06/06/2026
उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय ने संस्कृत अकादमी में चलाया प्रवेश जागरूकता अभियान
बहादराबाद (हरिद्वार)। उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय द्वारा जुलाई 2026 सत्र में प्रवेश संख्या बढ़ाने एवं अधिकाधिक विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा से जोड़ने के उद्देश्य से उत्तराखण्ड संस्कृत अकादमी (संस्थान), बहादराबाद, हरिद्वार में एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय की विभिन्न शैक्षिक योजनाओं, पाठ्यक्रमों तथा मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा प्रणाली की उपयोगिता पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अकादमी के शोध अधिकारी डॉ. हरीश चन्द्र गुरुरानी ने कहा कि शिक्षा समाज के जागरण एवं विकास का सबसे सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय दूरस्थ एवं मुक्त शिक्षा के माध्यम से समाज के प्रत्येक वर्ग तक उच्च शिक्षा पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों एवं आमजन से विश्वविद्यालय की शैक्षिक योजनाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय के सहायक क्षेत्रीय निदेशक डॉ. बृजेश बनकोटी ने कहा कि विश्वविद्यालय सभी वर्गों तक गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि मुक्त विश्वविद्यालय की विशेषता यह है कि कोई भी व्यक्ति, किसी भी आयु में तथा किसी भी समय अपनी शिक्षा जारी रख सकता है और विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेकर अपनी शैक्षिक योग्यता को बढ़ा सकता है। उन्होंने उपस्थित सभी लोगों से मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा प्रणाली के माध्यम से अपने ज्ञान और योग्यता का विस्तार करने का आग्रह किया। साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि विश्वविद्यालय में नए प्रवेश 1 जुलाई 2026 से प्रारम्भ होंगे।
कार्यक्रम में संस्थान के वित्त अधिकारी एवं प्रभारी सचिव ललित चन्द्र पाण्डेय ने कहा कि वर्तमान समय में मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा व्यवस्था विद्यार्थियों, नौकरीपेशा व्यक्तियों तथा अन्य शिक्षार्थियों के लिए अत्यंत लाभदायक सिद्ध हो रही है। उन्होंने कहा कि बदलते समय में उच्च शिक्षा की प्रासंगिकता लगातार बढ़ रही है और प्रत्येक व्यक्ति को अपनी योग्यता में निरंतर वृद्धि करने का प्रयास करना चाहिए।
कार्यक्रम के अंत में विश्वविद्यालय एवं अकादमी के अधिकारियों तथा कर्मचारियों ने संयुक्त रूप से आगामी शैक्षिक सत्र में प्रवेश संख्या बढ़ाने हेतु विभिन्न योजनाओं एवं रणनीतियों पर विचार-विमर्श किया। साथ ही विद्यार्थियों एवं अभिभावकों तक विश्वविद्यालय की जानकारी पहुंचाने के लिए व्यापक जनजागरण अभियान चलाने पर भी चर्चा की गई।
इस अवसर पर संस्थान के समस्त कार्मिक, शिक्षाविद् तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।