01/03/2026
प्रदेश में स्कूली शिक्षा पूरी तरह चौपट होती जा रही है। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के एक लाख से अधिक पद ख़ाली पड़े हैं, वहीं 1895 स्कूल ऐसे हैं जहाँ पर कोई शिक्षक ही नहीं है। शिक्षकों की सबसे ज़्यादा कमी ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों में है।
यही नहीं 435 स्कूलों में एक भी बच्चे का एडमिशन नहीं हुआ है।
यह सिर्फ़ आंकड़े नहीं है बल्कि इस बात की गवाही है कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार मध्य प्रदेश के नौनिहालों का भविष्य चौपट करना चाहती है।
हर महीने 5,000 करोड़ रुपये का कर्ज़ लेने वाली भाजपा सरकार इवेंटबाज़ी और भ्रष्टाचार में पैसा ख़र्च कर रही है लेकिन बच्चों की शिक्षा के लिए उसके पास पैसे नहीं हैं।
मैं माँग करता हूँ कि ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों में तत्काल अध्यापकों के सभी पद भरे जाएं और उसके बाद शिक्षकों के सभी पदों पर भर्ती की जाए। शिक्षा प्राप्त करना हर बच्चे का अधिकार है और किसी भी स्थिति में है बच्चों के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए।