02/02/2026
तमिलनाडु सरकार ने विधानसभा चुनावों पहले राज्य में सिख समुदाय की शादियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण आनंद विवाह पंजीकरण नियम, 2026 को अधिसूचित कर दिया है। इससे पूरे राज्य में रहने वाले सिख समुदाय के लोगों को विवाह के नियमों में कोई कंफ्यूजन नहीं होगा बल्कि एकरूपता आएगी। सिख समुदाय में इन नियमों को आनंद कारज के नाम से जाना जाता है। गौरतलब हो कि पिछले साल सितंबर में सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों को यह निर्देश दिया था कि वे सिख शादियों के लिए अपने स्तर पर नियम बनाएं।
आनंद विवाह की सिख धर्म में बेहद पवित्रता है। ये गुरु ग्रंथ साहिब के सामने संपन्न होते हैं और इसमें चार लावां की रस्म शामिल होती है। ऐसे विवाहों को सिख समुदाय में लंबे समय से धार्मिक वैधता प्राप्त है, लेकिन जोड़ों को अक्सर औपचारिक पंजीकरण प्राप्त करने में प्रशासनिक बाधाओं का सामना करना पड़ता था, खासकर पहचान दस्तावेजों, विरासत, वीजा, बैंकिंग और अन्य नागरिक मामलों से संबंधित मुद्दों से निपटते समय। तमिलनाडु सरकार के नियमों के अनुसार अब तमिलनाडु में कहीं भी संपन्न हुए आनंद विवाहों को विवाह रजिस्ट्रार के पास पंजीकृत किया जा सकता है।