01/01/2016
# हिमाचल की इस बहादुर बेटी का कारनामा देख सभी हुए हैरान
ऊना: कहते हैं बुलंद हौसलों के आगे बड़े-बड़े पहाड़ झुक जाते हैं। ऐसे ही हौसले की मिसाल है हिमाचल के ऊना के ईसपुर गांव की छात्रा बख्शो देवी। दरअसल हाल ही में ऊना में हुई दौड़ प्रतियोगिता में 9वीं की इस छात्रा ने नंगे पांव दौड़कर 5 हजार मीटर की स्पर्धा में जिले भर की धाविकाओं को हरा दिया है।
स्कूल की वर्दी में नंगे पांव इस छात्रा ने ऐसी दौड़ लगाई कि उसके जज्बे को दर्द भी नहीं रोक पाया। अचानक इंदिरा मैदान में दौड़ते हुए छात्रा के पेट में तेज दर्द उठा, लेकिन जीत के जुनून ने कदमों को ऐसी रफ्तार दी कि दूसरीं एथलीट इसके आसपास भी नहीं पहुंच सकीं। हालांकि दूसरी एथलीट विरोधी जूतों और किट के साथ ट्रैक पर थीं। बख्शो के पैरों में न जूते थे और न ही पहनने के लिए निकर और टी-शर्ट। बस स्कूल की वर्दी के साथ मैदान में नंगे पांव छात्रा उतरी और जीतकर ही दम भरा।
आखिरकार गरीब परिवार की बेटी की मेहनत रंग लाई और खिताब की हकदार बनी। वहीं छात्रा के इस होनहार में आगे बढ़ने का हौसला तो है लेकिन घर में कोई ऐसा नहीं है जो इसके हौसले को और बढ़ाने में इसकी मदद कर सके। इससे बड़ी विडंबना और क्या होगी कि इस होनहार के पास ट्रैक पर दमखम दिखाने के लिए जूते तक नहीं हैं। बख्शो देवी अपने घर में 6 बहनों में सबसे छोटी है। उसके सिर पर पिता का साया भी नहीं है। मां मेहनत मजदूरी कर परिवार को पाल रही है। प्रतियोगिता में पहले स्थान पर रहने वाली बख्शो को इनाम के तौर पर 6 हजार मिले तो उसने कहा कि यह पैसे वह अपनी मां को देगी, क्योंकि मां को घर का खर्च चलाना होता है। इसके साथ ही छात्रा का कहना है कि दौड़ना उसका शौक है और वह अंतरराष्ट्रीय धाविका पीटी ऊषा की तरह नाम कमाना चाहती है।
घासफूस का घर, फिर भी BPL में नहीं आता बख्शो का परिवार,आखिर क्या है हिमाचल सरकार का गरीबी मापने का पैमाना ?