Abhay Singh

Abhay Singh मेरा शहर साफ हो इसमें हम सब का साथ हो!!

 #धरती_आबा_भगवान_बिरसा_मुंडा_अमर_रहें25 वर्ष से भी कम उम्र में देश के स्वातंत्र्य समर को एक नई ज्वाला दे कर उसमें स्वयं ...
09/06/2020

#धरती_आबा_भगवान_बिरसा_मुंडा_अमर_रहें

25 वर्ष से भी कम उम्र में देश के स्वातंत्र्य समर को एक नई ज्वाला दे कर उसमें स्वयं समिधा हो जाने वाले तेजस्वी, चतुर, शूरवीर योद्धा झरखण्ड के वीर सपूत,उलगुलान के सूत्रधार धरती आबा बिरसा मुंडा के शहादत दिवस पर इन्हें करबद्ध श्रद्धांजलि। जीवन मे इनके सत्कर्मों को अपनाने से मानव जीवन निष्कलंक निश्चल एवं पावन हो सकता हैं।
जोहार झारखंड।।
🙏🙏🙏🙏🙏 नमन

 #वेदों_कि_और_लौटोइस महामारी जैसी विकट परिस्थिति में हमारे आस पास कुछ ऐसे भी समुदाय हैं जिनसे हमें जीवन जीने कि सीख लेनी...
23/05/2020

#वेदों_कि_और_लौटो

इस महामारी जैसी विकट परिस्थिति में हमारे आस पास कुछ ऐसे भी समुदाय हैं जिनसे हमें जीवन जीने कि सीख लेनी चाहिए। जी हां आदिवासी समाज के जनजातीय जीवनशैली इस महामारी के दौर में न सिर्फ अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बनाए हुए है बल्कि अपनी अनुशासन से इस लॉक डॉउन में सब का दिल भी जीत रहे हैं।
इनके जबरजस्त रोग प्रतिरोधक क्षमता का मुख्य कारण है इनका शुद्ध और प्राकृतिक खान पान जिसके कारण कोरोना जैसी खतरनाक वायरस इनके बीच कोई खास असर नहीं दिखा पाई है।
इनके दिनचर्या कि बात कि जाए तो ये हर मौसम सूर्योदय से पहले जागते हैं और पूरे दिन कड़ी मेहनत के बाद शाम में जल्दी सो जाते हैं।
आदिवासी समाज से हम साफ- सफाई और प्राकृतिक से लगाव के गुड़ भी सीख सकते हैं। इनका आवास ज्यादातर फुस, बांस, और मिट्टी के होते हैं जहां खास तरीके से साफ- सफाई रखा जाता है। ऐसे मकानों में ना तो एसी कि जरूरत होती है और ना हि रूम हीटर कि।
इनके पर्व त्योहारों भी स्वछता और प्रकृति से सीधे जुड़े होते हैं। जिससे इसके आस पास के नदियां और जलाशय स्वच्छ रहते हैं।
आज हम जिस सोशल डीस्टेंसिंग कि बात करते हैं, वो तो हमारे आदिवासी भाई वर्षों से करते आ रहे हैं। विश्वास नहीं होता तो कभी इनके गांव में जा कर देखना, ये कभी बाहरी लोगों से बिना जांच पड़ताल के नहीं घुलते मिलते हैं।
आज समय कि मांग है कि हम अपनी जीवनशैली कि तुलना जनजातीय जीवनशैली से करें। उनकी एक- एक आदतें उनको प्रकृति से जोड़े रखती है और हमारी ठीक उनके उलट है। इसलिए आज प्रकृति मानो हमसे अपना प्रतिशोध ले रही है।
आज समय है आत्ममंथन का। क्या हमें इस संकट को एक मौका के तौर पर लेते हुए मानव जाति के साथ इस धरती को भी बचाय और सजोय रखना नहीं चाहिए।

वेदों कि और लौटो।।

मनुष्य को कुछ समय दूसरों  के हित के लिए भी लगाना चाहिए ||
20/05/2020

मनुष्य को कुछ समय दूसरों के हित के लिए भी लगाना चाहिए ||

Address

Dumka
814145

Telephone

+919973803809

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Abhay Singh posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Organization

Send a message to Abhay Singh:

Share

Category