02/09/2026
डॉ बृजेश महादेव की "प्रणय पुंजिका" का हुआ विमोचन।
राष्ट्रीय संचेतना समिति सोनभद्र के तत्वावधान में 19 अगस्त, बुधवार को नगर पालिका परिषद सोनभद्र के सभागार में तुलसी जयंती, सम्मान समारोह एवं पुस्तक विमोचन कार्यक्रम का आयोजन हुआ। समारोह की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार पं. पारस नाथ मिश्र ने की।
समारोह में डॉ. बृजेश महादेव, शिक्षक एवं साहित्यकार सोनभद्र की पुस्तक "प्रणय पुंजिका" का विमोचन अतिथियों द्वारा किया गया। डॉ बृजेश महादेव ने बताया कि प्रणय पुंजिका में अपने अंतःकरण की प्रणय को पंक्तिबद्ध किया है, जो विभिन्न रूपों में है। तुलसी जयंती के अवसर पर उन्होंने कहा कि गोस्वामी तुलसीदास भी प्रणयी थे। एक तूफानी रात में पत्नी रत्नावली के प्रेम में वशीभूत होकर उफनती नदी पार करने के लिए बहते हुए शव को नाव और सांप को रस्सी समझकर पत्नी के कमरे की खिड़की तक चढ़ गए थे। प्रणय पुंजिका भी ऐसे ही अंतरमन को दर्शाती है
रामचरितमानस में भी तुलसीदास ने लिखा है कि रामहि केवल प्रेमु पिआरा। जानि लेउ जो जान निहारा॥ अर्थात श्री राम को केवल सच्चा प्रेम ही प्यारा है। जो इस बात को समझना चाहता है, वह इसे अच्छी तरह जान ले पौराणिक ग्रंथों में भी प्रणय का महत्वपूर्ण स्थान है। यह स्वाभाविक है और हर इंसान में विद्यमान रहता है।
कार्यक्रम में डॉ. प्रदीप कुमार मिश्र, डॉ. रचना तिवारी डॉ. मनकामना शुक्ल ‘पथिक’, शिव नारायण ‘शिव’ को सम्मान प्रदान किया गया। मुख्य अतिथि सदर विधायक श्री भूपेश चौबे तथा विशिष्ट अतिथि श्रीमती रूबी प्रसाद, अध्यक्ष आदर्श नगर पालिका परिषद सोनभद्र नामित रहीं। कार्यक्रम के संयोजक जगदीश पंथी जी, समिति के अध्यक्ष रमेश देव पाण्डेय जी एडवोकेट एवं महामंत्री आशुतोष मुन्ना जी, दीपक कुमार केशरवानी जी, अमरनाथ अज्ञेय जी एवं उपस्थित सभी विद्वजनों का बहुत-बहुत धन्यवाद।