03/03/2026
मध्यप्रदेश “घोटालों का प्रदेश” बन गया है।
पहले मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल द्वारा आयोजित पटवारी भर्ती परीक्षा में ग्वालियर के एक ही सेंटर से टॉपर निकलने पर गंभीर सवाल खड़े हुए थे। जांच की बात हुई, लेकिन रिपोर्ट आज तक सार्वजनिक नहीं की गई।
अब आबकारी आरक्षक भर्ती परीक्षा में रतलाम से टॉपर निकलने की खबरों ने फिर से पारदर्शिता पर प्रश्नचिन्ह लगा दिया है।
आखिर युवाओं के भविष्य के साथ यह खिलवाड़ कब तक चलेगा?
मेहनत करने वाले लाखों अभ्यर्थियों के साथ न्याय कब होगा?
पारदर्शिता और जवाबदेही आखिर कब तय होगी?
प्रदेश के युवाओं को स्पष्ट और निष्पक्ष उत्तर चाहिए।