04/09/2026
नदी के तेज बहाव में फंसी बेजुबान जिंदगी… रात के अंधेरे में नहीं थमी उम्मीद, सुबह चमोली पुलिस ने किया सुरक्षित रेस्क्यू
“जान इंसान की हो या बेजुबान की, हर जिंदगी अनमोल है।”
कल देर रात स्थानीय निवासियों ने थाना नन्दानगर पुलिस को सूचना दी कि कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय नन्दानगर के नीचे नन्दाकिनी नदी के तेज और उफनते बहाव के बीच एक गाय फंसी हुई है। नदी का बहाव बेहद तेज था और चारों ओर घना अंधेरा होने के कारण मौके की स्थिति बेहद चुनौतीपूर्ण थी।
सूचना मिलते ही थाना नन्दानगर पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और गाय को सुरक्षित बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन रात के अंधेरे में तेज बहाव के बीच रेस्क्यू करना टीम के लिए भी जानलेवा साबित हो सकता था। ऐसे में सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन को सुबह तक रोकना पड़ा।
लेकिन रात भर टीम की नजर उस बेजुबान जिंदगी पर बनी रही।
सुबह होते ही एक बार फिर रेस्क्यू की तैयारी शुरू हुई। थाना नन्दानगर पुलिस, डीडीआरएफ एवं नगर पंचायत नन्दानगर की संयुक्त टीम पूरी तैयारी के साथ मौके पर पहुंची। नदी का पानी अब भी तेज वेग से बह रहा था, लेकिन टीम के हौसले बुलंद थे।
रस्सियों की मदद से टीम ने बेहद सावधानीपूर्वक तेज बहाव के बीच पहुंचकर फंसी हुई गाय को सुरक्षित बाहर निकालने का अभियान शुरू किया। हर कदम पर जोखिम था, लेकिन टीम के जवान लगातार आगे बढ़ते रहे। आखिरकार काफी मशक्कत के बाद गाय को सुरक्षित नदी से बाहर निकाल लिया गया।
रेस्क्यू के बाद जब गाय सुरक्षित जमीन पर पहुंची, तो यह केवल एक सफल रेस्क्यू नहीं था, बल्कि मानवता और संवेदनशीलता की एक खूबसूरत मिसाल भी थी।
जिस बेजुबान के पास अपनी परेशानी बताने के लिए शब्द नहीं थे, उसकी परेशानी को स्थानीय लोगों ने महसूस किया और चमोली पुलिस व रेस्क्यू टीम ने उसे अपना फर्ज समझकर निभाया।