18/05/2026
🌷 हिंदू धर्म का इतिहास क्या है?🌷
👉 हिंदू कोई धर्म नहीं है आजादी के आसपास "जो मुस्लिम नहीं है जो ईसाई नहीं हैं उसे हिंदू" कह दिया गया था और आज भी कह रहे हैं
👉 आज से 3500 साल पहले यूरेशिया में "हित्ती साम्राज्य" था, हित्ती साम्राज्य और मितानी साम्राज्य के बीच 3400 साल पहले एक संधि हुई थी
👉 यह संधि "हित्ती भाषा" में बोगाजकोई शिलालेख पर लिखी हुई आज के तुर्की देश (हत्तूसा, अनातोलिया) में मिली हैं जिसमें इंद्र, मित्र (सूर्य), वरुण, नासत्य आदि देवताओं को साक्षी माना गया हैं
👉 इसी बोगाजकोई शिलालेख के आधार पर "वैदिक ब्राह्मण धर्म" का मूलाधार ऋग्वेद को 3500 साल पुराना ब्राह्मण कहते हैं, मौखिक रूप में ऋग्वेद आज के तुर्की और सीरिया देश में 3500 साल पहले था भारत में नहीं था, भारत में ये लोग बहुत बाद में आए हैं, इस तरह यह भी विदेशी धर्म हैं
👉 हित्ती भाषा से "हिंदी भाषा" का नामकरण हुआ
👉 हित्ती साम्राज्य की राजधानी "हत्तूसा" से "हिंदुस्तान" नामकरण हुआ
👉2500 साल पहले हित्ती लोगों के वंशज ईरान के राजा साइरस और डेरियस महान के जमाने में सिंध, गांधार, अफगानिस्तान में बस गए थे, इन्हीं हित्ती लोगों के वंशजों को ही असल में "हिन्दू" कहते हैं, डेरियस महान के बेहिस्तून शिलालेख और DNA नक्शे रूस्तम पर्सीपोलिस शिलालेख पढ़ सकते हो
👉 भारत में हित्ती लोगों और मितानी लोगों का धर्म हुरियन धर्म, यहूदी धर्म, सामरी धर्म, पारसी धर्म (जोराष्ट्रीयन) के लोग 2500 साल से 1500 साल तक आते रहे, भारत के "बौद्ध धर्म" में विलीन होकर नया "महायान बौद्ध धर्म" खड़ा किया, इसी महायान बौद्ध धर्म को 500 साल पहले मुगल साम्राज्य काल में "हिंदू धर्म" नामकरण किया गया
👉 भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने का मतलब है विदेशी हुरियन धर्म, यहूदी धर्म, सामरी धर्म, पारसी (जोराष्ट्रीयन) धर्म के लोगों का 100% राज कायम करना अर्थात इजरायल में यहूदी धर्म की तर्ज पर एकाधिकार करना है
👉 हिंदू राष्ट्र में आदिवासी समाज के तमाम विशेषाधिकार शून्य हो जाएंगे क्योंकि कोई आदिवासी नहीं होगा केवल वनवासी और जनजाति होंगे, ब्राह्मणों की दया पर जिंदा रहना होगा
😈 सच बताना, बोलना और लिखना हमारा कर्तव्य है मानो या ना मानो आपकी मर्जी है 😈