03/07/2024
दुखद समाचार
हाथरस में भोले बाबा के सत्संग में करीब 100 लोगों की मौत।
जैसे दलित राजनीति में जागृति हुई, अधिकारों की बात शुरू हुई,
एक बाबा की खोज हुई
भोले बाबा
उसकी कोई संतान नहीं।
नौकरी छोड़कर भगवान बन गया।
उसके भक्त,99.99% जाटव चमार।
क्यों कि बाबा भी एटा का जाटव है।
बाबा भीमराव अम्बेडकर को भूलकर, चमारों की भीड़, चमत्कार और भाग्य के चक्कर में बाबा के सत्संग में जाने लगी।
हमारे लोग असली बाबा को छोड़,नकली बाबा की शरण में चले गए।
आज जो हादसा हुआ, उसके पीछे कौन है, ये कभी पता नहीं चलेगा।
लेकिन काल के गाल में समाने वाले जाटव ही होंगे।