17/02/2026
RTI कार्यकर्ता अजय बसुदेव बोस जी की RTI से बड़ा खुलासा — दावोस 2026 खर्च का सच सामने
सूचना के अधिकार (RTI) कार्यकर्ता अजय बसुदेव बोस जी द्वारा दायर आवेदन पर Embassy of India, Bern (Switzerland) ने खुलासा किया है कि जनवरी 2026 में World Economic Forum (Davos) में शामिल भारतीय मंत्रियों के दौरे पर अब तक लगभग ₹2.45 करोड़ खर्च किए गए।
दिए गए आंकड़ों के अनुसार:
₹1,27,33,410 — होटल व्यवस्था
₹2,71,593 — दैनिक भत्ता
₹1,15,47,565 — परिवहन व्यवस्था
अन्य मद — शून्य
यह केवल स्विट्ज़रलैंड स्थित भारतीय दूतावास का खर्च है। इसमें भारत सरकार, राज्य सरकारों, मंत्रालयों, अधिकारियों और हवाई यात्रा का खर्च शामिल नहीं है। यानी वास्तविक कुल खर्च इससे कहीं अधिक हो सकता है।
RTI में सांसदों की जानकारी भी मांगी गई थी, लेकिन वह उपलब्ध नहीं कराई गई — जिससे सूचना अधूरी होने का सवाल भी उठता है।
यह खुलासा एक महत्वपूर्ण सवाल खड़ा करता है:
क्या विदेशी दौरों पर खर्च किए गए जनता के पैसे का पूरा हिसाब सार्वजनिक होना चाहिए?
क्या ऐसे आयोजनों से देश को हुए वास्तविक लाभ का कोई सार्वजनिक मूल्यांकन है?
RTI लोकतंत्र का सबसे मजबूत हथियार है — और यह मामला पारदर्शिता की जरूरत को फिर सामने लाता है।
आपकी क्या राय है?