11/08/2024
हिंडनबर्ग ने खुलासे के नाम पर व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी वाला काम किया है. मुझे लगता था 'कहीं का ईंट, कहीं का रोड़ा' जोड़कर सिर्फ हिन्दी पोर्टल वाले कहानी लिखते हैं, लेकिन नाथन भाई तो उनपर बहुत भारी हैं.
इस रिपोर्ट में पूरा फोकस माधबी पुरी बुच (सेबी चेयरपर्सन) पर है. किसी के पास अगर 10 मिलियन डॉलर की नेटवर्थ है तो यह जरूरी है क्या कि उसने गलत तरीके से पैसे कमाए? टिपिकल कम्युनिस्ट वाला निगेटिव थॉट है. बाकी जितने डॉक्यूमेंट लगाए गए हैं इस रिपोर्ट में, एक भी पुख्ता नहीं हैं. Whistleblower ने आरोप लगाए 2015 में. उन आरोपों की निश्चित जांच हुई. कुछ नहीं मिला, उसके 2 साल बाद माधबी सेबी की मेंबर बनीं. उसके भी 5 साल बाद सेबी चेयरपर्सन बनीं. और हिंडनबर्ग अब उन आरोपों को खुलासा बताकर सनसनी फैला रहा है. और मजेदार कि ट्रस्ट मी ब्रो टाइप के रिफरेंस भी यूज करने से भाइयों ने परहेज नहीं किया है.
शॉर्ट सेलिंग के लिए सेबी ने टाइट किया तो हिंडनबर्ग ने यह कलाकारी दिखाई है. एसईसी के सामने मुंह से आवाज नहीं आती. काश कि सेबी के पास भी एसईसी की तरह घाव करने वाले दांत होते या फिर भारत थर्ड वर्ल्ड कंट्रीज का हिस्सा न होता.