28/11/2025
सभी को मेरा नमस्ते...
अब उत्तर प्रदेश अपने नये रास्ते पर चल पड़ा है.
अब लड़ाई दो जातियों में होने के लिए तयारी की जा रही है..
सालिहा पासी या सालिहा अर्कवंशी
आखिर क्यू किसी को ये नहीं पता है क्या सालिहा पासी थे या अर्कवंशी.
संडीला को बसाने वाले सालिहा को क्यों दो टुकड़ो में बांटा जा रहा है.
क्या राजनीती करने वाले लोग इस पर खुल कर राजनीती नहीं करेंगे..
शायद ऐसा बिलकुल संभव नहीं है..
सोशल मीडिया पर लोग अपना अपना मत सिद्ध करने की पूरी कोशिस कर रहे है...
अगर वो पासी थे तो पासी समाज को उनका सम्मान करना चाहिए
और अगर वो अर्कवंशी थे तब भी उनका सम्मान होना चाहिए
हमारा मानना है सम्मान जरुरी है उनके किये गए बेहतरीन कामों को याद करो और उनकी तरह समाज को सही रास्ता दिखाने की कोशिश होनी चाहिए.
कुछ लोगों ने पहले ही आपको ना जाने कितनी जातियों में बाँट दिया है क्या अब भी तुम्हारी आँखों पर पर्दा पड़ा है.
वही चंद लोग फिर ऐसे मुद्दे लाकर तुमको अलग करके बर्बाद करने पर तुले है
अभी संभल जाओ भाइयों / बहनों
बाद में पछतावा करने से कुछ नहीं मिलेगा
कुछ चंद लोगों के आने से पहले यहाँ कोई जाति धर्म वाली बात नहीं करता था सब सुकून से रहते थे
शायद इसीलिए भारत को सोने की चिड़िया कहा जाता था.
जाति धर्म छोड़ो एक साथ रहो
तुम्हारे घर कुछ भी दिक्कत परेशानी होगी तो तुम्हारा पडोसी ही तुम्हारे काम आएगा फिर चाहे वो किसी जाति या धर्म से हो.
यह सलाह सब पर नहीं लागू होती है
बेवजह का ड्रामा कोई ना करे
मानने वाला माने ना मानने वाला ना माने