07/10/2025
यदि इस झुठी और आभासी दुनिया से थक और हार जाना तो रूख़ और मुंख मोड़ कर आ जाना मेरे छांव में मैं नहीं ठुकराऊंगा तुम्हें क्यों की मैं तो सिर्फ मैं ही हूं न तुम्हारा मुल हूं मैं इस लिए जों मुल होता है वों मूल ही होता है वों कोई और नहीं होता
इस लिए तुम याद करो कल भी मैं ही हूं आज भी मैं ही हूं तुम्हें मुझे नहीं पहचानते हो मगर मैं तुम से रूबरू हूं क्योंकि तुम बने ही मुझसे ही हों यें सब मैं इस लिए कह रहा हूं क्योंकि की तुम मुझे अपने ही भौतिक विलासिता और नित्य भोग में मुझे भूल गए हों मैं मट्टी हूं मट्टी जिससे बनें हों तुम
मिट्टी बचाओ आंदोलन
Food and Agriculture Organization of the United Nations (FAO)