31/07/2026
मैं नमाज़ नहीं पढ़ता, रोज़ा नहीं रखता....
इरफान बाबू पीछे पीछे दौड़ते कैमरे के सामने सोच समझकर बोलो नहीं तो..... पानी के बुलबुले की तरह ग़ायब हो जाओगे ...सोशल मीडिया संसेशनल का हमेशा यही अंजाम हुआ है।
पीपली लाइव के नत्था की तरह...
जंतर-मंतर पर एक मीडिया समूह को दिए इंटरव्यू के बाद वायरल हुए रेहड़ी पटरी पर बर्फ बेचने वाले इरफान बाबू अब हवा में उड़ रहें हैं....
तमाम लोग उनके क्लिप वायरल कर रहें हैं, यहां तक कि राहुल गांधी तो उनके घर भी गये... तमाम यूट्यूबर्स उनसे इंटरव्यू और पाॉडकोस्ट के लिए लिए उनके पीछे-पीछे भाग रहे हैं।
मैंने इन पर कुछ नहीं लिखा, मुझे यह खटक रहे थे।
अचानक मिली सफ़लता लोगों का दिमाग ख़राब कर देती हैं... ना जाने कितने वायरल हुए गायब हो गए..मीडिया स्टूडियो की चकाचौंध में इरफान के साथ भी यही हो रहा है...
अरे भाई संविधान की प्रस्तावना पढ़ कर और व्याख्या कर के वायरल हुए हो , उसी पर टिके रहो , सामाजिक न्याय की बात करके , सिस्टम की खामियां बताकर वायरल हुए हो उसी पर टिके रहो....
बिलावजह बीच में नमाज़ रोज़ा क्यों ला रहे हो..?
दरअसल इरफान बाबू अब "रोज़ा नमाज़" तक टिप्पणी करने लगे "ना मैं नमाज़ पढ़ता हूं ना मैं रोज़ा रखता हूं, यह मामला मेरे और अल्लाह के बीच का है तीसरे का क्या काम ?"... (वीडियो कमेंट बॉक्स में है )
बात तो सही है, मगर इरफान बाबू फिर चुप ही रहना था, आप और अल्लाह के बीच मामला तब रह जाता, आपने तो अब मीडिया में बयान देकर इसे सार्वजनिक कर दिया...
तो सुनो, नमाज़ और रोज़ा इस्लाम के पांच स्तंभों में है , अगर तुम इससे सार्वजनिक रूप से इंकार कर रहे हो तो ज़रा अपना इमान टटोलो..... बाकी जयश्री कृष्णा बोलो या जयश्री राम यह तुम्हारा मामला है......कोई तीसरा नहीं आएगा...
यह सही है कि पूरी दुनिया का हर एक मुसलमान ज़रूरी नहीं कि मुस्तैदी से नमाज़ पढ़ता हो और रोज़ा रहता हो.... मगर मुंह फाड़कर यह कोई नहीं कहता... हिन्दू भी नहीं कहता....कि वह कैसे अपना दैनिक धर्म कर्म करता है।
सैयद शाहनवाज हुसैन, मुख्तार अब्बास नकवी, सैयद ज़फ़र इस्लाम, मोहसिन नक़वी यहां तक कि फ़ैज़ खान भी ऐसा नहीं कहता।
इसलिए इरफान बाबू को सलाह है कि लोकप्रियता को कैश कराने के लिए चापलूसी की हद तक मत जाओ कि कल दोनों हाथ खाली हो जाएं।
बस सुझाव दिया है ।