13/06/2018
अब डाकघरों में इंडिया पोस्ट पेमेंट (आईपीपी) बैंक खुलेंगे। इनमें कोई भी एक लाख तक के बचत खाते खोल सकता है। न्यूनतम बैलेंस की कोई सीमा नहीं होगी तथा जिस तरह से बैंकों को सुविधा मिलती है, ठीक उसी तरह से सभी प्रकार की सुविधाएं मिलेंगी। इन्हें केवल लोन आदि देने का अधिकार नहीं होगा।
प्रधान डाकघर गोलघर में इसका निर्माण पूरा हो चुका है। इसी महीने इसे शुरू किए जाने की तिथि का एलान होगा। अगले चरण में पोस्टल जोन के शेष बचे अन्य 12 जिला मुख्यालय स्थित प्रधान डाकघरों में इनका निर्माण किया जाएगा। इसी वर्ष इन्हें भी शुरू करने की योजना है। गोरखपुर प्रधान डाकघर गोलघर का आईपीपी बैंक, एरिया मुख्यालय होगा। यहां दो मैनेजर के अलावा चार अन्य स्टाफ रखे जाएंगे।
शेष जिला मुख्यालयों पर कम से कम तीन स्टाफ की नियुक्तियां होंगी। विभागीय सूत्रों के अनुसार आईपीपी बैंक के लिए पहले चरण में रखे जाने वाले स्टाफ का चयन कर ट्रेनिंग कराई जा चुकी है। जल्द ही इन्हें पहले चरण में खुल रहे आईपीपी बैंकों पर तैनात कर दिया जाएगा। डाकघरों में पहले से सावधि जमा व खाते आदि खोलने के काम होते हैं। अब एक अलग विंग पूरी तरह से बैंकिंग सुविधा भी देगा।
प्रवर अधीक्षक डाक डीबी त्रिपाठी ने बताया कि प्रधान डाकघर से जुड़े गांव-गांव के डाकघर इसकी सुविधाएं ग्रामीणों तक पहुंचाएंगे। डाक विभाग के कर्मचारी हर गांव से जुड़े हैं, उन्हीं के जरिए यह सुविधा गांव के लोगों तक पहुंचाई जाएगी। उन्होंने बताया कि 15 जून के बाद इसे शुरू करने की तिथि का एलान हो सकता है।
प्रधान डाकघर के सहायक निदेशक आरएस शर्मा ने बताया कि अगले चरण में जोन के देवरिया, महराजगंज, सिद्धार्थनगर, बस्ती, कुशीनगर, संत कबीरनगर, गोंडा, बलरामपुर, बहराइच, श्रावस्ती, आजमगढ़ व मऊ स्थित प्रधान डाकघर मुख्यालयों में भी आईपीपी बैंक का निर्माण कराया जाना है। इनमें बैंकों की तरह ही टेलर काउंटर व केबिन होंगे। खाताधारकों को बैंकों वाली एटीएम कार्ड, सभी डिजिटल सुविधाएं व एसएमएस आदि की सुविधाएं नि:शुल्क मिलेंगी। जबकि बैंक इन सुविधाओं के लिए कुछ शुल्क लेते हैं।
ग्रामीण शाखाओं के जरिए सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों तक लाभ पहुंचाने का लक्ष्य
डाकघर से जुड़े सूत्रों ने बताया कि भविष्य में सरकार की योजना आईपीपी बैंकों के जरिए ही सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों तक सभी योजनाओं का लाभ पहुंचाने की है