22/03/2026
राजस्थान के छोटे ट्रक और बस बॉडी निर्माताओं के प्रतिनिधिमंडल की समस्याएं जनसंसद में सुनकर, उनके साथ केंद्रीय परिवहन और राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी जी से मुलाकात की।
लंबे समय से ये निर्माता टाटा जैसी कंपनियों के लिए बॉडी बनाते रहे हैं, लेकिन अब कॉन्ट्रैक्ट बाहर की बड़ी कंपनियों को देने की बात हो रही है। सरकार के नए नियम और भारी शुल्क उन्हें कारोबार बंद करने पर मजबूर कर सकते हैं, जिससे लाखों परिवारों की रोज़ी रोटी पर खतरा है।
सिर्फ राजस्थान में 1000+ यूनिट्स हैं, जो 40-50 हजार लोगों को रोजगार देती हैं।
देशभर में 10,000+ यूनिट्स हैं जो बंद हुई तो लाखों नौकरियां खत्म।
हमेशा से मोदी सरकार की नीति यही रही है: बड़े कॉरपोरेट्स को फायदा, छोटे उद्योगों पर वार।
यह ‘quid pro quo’ का खेल है - एक हाथ कॉन्ट्रैक्ट ले, दूसरे हाथ फंडिंग दे, जिसमें छोटे व्यापार सक्षम नहीं हैं।
MSME को न वित्तीय मदद, न तकनीकी सहारा जबकि असली रोजगार यही पैदा करते हैं।
गडकरी जी ने ये समस्याएं सुन कर सकारात्मक रुख दिखाते हुए आश्वासन दिया:
* नियम सरल किए जाएंगे
* बैंकों से वित्तीय सहायता दिलाई जाएगी
* शेड और बिजली कनेक्शन सुनिश्चित होंगे
* देरी और भ्रष्टाचार कम किया जाएगा
उनका द्विपक्षीय नजरिये से समाधान का प्रयास सराहनीय है।