23/07/2026
🟥⬛️🟥 दिल्ली की मुसीबत
चल रही है। नौकरियाँ बंद हैं।
🛑नीचे दी गई तस्वीर ऑर्फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी की FSL टीम की है। दिल्ली में कॉकरोच पार्टी के हमले की जगह। हर तोड़ी गई गाड़ी, पुलिस की वर्दी और घटना में छूई गई हर चीज़ से फिंगरप्रिंट इकट्ठा किए जा रहे हैं—पुलिस की वर्दी से लेकर सड़क पर रखे गमले तक।
जिन लोगों ने दूसरों के उकसाने पर पुलिस को पीटा, पुलिस की गाड़ियाँ तोड़ीं, पत्थर फेंके, उनकी जान जाने से पहले ही पक्का खतरा है।
कॉकरोच पार्टी के इन उपद्रवियों में ज़्यादातर 20 से 25 साल के नौजवान हैं। जल्द ही उन्हें इस बात का पछतावा होगा कि उन्होंने ये काम करके कितनी बड़ी गलती की।
अब ये फिंगरप्रिंट इकट्ठा करके पहले आधार डेटा से मैच किए जाएँगे, फिर दिल्ली पुलिस की तरफ से उनके घर एक "लव लेटर" आएगा, जिसमें साफ-साफ लिखा होगा कि 20 जुलाई की घटना के सिलसिले में उनके खिलाफ केस दर्ज किया गया है। वैसे भी, ऐसे मामलों से छुटकारा पाना बहुत मुश्किल है जहाँ पुलिस गवाह होती है। ऐसे मामले सरकारी नौकरियों के लिए भविष्य की योग्यता, पासपोर्ट बनवाने और यहाँ तक कि प्राइवेट सेक्टर में नौकरी के मौकों पर भी असर डाल सकते हैं। राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल, अखिलेश यादव या अभिजीत दीपक बचाव के लिए नहीं आ सकते। ऐसे कई कारण हैं जिनकी वजह से आपको जिम नहीं जाना चाहिए। ऐसे कई कारण हैं जिनकी वजह से आपको जिम नहीं जाना चाहिए। इन लोगों ने अभिजीत दीपक, सौरव दास, प्रकाश राज, संजय सिंह, मनीष सिसोदिया, डिंपल यादव, हनुमान बेनीवाल या चंद्रशेखर "रावण" जैसे नेताओं को घटना में शामिल होने के लिए इनडायरेक्टली उकसाया। लेकिन फॉसिल स्टूडेंट्स। अब मैं अपनी आगे की ज़िंदगी बिताऊँगा। सरकारी नौकरियाँ बंद हैं। पुलिस अगर कहे कि वे ऐसे काम कानूनी तौर पर करेंगे तो बहुत कुछ कर सकती है। दिल्ली में वे यही करने जा रहे हैं। 🔹️
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