Basic Education Department

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यूपी टेट 2026 विशेष ...हाल ही में जारी हुए परिणाम में कुछ अंकों से ' not qualified ' की श्रेणी में आए हुए अभ्यर्थियों के...
30/08/2026

यूपी टेट 2026 विशेष ...

हाल ही में जारी हुए परिणाम में कुछ अंकों से ' not qualified ' की श्रेणी में आए हुए अभ्यर्थियों के लिए जनप्रतिनिधियों ने पत्र लिखना शुरू किया ✍️

📢  #प्रतापगढ़   भर्ती👉 180 चयनित अभ्यर्थियों का विद्यालय आवंटन📅 03 सितंबर 2026⏰ सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक📍 विकास भवन, ...
29/08/2026

📢 #प्रतापगढ़ भर्ती
👉 180 चयनित अभ्यर्थियों का विद्यालय आवंटन
📅 03 सितंबर 2026
⏰ सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक
📍 विकास भवन, प्रतापगढ़

UPTET-2026 में OMR शीट की त्रुटियों के कारण प्रभावित अभ्यर्थियों को न्याय दिलाने के संबंध में राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उ...
29/08/2026

UPTET-2026 में OMR शीट की त्रुटियों के कारण प्रभावित अभ्यर्थियों को न्याय दिलाने के संबंध में राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उत्तर प्रदेश (प्राथमिक संवर्ग) का माननीय मुख्यमंत्री जी को ज्ञापन

29/08/2026

यूपीटीईटी 2026 (UPTET 2026) का प्रमाण पत्र (सर्टिफिकेट) 31 अगस्त से 2 सितंबर 2026 के बीच जारी होने की उम्मीद है।

सर्टिफिकेट से जुड़ी मुख्य जानकारीसंभावित तिथि: उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) की आधिकारिक वेबसाइट पर इसे अगस्त के अंत या सितंबर के शुरुआती दिनों में उपलब्ध कराया जा सकता है।

जनगणना द्वितीय प्रशिक्षण कार्यक्रम जारी।Enumerators और सुपरवाइजर करेंगे नवंबर के पहले सप्ताह से लेकर के तीसरे सप्ताह के ...
29/08/2026

जनगणना द्वितीय प्रशिक्षण कार्यक्रम जारी।
Enumerators और सुपरवाइजर करेंगे नवंबर के पहले सप्ताह से लेकर के तीसरे सप्ताह के मध्य ट्रेनिंग

रसोइया मानदेय सितंबर 2026 से ₹1000 बढ़ा हुआ भुगतान करने के सम्बंध में आदेश जारी
28/08/2026

रसोइया मानदेय सितंबर 2026 से ₹1000 बढ़ा हुआ भुगतान करने के सम्बंध में आदेश जारी

8th Pay Commission: क्या है फंडेड और अनफंडेड कॉस्ट, जिसे लेकर डर रहे पेंशनर्स; छिन जाएगा NPS-UPS वालों का भी हक?बिजनेस ड...
28/08/2026

8th Pay Commission: क्या है फंडेड और अनफंडेड कॉस्ट, जिसे लेकर डर रहे पेंशनर्स; छिन जाएगा NPS-UPS वालों का भी हक?

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| आठवें वेतन आयोग को लेकर कर्मचारियों और पेंशनर्स के बीच भारी हलचल है। सबसे बड़ा बवाल टर्म ऑफ रेफरेंस (TOR) में इस्तेमाल किए गए दो शब्दों- फंडेड कॉस्ट और अनफंडेड कॉस्ट (Funded and Unfunded Cost) को लेकर मचा हुआ है।

कई कर्मचारी संगठन TOR में बदलाव की मांग कर रहे हैं।

लेकिन असली मुद्दा क्या है? क्या टर्म ऑफ रेफरेंस (8th Pay Commission Terms of Reference) में बदलाव संभव है? क्या इससे NPS और UPS वालों का भी हक छिन जाएगा? ऑल इंडिया एनपीएस इंप्लॉईज फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मंजीत सिंह पटेल ने ऐसे ही तमाम सवालों के जवाब दिए और आपके मन में उठ रहे सभी भ्रम को दूर किया। तो चलिए 4 सवालों में समझते हैं वो सबकुछ, जो जानना बहुत जरूरी है।

सवाल 1: टर्म ऑफ रेफरेंस (TOR) जारी हुए करीब 10 महीने हो गए हैं, क्या अब इसमें बदलाव संभव है?

मंजीत सिंह पटेलः देखिए, जो संगठन आज टर्म ऑफ रेफरेंस (TOR) बदलने की मांग कर रहे हैं, वे सिर्फ कर्मचारियों को गुमराह कर रहे हैं।भारत में संगठनों की एक परंपरा बन गई है- जनता को सेंसिटाइज करना। आसान शब्दों में कहें तो भावनात्मक रूप से भड़काना। नेता भी जानते हैं कि अब टर्म ऑफ रेफरेंस में कोई बदलाव नहीं हो सकता। 10 महीने बीत चुके हैं और आठवें वेतन आयोग की 70 से 75 प्रतिशत बैठकें पूरी हो चुकी हैं। जब भारत सरकार बाकायदा इसे मीडिया में जारी कर चुकी है और ये चीजें फाइनल हो चुकी हैं, तो अब बदलाव की बात करना सिर्फ राजनीति है। अगर बदलाव करवाना ही था, तो संगठनों को 10 महीने पहले ही आवाज उठानी चाहिए थी। अब इसके बारे में बात करना महज समय की बर्बादी है।

सवाल 2: पे कमीशन में फंडेड और अनफंडेड कॉस्ट का जिक्र क्यों किया है? इसका सही मतलब क्या है?

मंजीत सिंह पटेलः सबसे पहले तो इन दोनों ही शब्दों को समझना होगा।

फंडेड कॉस्ट: इसका सीधा संबंध नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) और नई यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) से है। यह एक फंड बेस्ड पॉलिसी है। इसमें कर्मचारी की बेसिक सैलरी का 10% कटता है और सरकार अपनी तरफ से इसमें अंशदान (NPS में 14% और UPS में 18.5%) डालती है। यानी इस पेंशन के लिए एक अलग से फंड तैयार किया जा रहा है।
अनफंडेड कॉस्ट: इसका मतलब है ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS)। पुरानी पेंशन योजना में कर्मचारी को अपनी पेंशन के लिए अपनी जेब से एक भी रुपया नहीं देना होता है। इसका पूरा वित्तीय बोझ सीधे सरकार के खजाने पर पड़ता है, इसलिए इसे अनफंडेड कहा गया है।
सरकार ने आठवें वेतन आयोग को यह निर्देश दिया है कि वह यह देखे कि फंडेड स्कीम पर सरकार का कितना खर्च आ रहा है और अनफंडेड स्कीम यानी ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) पर कितनी कॉस्टिंग आ रही है।

सवाल 3: तो फिर कर्मचारियों और पेंशनर्स के मन में डर किस बात का है?

मंजीत सिंह पटेलः असल में, करीब 2 साल पहले लोकसभा में एक फाइनेंस बिल लाया गया था, जिसमें एक तारीख (कटऑफ डेट) तय करके रिटायर होने वाले कर्मचारियों के बीच अंतर करने की बात कही गई थी।

सारा संशय इस बात पर है कि जो कर्मचारी 1 जनवरी 2026 (आठवें वेतन आयोग के लागू होने की संभावित तारीख) से पहले रिटायर हो जाएंगे, उनके साथ क्या होगा? अगर कोई कर्मचारी दिसंबर 2025 में NPS या UPS के तहत रिटायर होता है, तो क्या उसे 1 जनवरी 2026 से लागू होने वाले आठवें वेतन आयोग के फिटमेंट फैक्टर का फायदा मिलेगा या नहीं?"

कैलकुलेशन से समझते हैं फायदे और नुकसान का पूरा खेल

मान लीजिए, एक कर्मचारी 20 साल की नौकरी के बाद 2025 में रिटायर होता है और उसकी बेसिक सैलरी 1 लाख रुपए है। अगर वह अपना सारा फंड सरकार को दे देता है, तो UPS के तहत उसे 40% पेंशन यानी 40,000 रुपए मिलेंगे। उस समय मान लीजिए महंगाई भत्ता (DA) 60% है, तो 24,000 रुपए DA जुड़कर उसकी कुल पेंशन 64,000 रुपए हो जाएगी।

जनवरी 2026 से उसे यह पेंशन मिलने लगेगी। लेकिन अगर साल 2028 में सरकार बैक-डेट (1 जनवरी 2026) से 8वां वेतन आयोग लागू करती है और फिटमेंट फैक्टर 2.0 देती है, तो नियम के हिसाब से 40,000 की बेसिक पेंशन बढ़कर 80,000 रुपए हो जानी चाहिए। उस पर 60% DA (48,000 रुपए) और जोड़ दिया जाए, तो कुल पेंशन 1 लाख 28 हजार रुपए हो जानी चाहिए।

और यहीं फंसता है सबसे बड़ा पेंच। क्या सरकार इस नए फिटमेंट फैक्टर का फायदा NPS और UPS वालों को देगी? सरकार द्वारा फंडेड और अनफंडेड कॉस्ट का जिक्र करने का सीधा मतलब यह हो सकता है कि वह यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) वाले लोगों को पे कमीशन के दायरे से बाहर रखना चाहती है।"

सवाल 4: आठवें वेतन आयोग के ToR में असली लड़ाई किस बात की होनी चाहिए?

मंजीत सिंह पटेलः टर्म ऑफ रेफरेंस (TOR) बदलने जैसी बेमतलब की बातों पर समय बर्बाद करने के बजाय, असली लड़ाई इस बात की होनी चाहिए कि UPS और NPS के तहत रिटायर होने वाले कर्मचारियों को भी आठवें वेतन आयोग का पूरा लाभ मिले।

लड़ाई इस बात की होनी चाहिए कि जब सरकार ने उन्हें गारंटीड पेंशन दे दी है और पे कमीशन उसके बाद लागू हो रहा है, तो जीवित रिटायर कर्मचारियों को उस नए वेतन आयोग के मल्टीप्लिकेशन फैक्टर यानी फिटमेंट फैक्टर का शत-प्रतिशत फायदा मिलना ही चाहिए। दुर्भाग्य से इस सबसे अहम मुद्दे पर कोई संगठन खुलकर बात नहीं कर रहा है।"

PRASHAST 2.0 के माध्यम से विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों (CWSN) की स्क्रीनिंग / पहचान के सम्बन्ध में दिशा-निर्देश।
27/08/2026

PRASHAST 2.0 के माध्यम से विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों (CWSN) की स्क्रीनिंग / पहचान के सम्बन्ध में दिशा-निर्देश।

अन्तर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के उपलक्ष्य में 1 से 14 सितम्बर, 2026 तक उल्लास साक्षरता पखवाड़ा मनाये जाने के सम्बन्ध में...
27/08/2026

अन्तर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के उपलक्ष्य में 1 से 14 सितम्बर, 2026 तक उल्लास साक्षरता पखवाड़ा मनाये जाने के सम्बन्ध में।

CTET 2026: उम्मीदवारों के लिए बड़ी खबर, दोबारा खुला आवेदन का मौका; 1 सितंबर तक भरें फॉर्मकेंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ...
27/08/2026

CTET 2026: उम्मीदवारों के लिए बड़ी खबर, दोबारा खुला आवेदन का मौका; 1 सितंबर तक भरें फॉर्म

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी CTET 2026 के 22वें संस्करण के लिए आवेदन विंडो दोबारा खोल दी है। जो योग्य उम्मीदवार पिछली आवेदन प्रक्रिया के दौरान फॉर्म नहीं भर सके थे, वे अब एक और मौका मिलने पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

आवेदन की अंतिम तारीख 1 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है।CBSE ने 25 अगस्त को जारी नोटिस में स्पष्ट किया कि दोबारा खोली गई आवेदन विंडो केवल उन योग्य अभ्यर्थियों के लिए है, जो पहले आवेदन नहीं कर पाए थे। जिन उम्मीदवारों ने पहले ही सफलतापूर्वक आवेदन जमा कर दिया है, उन्हें दोबारा आवेदन करने की आवश्यकता नहीं है।

1 सितंबर तक भर सकते हैं आवेदन

CTET 2026 के लिए दोबारा आवेदन की प्रक्रिया 25 अगस्त 2026 से शुरू हो चुकी है। उम्मीदवार 1 सितंबर तक अपना आवेदन ऑनलाइन जमा कर सकते हैं।इससे पहले CTET के 22वें संस्करण के लिए आवेदन प्रक्रिया 11 मई से 10 जून 2026 तक चली थी। उस दौरान आवेदन करने से चूक गए योग्य अभ्यर्थियों को अब CBSE ने अतिरिक्त अवसर दिया है।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद लिया गया फैसला

CBSE ने आवेदन प्रक्रिया दोबारा शुरू करने का निर्णय सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मद्देनजर लिया है। बोर्ड के अनुसार, योग्य शिक्षकों को निर्धारित शिक्षक पात्रता परीक्षा की योग्यता पूरी करने के लिए उचित अवसर दिया जाना चाहिए।इसी को ध्यान में रखते हुए CBSE ने उन सभी पात्र उम्मीदवारों के लिए आवेदन पोर्टल फिर से खोलने का फैसला किया है, जो पिछली प्रक्रिया में फॉर्म नहीं भर सके थे।

पहले आवेदन कर चुके उम्मीदवार ध्यान दें

अगर आपने CTET 2026 के लिए पहले ही आवेदन सफलतापूर्वक जमा कर दिया है, तो आपको दोबारा रजिस्ट्रेशन करने की जरूरत नहीं है।दोबारा खोली गई विंडो का लाभ केवल उन योग्य उम्मीदवारों को मिलेगा, जिन्होंने पिछली आवेदन प्रक्रिया में अपना फॉर्म जमा नहीं किया था।

CTET 2026 की परीक्षा कब होगी?

CBSE ने अभी CTET के 22वें संस्करण की नई परीक्षा तारीख घोषित नहीं की है। बोर्ड के मुताबिक, आवेदन की दोबारा खोली गई विंडो 1 सितंबर को बंद होने के बाद संशोधित परीक्षा कार्यक्रम जारी किया जाएगा।इसलिए नए सिरे से आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को परीक्षा की तारीख और अन्य जरूरी अपडेट के लिए CBSE की आधिकारिक वेबसाइट पर नजर रखनी चाहिए।

अब तक 21 बार हो चुकी है CTET परीक्षा

CBSE अब तक CTET के 21 संस्करण आयोजित कर चुका है। 21वें CTET का रिजल्ट 30 मार्च 2026 को जारी किया गया था। अब 22वें संस्करण के लिए आवेदन प्रक्रिया को दोबारा शुरू किया गया है।

CTET 2026 के लिए ऐसे करें आवेदन
सबसे पहले CTET की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
होम पेज पर CTET 2026 से संबंधित आवेदन लिंक खोलें।
नए उम्मीदवार रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी करें।
इसके बाद अपनी व्यक्तिगत और शैक्षणिक जानकारी दर्ज करें।
जरूरी दस्तावेज और अन्य जानकारी निर्धारित तरीके से भरें।
आवेदन फॉर्म को सबमिट करने से पहले सभी विवरण अच्छी तरह जांच लें।
फॉर्म जमा करने के बाद भविष्य के लिए उसका प्रिंटआउट या डाउनलोड कॉपी सुरक्षित रख लें।

ध्यान रखें: आवेदन की अंतिम तारीख 1 सितंबर 2026 है, इसलिए उम्मीदवार आखिरी समय का इंतजार करने के बजाय जल्द से जल्द फॉर्म भर लें।

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Fatehpur
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