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18/08/2026
16/08/2026

विकास, नवाचार और जनकल्याण की कहानी समेटे है ‘बदलते दौर का मध्यप्रदेश’

जनसंपर्क विभाग की विकास पुस्तिका

देश और प्रदेश में हुए विकास और नवाचारों पर केन्द्रित एक विकास पुस्तिका “बदलते दौर का मध्यप्रदेश” प्रदेश के जनसंपर्क विभाग द्वारा प्रकाशित की गई है। प्रदेश के प्रत्येक जिले के लिये प्रकाशित की गई पृथक-पृथक पुस्तिका में प्रदेश और देश में हुए विकास कार्यों को प्रदर्शित किया गया है। जनसंपर्क विभाग द्वारा प्रकाशित की गई विकास गाथा की यह पुस्तिका जिले के साथ-साथ प्रदेश में हुए विकास को भी प्रदर्शित कर रही है।
ग्वालियर जिले की विकास पुस्तिका स्वतंत्रता दिवस समारोह के मुख्य समारोह में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को उपलब्ध कराई गई। मध्यप्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर के मुख्य आतिथ्य में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में जनसंपर्क विभाग द्वारा प्रकाशित “बदलते दौर का मध्यप्रदेश” पुस्तिका भी आमजनों के लिये आकर्षण का केन्द्र बनी।
ग्वालियर जिले के विकास कार्यों और नवाचारों पर केन्द्रित इस पुस्तिका में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सरकार द्वारा विकास के लिये क्रियान्वित की जा रही विभिन्न परियोजनाओं के साथ-साथ शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं और कार्यक्रमों के क्रियान्वयन पर केन्द्रित की गई है। इसके साथ ही ग्वालियर जिले में आम जनों के हितार्थ किए गए नवाचारों को भी इस पुस्तिका में शामिल किया गया है। ग्वालियर जिले में महिला सशक्तिकरण के लिये कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान की पहल पर लागू की गई “शक्ति दीदी” पहल, स्कूली छात्र-छात्राओं को बेहतर सुविधायें उपलब्ध कराने के लिये संचालित शिक्षा मित्र योजना, अग्नि सुरक्षा के लिये किए गए नवाचार “अग्नि सुरक्षा मेला”, छात्र-छात्राओं को उचित मूल्य पर पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध कराने के लिये लगाए गए पुस्तक मेले के साथ-साथ शहर विकास की सभी प्रमुख योजनाओं को भी इस पुस्तिका में शामिल किया गया है।
जनसंपर्क विभाग ग्वालियर द्वारा यह पुस्तिका न केवल जिले के जनप्रतिनिधियों, विभागीय अधिकारियों, प्रिंट एवं इलेक्ट्रोनिक मीडिया के साथियों बल्कि आमजनों को भी उपलब्ध कराई जा रही है। यह पुस्तिका आमजनों को शासन की योजनाओं एवं शहर में किए गए विकास कार्यों की जानकारी देने के लिये एक महत्वपूर्ण पुस्तिका है।

Collector Office Gwalior
CM Madhya Pradesh

15/08/2026

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में लाल परेड मैदान, भोपाल में आयोजित 'राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह'

ग्वालियर टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन के लिये मुम्बई में प्राप्त हुये 1550 करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव : मुख्यमंत्री डॉ...
04/08/2026

ग्वालियर टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन के लिये मुम्बई में प्राप्त हुये 1550 करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुम्बई में ग्वालियर टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन बना निवेशकों के लिये आकर्षण का केन्द्र

विश्वस्तरीय टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग हब बनेगा ग्वालियर

उद्योग-अनुकूल नीति-नियमों से मध्यप्रदेश में आ रहा निरंतर निवेश

मध्यप्रदेश आइए, औद्योगिक विकास की नई यात्रा के सहभागी बनिए

टेलीकॉम मेन्यूफेक्चरिंग जोन ग्वालियर के लिए मुंबई में इन्वेस्टर राउंड टेबिल मीटिंग में दिग्गज उद्योगपति एवं निवेशकों ने की सहभागिता

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार और प्रदेश सरकार ने मिलकर ग्वालियर में टेलीकॉम मैन्यूफैक्चरिंग जोन स्थापित किया है। गत ढाई वर्ष में राज्य सरकार की उद्योग अनुकूल नीतियों- नियमों के कारण मध्यप्रदेश में लगभग हर क्षेत्र में अभूतपूर्व निवेश प्राप्त हुआ है। यह क्रम निरंतर जारी है। पिछले ढाई वर्षों में राज्य सरकार ने उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिये अनेक निवेश अनुकूल और आकर्षक नीतियां लागू की हैं। इन नीतियों से मध्यप्रदेश को देश-विदेश के निवेशकों का अभूतपूर्व विश्वास प्राप्त हुआ है और बड़े पैमाने पर निवेश प्रस्ताव मिले हैं। उन्होंने कहा कि उद्योग जगत का यह विश्वास प्रदेश की पारदर्शी नीतियों और सुशासन का सबसे बड़ा प्रमाण है। मध्यप्रदेश सभी सेक्टर्स में तेजी के साथ आगे बढ़ रहा है। देश-दुनिया के निवेशकों का भरोसा हमारे साथ है। भारत और दुनिया की सबसे सस्ती बिजली मध्यप्रदेश में मिलती है। औद्योगिक क्षेत्र के विकास के लिए कौशल युक्त श्रमिक मध्यप्रदेश में उपलब्ध हैं। अगर रोजगार आधारित उद्योग शुरू किये जाएं तो सरकार 5 से 10 वर्ष तक वेतन में भी सहयोग प्रदान करती है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को मुम्बई में टेलीकॉम मैन्युफेक्चरिंग जोन, ग्वालियर में उद्योगपति और निवेशकों को आमंत्रित करने के लिये आयोजित राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि 'मेक इन एमपी' और 'फेथ इन एमपी' के विश्वास पर पिछले दिनों दिल्ली में हुई पहली राउंड टेबल मीटिंग में 3 हजार 500 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिले, जिसके फलस्वरूप 14 हजार लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। यह केंद्र और राज्य सरकार के साथ पहली इन्वेस्टर राउंड टेबल मिटिंग थी, जिसमें अभूतपूर्व सफलता मिली। मध्यप्रदेश सरकार ने देश के अलग-अलग शहरों में निवेश आकर्षित करने के लिए रोड-शो आयोजित किए हैं। मध्यप्रदेश सभी औद्योगिक घरानों और निवेशकों को आकर्षित कर रहा है। एक बार जो यहां आकर व्यापार-व्यवसाय करता है, यहां की निवेश उन्मुख सुविधाओं और शासन-प्रशासन की सुविधाओं से प्रभावित होकर मध्यप्रदेश का ही बनकर रह जाता है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का दिल है, पूर्व-पश्चिम-उत्तर-दक्षिण कोई किसी भी दिशा में जाएं, मध्यप्रदेश से जरूर गुजरता है। मध्यप्रदेश की कानून व्यवस्था सबसे बेहतर है। यहां श्रमिकों की समस्या नहीं है। भोपाल में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की सफलता के बाद अगले वर्ष फिर जीआईएस-2027 का आयोजन होने जा रहा है। नर्मदापुरम जिले में बाबई-मोहासा में इलेक्ट्रिकल उपकरण पार्क में भूमि-पूजन के दिन ही 1000 एकड़ क्षेत्र में भूखंड आवंटित हो गए। धार जिले में विकसित हो रहा पीएम मित्र पार्क, टेक्सटाइल सेक्टर का देश का सबसे बड़ा क्लस्टर है। यहां भी भूमि-पूजन के होते ही सभी भूखंड आवंटित हो गए। लगभग 170 एकड़ क्षेत्र में प्लग एंड प्ले मॉडल पर विकसित किये जाना वाला टेलीकॉम मैन्यूफैक्चरिंग जोन देश का पहला इंटीग्रेटेड टेलीकॉम टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम बनकर उभरेगा। यह महत्वाकांक्षी परियोजना दूरसंचार विनिर्माण, अनुसंधान, डिजाइन, टेस्टिंग एवं इनोवेशन को एक ही परिसर में विकसित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्वालियर में टेलीकॉम मैन्यूफैक्चरिंग जोन एक नई और विशेष सौगात है, जो नई दिल्ली-एनसीआर से ज्यादा दूर नहीं है। ग्वालियर शहर को सिंधिया राजघराने का भी सहयोग मिलता रहा है। बदलते दौर में राज्यों के बीच सौहार्द्रपूर्ण संबंध बनाते हुए मध्यप्रदेश ने नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। तीन राज्यों के साथ नदी जोड़ो परियोजना के अनुबंध करके जल प्रबंधन के कार्य किए जा रहे हैं। राजस्थान के साथ करीब 40 साल पुराने जल बंटवारे के विवाद को आपसी सहमति से हल करते हुए पार्वती-कालीसिंध-चंबल परियोजना पर हम आगे बढ़ रहे हैं। मध्यप्रदेश सरकार सभी क्षेत्रों में भारत सरकार के सहयोग से कार्य करते हुए प्रदेश के तीव्र विकास के लिए कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज मध्यप्रदेश में एमएसएमई, विनिर्माण, इंजीनियरिंग, रक्षा उत्पादन, टेक्सटाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स सहित अनेक क्षेत्रों में तेज़ी से निवेश बढ़ रहा है। ‘मेक इन एमपी’ और ‘मेड इन एमपी’ जैसे अभियान उद्योग जगत का व्यापक विश्वास अर्जित करने में सफल रहे हैं। दिल्ली में आयोजित पहले राउंड टेबल मीटिंग सहित विभिन्न निवेशक बैठकों और रोड-शो के माध्यम से प्रदेश को बड़े पैमाने पर निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिससे बड़ी संख्या में रोजगार सृजन की संभावनाएं बनी हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की सबसे बड़ी विशेषता केवल उसकी भौगोलिक स्थिति नहीं, बल्कि निवेशकों के प्रति सरकार की साझेदारी की भावना है। राज्य सरकार उद्योगों को केवल स्थापित नहीं कराती, बल्कि उनके दीर्घकालिक विकास और विस्तार में भी सहभागी बनती है। यही कारण है कि प्रदेश के औद्योगिक पार्कों और क्लस्टर्स को निवेशकों का लगातार उत्कृष्ट प्रतिसाद मिल रहा है। साथ ही भूमि आवंटन और परियोजनाओं के क्रियान्वयन में उल्लेखनीय गति आई है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्वालियर टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन दूरसंचार उद्योग के लिए आधुनिक अधोसंरचना, बेहतर आपूर्ति श्रृंखला और वैश्विक स्तर की विनिर्माण सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। इससे निवेश और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा भारत की डिजिटल और औद्योगिक प्रगति को नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योगपतियों से आग्रह किया कि वे मध्यप्रदेश को अपने उद्योगों के विस्तार का विश्वसनीय भागीदार बनाएं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मध्यप्रदेश में निवेश करने का यही सबसे उपयुक्त समय है। मध्यप्रदेश आइए, हमारे विकास के सहभागी बनिए और विकसित भारत के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाइए।

ग्वालियर टीएमजेड में कम्पनियों का निवेश

कंपनी का नाम

सम्भावित निवेश (करोड़ रु में)

संभावित रोज़गार

एम. वी. इलेक्ट्रोसिस्टम्स

700

1500

अनंत सिस्टम्स

400

500

स्टरलाइट टेक्नोलॉजीज़ लिमिटेड

200

1200

वी एन टी

150

-

टेसकॉम

100

400

कुल

1550

3600

मुख्यमंत्री ने वेलस्पन वर्ल्ड के चेयरमैन श्री बी.के. गोयनका से भेंट कर केन-बेतवा परियोजना से जुड़े विभिन्न आयामों एवं संभावित औद्योगिक अवसरों पर विचार-विमर्श किया। साथ ही यूमेडिका लेबोरेट्रीज प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक श्री प्रतीक कोठारी के साथ बैठक में कंपनी द्वारा पीथमपुर एसईजेड में फार्मास्यूटिकल निर्माण सुविधा स्थापित करने के लिये लगभग 350 से 500 करोड़ रूपये के प्रस्तावित निवेश पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने परियोजना के सफल क्रियान्वयन के लिए राज्य सरकार की ओर से पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने KRYFS Power Components Ltd. के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं प्रबंध निदेशक श्री सैफुद्दीन कुरैशी से भेंट कर कंपनी की निवेश एवं विस्तार योजनाओं पर विस्तृत चर्चा की। इस दौरान बताया गया कि कंपनी को सीहोर में भूमि आवंटित की जा चुकी है तथा कंपनी द्वारा वहां ट्रांसफॉर्मर कंपोनेंट्स निर्माण इकाई की स्थापना के लिये लगभग 1000 करोड़ रूपये के निवेश की प्रतिबद्धता व्यक्त की गई। प्रस्तावित परियोजना के माध्यम से 2,000 से अधिक रोजगार अवसरों के सृजन की संभावना है। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री ने गोदरेज इंडस्ट्रीज समूह के ग्रुप प्रेसिडेंट (कॉर्पोरेट अफेयर्स) श्री राकेश स्वामी के साथ भी विस्तृत चर्चा कर मध्यप्रदेश में औद्योगिक विस्तार, नए निवेश अवसरों तथा विभिन्न क्षेत्रों में संभावित सहयोग की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया।

भारत के दूरसंचार क्षेत्र और डिजिटलाइजेशन में आई क्रांति : केन्द्रीय मंत्री श्री सिंधिया

केंद्रीय संचार मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 साल में भारत के दूरसंचार क्षेत्र और डिजिटलाइजेशन में नई क्रांति देखने को मिली है। पहले भारत 2 जी पर निर्भर रहता था, आज हमारा देश विश्व का दूसरा बड़ा टेलीकॉम आत्मनिर्भर देश बन चुका है। भारत में 5 जी सेक्टर में वर्तमान समय में 50 करोड़ से अधिक उपभोक्ता हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने भविष्य की जरूरतों के मुताबिक 130 साल पुराने टेलीकॉम एक्ट में परिवर्तन किए और देश को आधुनिक टेलीकॉम आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए एक रोडमैप और रन-वे प्रदान किया। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने 'लोकल फॉर वोकल' को प्रमोट किया है। उनकी सोच है- मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड। उनके नेतृत्व में हम सभी विकसित भारत @ 2047 के संकल्प के साथ कार्य कर रहे हैं। विकसित भारत के विजन में टेलीकॉम सेक्टर एक सेंट्रल नर्वस सिस्टम (सीएनएस) की तरह है।

केंद्रीय मंत्री श्री सिंधिया ने कहा कि यह विकास के एक अदृश्य हाइवे की तरह है। प्रधानमंत्री श्री मोदी भारत को सर्विस आधारित देश से प्रोडक्ट वाले देश के रूप में परिवर्तित करना चाहते हैं। देश में कभी 5 करोड़ फोन बनते थे और हमें अपनी जरूरत के 85 प्रतिशत फोन दूसरे देशों से आयात करने पड़ते थे। आज भारत में प्रतिवर्ष 33 करोड़ फोन तैयार होते हैं। एपल जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनी के लगभग 20 प्रतिशत फोन भारत में निर्मित हो रहे हैं। आज भारत में यूपीआई से 20 बिलियन डिजिटल ट्रांजेक्शन हो रहे हैं। हमने 9 देशों को यूपीआई टेक्नोलॉजी दी है। ग्वालियर के टीएमजेड में टेलीकॉम सेक्टर की लिए जरूरी इको सिस्टम उपलब्ध होगा।

केन्द्रीय मंत्री श्री सिंधिया ने कहा कि भारत सरकार टेलीकॉम सेक्टर के निवेशकों को प्लग एंड प्ले फैसिलिटी उपलब्ध कराना चाहती है। मध्यप्रदेश सरकार इसके लिए आगे आई है। यहां दूरसंचार मंत्रालय और मध्यप्रदेश सरकार ने मिलकर ग्लोबल स्टैंडर्ड और बेस्ट इन क्लास फैसिलिटी तैयार करने का संकल्प लिया है। पहले फेज के लिए 170 एकड़ जमीन उपलब्ध है। निवेशकों को 2 रुपए प्रति यूनिट बिजली दी जाएगी। बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए 5000 रुपए प्रति श्रमिक वेतन सहायता, कौशल उन्नयन के लिए 13 हजार रुपए प्रति कर्मचारी सब्सिडी दी जाएगी। ग्वालियर में शीघ्र ही टेलीकॉम मेन्यूफेक्चरिंग जोन का भूमि-पूजन होगा। नई दिल्ली के आयोजन के बाद 17 कंपनियां निवेश के लिए पहल कर चुकी हैं।

देश का पहला समर्पित टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन ग्वालियर : केन्द्रीय सचिव श्री अग्रवाल

सचिव, केन्द्रीय दूरसंचार श्री अमित अग्रवाल ने कहा कि मुंबई रोड-शो भारत के टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग मिशन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। ग्वालियर का टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन देश का पहला समर्पित टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन है। उन्होंने कहा कि केंद्र और मध्यप्रदेश सरकार की साझेदारी से प्रदेश में टेलीकॉम सेक्टर को नई दिशा मिल रही है। श्री अग्रवाल ने उद्योगों से ग्वालियर में निवेश कर भारत की विकास यात्रा का हिस्सा बनने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वस्तरीय टेस्टिंग एवं मैन्युफैक्चरिंग इको सिस्टम विकसित करने पर बल देते हुए कहा कि इससे आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को गति मिलेगी और वैश्विक सप्लाई चेन में भारत की भूमिका और अधिक मजबूत होगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि टीएमजेड के विकास से निवेश, नवाचार और रोजगार को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।

टीएमजेड में निवेशकों को मिलेंगी सभी सुविधाएं

अपर मुख्य सचिव, मुख्यमंत्री कार्यालय एवं औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन श्री नीरज मंडलोई ने कहा कि मध्यप्रदेश में आकर निवेश करने का आमंत्रण निवेशकों को दिया गया है। ग्वालियर में बनने वाले टेलीकॉम मैन्यूफैक्चरिंग जोन से देश में संचार उपकरणों के निर्माण में सहयोग मिलेगा यह अद्वितीय पहल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में उद्योग अनुकूल वातावरण तैयार करने के लिए छोटे-छोटे शहरों में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित कीं। इसका सुखद परिणाम ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस 2025) में प्राप्त हुआ। राज्य में 30 लाख करोड़ से अधिक का निवेश आया। इसका 30 प्रतिशत अब तक धरातल पर आ चुका है। सेक्टर बेस्ड औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की दिशा में अब तक ग्वालियर में टेलीकॉम मेन्यूफेक्चरिंग जोन, धार जिले में पीएम मित्र पार्क और नर्मदापुरम जिले के बाबई-मोहासा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण तैयार करने के लिए ठोस कार्य हुआ है।

एसीएस श्री मंडलोई ने कहा कि ग्वालियर में टेलीकॉम मैन्यूफैक्चरिंग जोन केंद्र सरकार के सहयोग से तैयार हो रहा है। बिजली, पानी और जमीन सस्ती दरों पर उपलब्ध होगी। यह क्षेत्र देश के मध्य में होने के साथ-साथ राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के लगभग 300 किमी दूरी पर स्थित है। टीएमजेड पार्क के प्रथम चरण के विकास के लिए कुल 170 एकड़ जमीन उपलब्ध है। दूसरे चरण के लिए 400 एकड़ अतिरिक्त भूमि पर विस्तार के लिए विचार किया जा रहा है। यहां 6 स्पेशल टेस्टिंग लैब उपलब्ध होंगी। निवेशकों के लिए 1 रुपए प्रति वर्ग मीटर लीज पर औद्योगिक और 50 प्रतिशत कैपिटल सब्सिडी का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही निवेशकों को 5000 रुपए प्रति श्रमिक मासिक वेतन में भी सहायता प्रदान की जाएगी। निवेशक 12 हजार करोड़ का निवेश करते हैं, तो मध्यप्रदेश सरकार 8 हजार करोड़ सब्सिडी के रूप में लौटाएगी। यहां 10 हजार से अधिक लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। इस अवसर पर टेलीकॉम सेक्टर के निवेशक और औद्योगिक घरानों के अनेक प्रतिनिधि उपस्थित थे।

स्केल-अप प्रोडक्शन के लिए मध्यप्रदेश द्वारा निवेशकों को दिया जाने वाला प्रोत्साहन

पूंजी अनुदान : पात्र निवेश पर अधिकतम 50 प्रतिशत तक पूंजी अनुदान, जिसकी अधिकतम सीमा 200 करोड़ रुपये होगी।

अनुसंधान एवं विकास सहायता।

स्वतंत्र अनुसंधान एवं विकास परियोजनाओं के लिए परियोजना लागत का 25 प्रतिशत अथवा अधिकतम 25 करोड़ रुपये तक की सहायता प्रदान की जाएगी।

संस्थान के भीतर किए जाने वाले अनुसंधान एवं विकास पर होने वाले व्यय को भी स्थायी पूंजी निवेश के अंतर्गत पात्र माना जाएगा।

प्रशिक्षण सहायता : प्रत्येक नए कर्मचारी के प्रशिक्षण के लिए 13 हजार रुपये तक की सहायता उपलब्ध होगी। यह सुविधा अधिकतम 4 हजार कर्मचारियों तक प्रदान की जाएगी।

रोजगार प्रोत्साहन : प्रत्येक कर्मचारी के लिए प्रतिमाह 5 हजार रुपये तक का रोजगार प्रोत्साहन उपलब्ध कराया जाएगा।

निर्यात मालभाड़ा सहायता : समुद्री बंदरगाहों एवं हवाई माल परिवहन के माध्यम से होने वाले निर्यात पर मालभाड़ा व्यय का 50 प्रतिशत प्रतिपूर्ति की जाएगी। इसके अंतर्गत प्रति वर्ष अधिकतम 40 लाख रुपये तथा प्रति इकाई अधिकतम 2 करोड़ रुपये तक की सहायता 5 वर्षों के लिए उपलब्ध होगी।

हरित विनिर्माण प्रोत्साहन : अपशिष्ट प्रबंधन पर होने वाले व्यय का 50 प्रतिशत प्रतिपूर्ति का प्रावधान है। इसके अंतर्गत अपशिष्ट जल शोधन संयंत्र (ईटीपी) की स्थापना के लिए अधिकतम 5 करोड़ रुपये तथा शून्य द्रव अपशिष्ट निष्कासन प्रणाली के लिए भी अधिकतम 5 करोड़ रुपये तक की सहायता प्रदान की जाएगी।

परियोजना की व्यवहार्यता बढ़ाने के लिए विशेष प्रोत्साहन

भूमि प्रीमियम: मात्र 1 रुपये की नाममात्र दर पर भूमि प्रीमियम का प्रावधान।

वार्षिक लीज़ किराया: 1 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से वार्षिक लीज़ किराया, जो 30 वर्षों तक स्थिर रहेगा।

स्टाम्प शुल्क प्रतिपूर्ति: स्टाम्प शुल्क की 100 प्रतिशत प्रतिपूर्ति उपलब्ध होगी।

विकास शुल्क: विकास शुल्क का भुगतान 30 वर्षों की अवधि में किया जा सकेगा।

विद्युत सहायता: उद्योगों को संचालन के प्रारंभिक 5 वर्षों तक विद्युत शुल्क में 2 रुपये प्रति यूनिट की रियायत प्रदान की जाएगी।

जल शुल्क: जल आपूर्ति के लिए 25 रुपये प्रति किलोलीटर की रियायती दर लागू होगी।




JDjansampark Gwalior
CM Madhya Pradesh

04/08/2026

LIVE: Hon'ble Chief Minister Dr. Mohan Yadav attends the Investor Round Table on attracting investment for the Telecom Manufacturing Zone in Gwalior, in Mumbai.

31/07/2026

नई सोच, नई राह, नया मध्यप्रदेश

मध्यप्रदेश यात्री परिवहन विजन समिट 2026

11 एवं 12 सि‍तंबर 2026| ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर, इंदौर

CM Madhya Pradesh
Dr Mohan Yadav
Uday Pratap Singh
Jansampark Madhya Pradesh

31/07/2026
भारत का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन ग्वालियर में होगा स्थापित : मुख्यमंत्री डॉ. यादवकेन्द्रीय दूरसंचार और म.प्र. स...
30/07/2026

भारत का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन ग्वालियर में होगा स्थापित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

केन्द्रीय दूरसंचार और म.प्र. सरकार के मध्य हुआ ऐतिहासिक एमओयू

3,500 करोड़ के निवेश और 14 हजार से अधिक होगा रोजगार सृजन

भारत सरकार TMZ ग्वालियर में लैब इकोसिस्टम, उच्च-स्तरीय परीक्षण
सुविधाओं और प्लग-एंड-प्ले अवसंरचना के लिये 493 करोड़ की प्रदान करेगी अनुदान सहायता

टीएमजेड के प्रथम चरण का 170 एकड़ क्षेत्र में होगा विकास

उद्योग जगत की अपार मांग को देखते हुए द्वितीय चरण की भी बढ़ी संभावना

CAPEX सहायता के मामले में मध्यप्रदेश सरकार के प्रोत्साहन विश्व में सर्वश्रेष्ठ
जिसमें R&D का पूंजीकरण भी है शामिल

मुख्यमंत्री डॉ. यादव दिल्ली में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन के एमओयू समारोह में हुए शामिल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत हर क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है। भारत सरकार के संचार मंत्रालय और मध्यप्रदेश सरकार के बीच ग्वालियर में ग्लोबल टेलीकॉम मैन्यूफैक्चरिंग हब एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन निर्माण के लिए नई दिल्ली में हुआ एमओयू ऐतिहासिक कदम है। अब मध्यप्रदेश की धरती पर निर्मित संचार उपकरण देश-दुनिया को उपलब्ध होंगे। ये उपकरण मेक इन इंडिया के माध्यम से प्रधानमंत्री श्री मोदी के फेथ इन मध्यप्रदेश का जरिया बनेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उद्योगपतियों के साथ हुई राउंड टेबल मीटिंग में 3500 करोड़ रूपये के निवेश तथा 14 हजार से अधिक रोजगार सृजन की संभावना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को विज्ञान भवन, नई दिल्ली में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन के एमओयू हस्ताक्षर समारोह को संबोधित कर रहे थे। केंद्रीय संचार मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया तथा केंद्रीय संचार राज्य मंत्री श्री पी.एस. चंद्रशेखरन भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश वह राज्य है, जिस पर देश और दुनिया का विश्वास बढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि ग्वालियर की धरती पर ग्लोबल टेलीकॉम मैन्यूफैक्चरिंग जोन के रूप में एक नए दौर की शुरुआत हो रही है। आज भारत डिजिटल टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रॉनिक मेन्यूफैक्चरिंग, डिफेंस सेक्टर में नए कीर्तिमान गढ़ रहा है। ग्वालियर में ग्लोबल टेलीकॉम मैन्यूफैक्चरिंग जोन की शुरुआत से निर्यात बढ़ेगा और अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिलेगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्तमान में टेलीकॉम सेक्टर के माध्यम से स्मार्ट एआई मेन्यूफैक्चरिंग, डिफेंस, हेल्थ और गुड गवर्नेंस के क्षेत्र में आधारशिला तैयार हो चुकी है। आज देश में आर्टीफिशियल इंटेलिजेंस आधारित नेटवर्क से टेलीकॉम सेक्टर को नई ऊंचाइयां मिली हैं। ग्वालियर अंचल को ग्लोबल टेलीकॉम मैन्यूफैक्चरिंग जोन की सौगात मिलना सोने पर सुहागा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में उपस्थित टेलीकॉम सेक्टर के निवेशकों को ग्वालियर में निवेश करने का आमंत्रण दिया। उन्होंने निवेशकों को भरोसा दिलवाया कि जो देश में कहीं नहीं मिलेगा, वो मध्यप्रदेश में निश्चित रूप से मिलेगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि औद्योगिक विकास में तेज गति से विकास के लिए मध्यप्रदेश की अलग ही धाक बनी है। प्रदेश की संस्कृति गौरवशाली है। इसमें कोहिनूर के हीरे की तरह ग्वालियर का विशेष महत्व है। यहां 170 एकड़ क्षेत्र में प्लग एंड प्ले मोड पर बनने वाले देश के पहले टेलीकॉम मैन्यूफैक्चरिंग जोन का इंटीग्रेडेट इकोसिस्टम स्थापित होगा। इस जोन में डिजाइन से टेस्टिंग तक मैन्यूफेक्चरिंग से डेवलपमेंट तक सर्टिफिकेशन से एक्सपोर्ट तक भविष्य की वैल्यू चेन का निर्माण होगा। देश में 5जी, 6जी उपकरण, ऑप्टिकल फायबर उपकरण, सेमीकंडक्टर उपकरण, डिवाइस नेटवर्किंग उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक हार्डवेयर मिलेगा। साथ ही इंजीनियरिंग सर्विसेस, लॉजिस्टिक, वेयर हाउसिंग, तकनीकी संस्थानों के साथ उत्तर भारत का नया केंद्र बनेगा।

मध्यप्रदेश को मिली हैं 5 बड़ी परियोजनाएं

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हीरे की पहचान जौहरी को होती है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने मध्यप्रदेश को 5 बड़ी परियोजनाओं की सौगात दी है। भारत का सबसे बड़ा पीएम मित्र पार्क धार जिले में बनाया जा रहा है। यह कपास उत्पादक किसानों और टेक्सटाइल सेक्टर की बड़ी उपलब्धि है। रायसेन जिले में बीईएमएल के माध्यम से आधुनिक मेट्रो और रेलवे कोच निर्माण के लिए प्रदेश ने बड़ी छलांग लगाई है। बीना में पेट्रोलियम रिफायनरी के साथ ही भारत रत्न से सम्मानित स्व. अटल बिहारी वाजपेयी ने जो सपना देखा था, वह भी केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना और पार्वती-कालीसिंध-चंबल के माध्यम से पूर्ण होगा। केंद्र सरकार से मध्यप्रदेश को 2 रिवर लिंक प्रोजेक्ट की सौगात मिली हैं।

इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने कहा कि भारत का लक्ष्य केवल दूरसंचार उपकरणों का उपभोक्ता बनना नहीं, बल्कि उनका डिज़ाइन, विकास और निर्माण भारत में कर उन्हें दुनिया के विभिन्न देशों तक निर्यात करना है। उन्होंने कहा कि यह टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन 'डिज़ाइन इन इंडिया, मेक इन इंडिया और एक्सपोर्ट फ्रॉम इंडिया' के विजन को साकार करेगा। इससे भारत वैश्विक दूरसंचार विनिर्माण और निर्यात के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित होगा तथा आत्मनिर्भर भारत अभियान को नई गति मिलेगी। केन्द्रीय संचार राज्य मंत्री श्री पी.एस. चंद्रशेखरन ने भी संबोधित किया।

टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन (TMZ), ग्वालियर को देश के अत्याधुनिक टेलीकॉम उपकरण विनिर्माण, परीक्षण एवं अनुसंधान केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। लगभग 170.5 एकड़ में विकसित होने वाला यह प्लग-एंड-प्ले औद्योगिक इकोसिस्टम उद्योगों को उत्पादन प्रारंभ करने के लिए विश्वस्तरीय अधोसंरचना उपलब्ध कराएगा। परियोजना का विकास विशेष प्रयोजन वाहन (एसपीवी) के माध्यम से किया जाएगा, जिसमें मध्यप्रदेश सरकार की 51 प्रतिशत तथा भारत सरकार के दूरसंचार विभाग की 49 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी। एमपीआईडीसी इस परियोजना का मास्टर डेवलपर होगा।

परियोजना के लिए भारत सरकार द्वारा 493 करोड़ रूपये की अनुदान सहायता स्वीकृत की गई है। इसमें 270.24 करोड़ रूपये अत्याधुनिक टेस्टिंग लैब एवं लैब इकोसिस्टम, 180 करोड़ रूपये आंतरिक अधोसंरचना, 34.20 करोड़ रूपये भवन एवं प्लग-एंड-प्ले सुविधाओं, 5 करोड़ रूपये टेक्नोलॉजी सेंटर तथा 4 करोड़ रूपये निवेश प्रोत्साहन गतिविधियों के लिए उपलब्ध कराए जाएंगे।

इस ज़ोन की सबसे बड़ी विशेषता इसकी अत्याधुनिक परीक्षण प्रयोगशालाएं होंगी। यहां 5जी कोर नेटवर्क, सैटेलाइट कम्युनिकेशन, ऑप्टिकल फाइबर केबल (OFC), सिम, पीओएन तथा राउटर जैसे टेलीकॉम उपकरणों की परीक्षण सुविधाएं विकसित की जाएंगी। साथ ही 4जी एवं 5जी नेटवर्क तथा अन्य टेलीकॉम उपकरणों की सुरक्षा जांच के लिए विशेष साइबर सिक्योरिटी लैब भी स्थापित होगी। इससे उद्योगों को परीक्षण एवं प्रमाणन के लिए अन्य राज्यों या विदेशों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

मध्यप्रदेश की केंद्रीय भौगोलिक स्थिति, 31 गीगावाट स्थापित विद्युत क्षमता, अधिशेष बिजली, 1 लाख एकड़ से अधिक औद्योगिक भूमि, 1000 एमसीएम समर्पित औद्योगिक जल, 8 हवाई अड्डे, 5 आर्थिक गलियारे तथा कुशल मानव संसाधन इस परियोजना को निवेश के लिए अत्यंत अनुकूल बनाते हैं। ग्वालियर हवाई अड्डा, रेलवे स्टेशन, आईसीडी मालनपुर, राष्ट्रीय राजमार्ग-44 तथा दिल्ली से निकटता उद्योगों को बेहतर लॉजिस्टिक सुविधा उपलब्ध कराएगी।

टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन में निवेश करने वाले उद्योगों को 30 वर्षों के लिए मात्र 1 रूपये प्रति वर्गमीटर वार्षिक लीज़ किराए पर भूमि, 100 प्रतिशत स्टाम्प ड्यूटी प्रतिपूर्ति, 1 रूपये का नाममात्र भूमि प्रीमियम, पहले पांच वर्षों तक 2 रूपये प्रति यूनिट विद्युत टैरिफ रिबेट तथा 25 रूपये प्रति केएलडी जल शुल्क जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसके अतिरिक्त 50 प्रतिशत पूंजी सब्सिडी (अधिकतम 200 करोड़ रूपये), अनुसंधान एवं विकास सहायता (अधिकतम 25 करोड़ रूपये), निर्यात फ्रेट सब्सिडी, ईटीपी एवं जीरो लिक्विड डिस्चार्ज प्रणाली के लिए सहायता, प्रशिक्षण सहायता तथा रोजगार सहायता का भी प्रावधान किया गया है।

मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव तथा औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन एवं एमएसएमई श्री नीरज मंडलोई ने प्रेजेंटेशन में मध्यप्रदेश में भारत सरकार के औद्योगिक पार्कों के सिद्ध ट्रैक रिकॉर्ड एवं तीव्र प्रगति को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि यह ज़ोन अत्याधुनिक, विश्वस्तरीय अवसंरचना के साथ ऐसी साइट-अर्थव्यवस्था प्रदान करेगा जो परियोजना की व्यवहार्यता को उल्लेखनीय रूप से बेहतर बनाती है। मध्यप्रदेश में मात्र एक रूपये के सांकेतिक प्रीमियम पर भूमि, 30 वर्षों के लिये एक रूपये प्रति वर्ग मीटर की स्थिर वार्षिक लीज़ रेंट, 100% स्टाम्प ड्यूटी प्रतिपूर्ति, 30 वर्षों में संग्रहीत विकास शुल्क, प्रथम पाँच वर्षों के लिये 2 रूपये प्रति यूनिट की विद्युत दर और 25 रूपये प्रति केएलडी की दर से जल की आपूर्ति की जाती है।

राउंडटेबल में उपस्थित उद्योगपतियों ने मुख्य रूप से कहा कि टीएमजेड के लिये मध्यप्रदेश सरकार द्वारा प्रदत्त प्रोत्साहन CAPEX सहायता की दृष्टि से विश्व में सर्वश्रेष्ठ है। इसमें 200 करोड़ रूपये तक की 50% पूंजीगत सब्सिडी, जिसमें आर एंड डी के पूंजीकरण का महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल है। श्री अतुल बी. लाल ने टीएमजेड पहल की सराहना की तथा इस बात पर बल दिया कि भारत सरकार एवं मध्यप्रदेश सरकार की संयुक्त सहभागिता ग्वालियर में एक संपूर्ण, वैश्विक रूप से प्रतिस्पर्धी टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

प्रस्तावित निवेश एवं रोजगार प्रतिबद्धताएँ

क्र.

कंपनी / संस्था

निवेश (₹ करोड़)

रोजगार

टिप्पणी

1.

HFCL लिमिटेड

700

750

80% निर्यात

2.

डिक्सन टेक्नोलॉजीज़

200

1,200+



3.

VVDN टेक्नोलॉजीज़ प्राइवेट लिमिटेड

500

5,000



4.

टेक्नोट्रेंड्ज़ सॉल्यूशंस प्रा. लि.

10

50–100



5.

ऑप्टिमस इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड

150

400



6.

ब्रांडवर्क टेक्नोलॉजीज़

200

1,000



7.

सिरमा SGS टेक्नोलॉजी लिमिटेड

250

2,000



8.

कॉक्स एंड किंग्स

230

500



9.

प्रणव टेक वन

100

500



10.

स्पर्श CCTV

300

1,000



11.

IN टेलीकॉम

300

300



12.

लावा मोबाइल्स

130

170



13.

इंडिया सेल्युलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन (ICEA)





सेंटर ऑफ़ स्किल एवं सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस की स्थापना

14.

आयकासोनिक्स इंडिया प्राइवेट लि.

1

100–200



15.

भंसाली केबल्स

5

75

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अंतर्राष्ट्रीय कृषि एवं उद्यानिकी एक्सपो-2026 एग्री-हॉर्टिकल्चर सेक्टर में म.प्र. को मिला प्रथम पुरस्कारमुख्यमंत्री डॉ. ...
27/07/2026

अंतर्राष्ट्रीय कृषि एवं उद्यानिकी एक्सपो-2026
एग्री-हॉर्टिकल्चर सेक्टर में म.प्र. को मिला प्रथम पुरस्कार
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उत्कृष्ट प्रदर्शन पर दी बधाई

नई दिल्ली में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय कृषि एवं उद्यानिकी एक्सपो-2026 में संपूर्ण एग्री-हॉर्टिकल्चर सेक्टर में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए मध्यप्रदेश को प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस उपलब्धि के लिये प्रदेश के किसानों, कृषि वैज्ञानिकों और विभागीय अधिकारियों को बधाई दी है। अंतर्राष्ट्रीय एक्सपो 25 से 27 जुलाई तक भारत मंडपम में आयोजित किया गया, जिसमें देश-विदेश से कृषि, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र से जुड़े विभागों, वैज्ञानिकों, कृषि विशेषज्ञों, उद्यमियों तथा किसानों ने सहभागिता की।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश उद्यानिकी फसलों के उत्पादन में अग्रणी राज्य है। किसान भाइयों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य मिल सके इसके लिये सरकार द्वारा खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना और उत्पादित माल के विक्रय के लिये विशेष प्रयास किये जा रहे हैं। प्रदेश में किये गये नवाचारों को नई दिल्ली में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय कृषि एवं उद्यानिकी एक्सपो-2026 में पूरे देश ने सराहा है। राज्य सरकार लगातार इस क्षेत्र में कार्य कर रही है।
म.प्र. उद्यानिकी क्षेत्र में लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है : मंत्री श्री कुशवाह
उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह ने कहा है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश उद्यानिकी क्षेत्र में लगातार नये कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। प्रदेश में उद्यानिकी फसलों के उत्पादन, खाद्य प्रसंस्करण, वैल्यू एडिशन, निर्यात संवर्धन और किसान हितैषी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के कारण राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल रही है। नई दिल्ली में प्राप्त प्रथम पुरस्कार प्रदेश के किसानों, उद्यमियों और विभागीय अधिकारियों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। इससे मध्यप्रदेश की उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण गतिविधियों को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी।
एक्सपो में कर्नाटक, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान सहित देश के विभिन्न राज्यों के उद्यानिकी विभागों ने अपने-अपने प्रदेशों में संचालित योजनाओं, आधुनिक तकनीकों तथा जैविक कृषि उत्पादों का प्रदर्शन किया। इन सभी के बीच मध्यप्रदेश की प्रदर्शनी को नवाचार, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और किसानों को खाद्य प्रसंस्करण से जोड़ने की दिशा में किए गए कार्यों के लिए प्रथम स्थान प्राप्त हुआ।
इस अंतर्राष्ट्रीय आयोजन में लगभग 25 हजार किसानों, वैज्ञानिकों, कृषि विशेषज्ञों और उद्यमियों ने भ्रमण कर आधुनिक कृषि एवं उद्यानिकी तकनीकों की जानकारी प्राप्त की। एक्सपो का प्रमुख उद्देश्य किसानों को केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं से अवगत कराना, आधुनिक तकनीकों का प्रसार करना और कृषि एवं उद्यानिकी आधारित उद्योगों को बढ़ावा देना था।

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