30/05/2026
मैं गाजियाबाद हूँ — आपका अपना शहर
आज का संदेश
हर पीढ़ी को दो विरासतें मिलती हैं—
एक अपने पूर्वजों से और दूसरी अपने शहर से।
पूर्वज हमें संस्कार देते हैं,
और शहर हमें अवसर देता है।
इसलिए हमारा भी कर्तव्य है कि हम आने वाली पीढ़ियों को
एक बेहतर, स्वच्छ, सुरक्षित और व्यवस्थित शहर सौंपें।
आज हम जो सड़क, पार्क, जल स्रोत, पेड़-पौधे और सार्वजनिक सुविधाएँ बचाएँगे,
वही कल हमारे बच्चों की धरोहर बनेंगी।
विकास का अर्थ केवल नया निर्माण नहीं,
बल्कि जो अच्छा है उसका संरक्षण भी है।
आइए संकल्प लें कि हम गाजियाबाद को केवल अपने लिए नहीं,
बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी बेहतर बनाएँगे।
आज का कार्य, कल की विरासत बनता है।
आओ कुछ रचनात्मक करें, व्यवस्था से जुड़ें।