालने से जुड़ा हुआ था, लेकिन एक पार्टी विशेष के प्रदेश स्तरीय नेताओं ने भाग लेकर इस जनाक्रोश को सिर्फ अपनी भाषणबाजी तक सीमित रखा, नेताओं ने अपने-अपने भाषण देकर धरने को समाप्त कर दिया और जनता की समस्याओं के समाधान के नाम पर हमेशा की तरह सिर्फ ज्ञापन??
ना कोई बड़े स्तर पर प्रशासन से वार्ता हुई और ना ही शासन-प्रशासन की ओर से आश्वासन मिला, पूरे आयोजन का भाषणबाजी व एक पार्टी विशेष की हमेशा की रीति-रिवाज तथा नियत के इर्द-गिर्द घूमता हुआ समापन की ओर प्रस्थान कर दिया और स्थानीय जनमानस धरना-प्रदर्शन, शासन-प्रशासन से वार्ता और सरकार से ठोस आश्वासन की राह देखती रही??
उपरोक्त सभी सवालों और जनसमस्याओं से घिरा ये धरना-प्रदर्शन इस प्रकार कैसे खत्म हो गया? जनाक्रोश रैली, जनसमस्याओं से जुड़ा धरना-प्रदर्शन और सत्ताधीशों के अनैतिक कृत्य के खिलाफ जनाक्रोश का अर्थ क्या होता है? क्षेत्र की जनता ये तमाम सवाल अपने जहन में लेकर घर लौट गई?
आखिर मालाणी की जनता को इन सवालों का जवाब कौन देगा? सत्ताधीशों ने अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने के लिए दुविधा में डाल दिया और फिर ऊपर से तथाकथित विपक्ष ने ये तमाम सवाल मैदान में छोड़कर और दुविधा में डाल दिया।
नोट:- धरना-प्रदर्शन और जनसमस्याओं से जुड़े मुद्दों को लेकर दिए जाने वाले धरने का अर्थ शासन-प्रशासन से सफल-असफल वार्ता और उनसे कुछ ठोस आश्वासन होता है ना कि राजनीतिक भाषणबाजी या फिर उस धरने को यथावत रखा जाता है, इसलिए जनता की बातें सुनकर ये मेरे निजी विचार है,,,
#धोरीमन्ना #गुडा़मालानी #जनाक्रोश_रैली