SDM Ghumarwin

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01/10/2024
19/04/2024

संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा के घोषित परिणाम में घुमारवीं उपमण्डल के दो होनहारों ने प्रतिष्ठित परीक्षा में सफलता हासिल की है ।
श्री आर्यन शर्मा पुत्र श्री अश्वनी शर्मा निवासी गांव पलासला, डाकघर कपाहड़ा तहसील घुमारवीं जिला बिलासपुर हि0प्र0 ।
श्री विनय कुमार पुत्र श्री जे.आर. भारद्वाज निवासी गांव पदोडी तहसील घुमारवीं जिला बिलासपुर हि0प्र0 ।
इन दोनों को परिवार सहित बहुत-बहुत बधाई । आप दोनों सभी इच्छुक अभियार्थियों के लिए प्रेरणा का स्त्रोत है

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17/06/2023

I got 9 reactions and 136 replies on my recent top post! Thank you all for your continued support. I could not have done it without you. 🙏🤗🎉

17/04/2023
17/04/2023

सरयून का किला
मुहम्मद गौरी के आक्रमण के समय बना ....
कहलूर नरेश पृथ्वी चंद (1162-1197 ई.) ने बाहरी हमलों से बचने हेतु करवाया था इस किले का निर्माण....
दिल्ली की गद्दी पर जब महा प्रतापी शूरवीर राजा पृथ्वी राज चौहान विराजमान था तब विदेशी हमलावर मुहम्मद गौरी ने हमारे देश पर आक्रमण कर दिया । पृथ्वीराज चौहान ने उसे थानेश्वर के निकट तरावड़ी के मैदान में लड़ाई में पराजित करके भगा दिया । लेकिन वर्ष 1192 में उसी मैदान में भारतीय राजाओं की आपसी फूट के कारण पृथ्वीराज चौहान को मुहम्मद गौरी ने हरा दिया
था । उस दौरान कहलूर के राजा पृथ्वी चंद ने अपने राज्य की सुरक्षा के लिए सरयून के किले का निर्माण करवाया था । बिलासपुर के गज़ेटियर में बताया गया है कि यह किला समुंद्र से लगभग डेढ़ हजार मीटर उंचाई पर बना था । अब तो इसके खंडहर ही शेष हैं । कभी यह बारह मीटर के करीब ऊंचा था । जिसकी दिवारें ही एक एक मीटर चौड़ी थीं । कभी किले में पंद्रह बड़े बड़े कमरे हुआ करते थे । रख रखाव के बिना किला ढ़ह गया लेकिन इसके तराशे हुए बड़े बड़े पत्थर आज भी किले का अतीत ब्यान करते हैं । तयून के किले में रियायत काल में अपराधियों को कैद करके रखा जाता था । राजा अमरचंद (1883-1889 ई. ) के समय कहलूर रियासत में बहुत बड़ा जुग्गा आंदोलन हुआ था । जिसमें राजा से नाराज ब्राह्मण परिवार अपने गांव के बाहर जुग्गा बनाकर 6 महीने तक अपनी समस्या का समाधान करने का इंतजार करते और उसके बाद जल जाया करते थे । गेहड़वीं में हुए जुग्गा आंदोलन में भी लोगों ने गुस्से में आकर तहसीलदार निरंजन सिंह को गोली मार दी थी । उसका शव घसीट कर जुग्गे में जला दिया था । यह गोली गुलाबा राम नड्डा ने मारी थी । उसे बाद में राजा ने सरयून के किले में 6 साल के लिए कैद में डाल दिया था । उस जुग्गा आंदोलन के लिए वजीर मियां कहान सिंह को जिम्मेदार ठहरा कर उसे भी कैद कर लिया था और उस पर ₹10,000 जुर्माना लगाया गया था । रियासत काल में बने हर किले में मंदिर होता था । सरयून के किले में भी था । लेकिन अब सब कुछ नष्ट हो गया है ।

14/04/2023

Big shout out to my newest top fans! 💎

Raj Kumar Thakur, Keshav Ram, Mintu Nadda, Sushil Mehta, Sonu Thakur

https://youtu.be/cKEdZUSm5IY
13/04/2023

https://youtu.be/cKEdZUSm5IY

कहलूर क्वीन प्रतियोगिता ग्रीष्मोत्सव का आकर्षण I

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