Progressive Students Front- PSF

Progressive Students Front- PSF A students organization in Haryana

सभी संघर्षशील साथियों से अपील : शिक्षा के निजीकरण, सांप्रदायीकरण और बाजारीकरण के खिलाफ एकजुट होकर सबके लिए मुफ्त, बराबर ...
26/08/2026

सभी संघर्षशील साथियों से अपील : शिक्षा के निजीकरण, सांप्रदायीकरण और बाजारीकरण के खिलाफ एकजुट होकर
सबके लिए मुफ्त, बराबर , गुणवत्तापूर्ण और वैज्ञानिक शिक्षा के लिए Progressive Students Front- PSF के साथ जुड़कर संघर्ष करें।

*सफाई कर्मचारियों की मांगें लागू करो — ठेका प्रथा खत्म करो!*कच्चे कर्मचारियों को पक्का करो — सफाई कर्मचारियों का शोषण कर...
23/08/2026

*सफाई कर्मचारियों की मांगें लागू करो — ठेका प्रथा खत्म करो!

*कच्चे कर्मचारियों को पक्का करो — सफाई कर्मचारियों का शोषण करना बंद करो!

साथियों,
आप सभी देख रहे है कि हरियाणा में सफाई कर्मचारी और दमकल कर्मचारी अपनी जायज़ मांगों को लेकर 6 अगस्त 2026 से हड़ताल पर हैं और कल ही इस आंदोलन को कुचलने के लिए प्रशासन ने पुलिसबल का प्रयोग करते हुए आंदोलनरत सफाईकर्मियों को डिटेन कर लिया था और शहर का कचरा भाड़े पर जेसीबी लगाकर हटवा रहे थे। इस संघर्ष के कारण शहरों की सफाई व्यवस्था ठप है और जगह-जगह कचरे के ढेर दिखाई दे रहे हैं। लेकिन इसके लिए संघर्षरत कर्मचारियों को जिम्मेदार ठहराने के बजाय सरकार को अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए और उनकी मांगे पूरी करनी चाहिए।

13 मई 2026 को सरकार और कर्मचारियों के बीच हुई बातचीत में 22 में से 17 मांगों पर सहमति बनने के बावजूद आज तक उनके आदेश जारी नहीं किए गए। यह केवल वादाखिलाफी नहीं, बल्कि मेहनतकश कर्मचारियों के साथ खुला विश्वासघात है। ब्राह्मणवादी-हिन्दुत्ववादी फासीवादी बीजेपी सरकार लगातार हर आंदोलन के साथ विश्वासघात करती है और आंदोलनकारियों को बदनाम करने में लगी हुई है।
कर्मचारियों के आंदोलन को दबाने या बदनाम करने के बजाय उनकी मांगों का समाधान किया जाना चाहिए।

सालों से शहरों को साफ रखने वाले हजारों कच्चे कर्मचारियों को आज भी स्थायी रोजगार का अधिकार नहीं मिला है। बेहद कम वेतन में काम करने वाले कर्मचारियों से लगातार काम लिया जाता है, जबकि सफाई और सीवर व्यवस्था में ठेका प्रथा ने शोषण और असुरक्षा को बढ़ावा दिया है।आज हिसार, हांसी, रोहतक, जींद, फरीदाबाद, कुरुक्षेत्र, सहित हरियाणा के अनेक शहरों में कचरे के ढेर लगे हैं। बारिश के मौसम में इससे आम जनता के सामने स्वास्थ्य संबंधी गंभीर खतरे पैदा हो रहे हैं। लेकिन सवाल यह है कि इसके लिए कर्मचारी जिम्मेदार हैं या वह सरकार, जो समझौता करने के बाद भी उसे लागू नहीं कर रही?
जो हाथ हमारे शहरों को साफ रखते हैं, उन्हीं हाथों को सरकार ने अधिकारों से वंचित कर रखा है।

हम मानते है कि सफाई कर्मचारियों की लड़ाई केवल कर्मचारियों की लड़ाई नहीं है। यह सम्मानजनक रोजगार, स्थायी नौकरी, ठेका प्रथा के अंत और मेहनतकश जनता के अधिकारों की लड़ाई है।
PSF हरियाणा सफाई कर्मचारियों और दमकल कर्मचारियों की इस हड़ताल का समर्थन करता है और सभी छात्र-युवाओं, मजदूरों, कर्मचारियों, जनवादी संगठनों और तमाम संघर्षशील साथियों से अपील करता है कि इस संघर्ष के समर्थन में मजबूती से खड़े हों और उनके आंदोलन को व्यापक जनसमर्थन दें।

PSF हरियाणा मांग करता है
1. सरकार 13 मई के समझौते को तत्काल लागू करे।

2. सभी जायज़ मांगों के आदेश तुरंत जारी किए जाएं।

3. लंबे समय से काम कर रहे कच्चे सफाई कर्मचारियों को नियमित किया जाए।

4. सफाई और सीवर व्यवस्था से ठेका प्रथा समाप्त की जाए।

5. कर्मचारियों को सम्मानजनक वेतन और सुरक्षित कार्य परिस्थितियां दी जाएं।

#सरकार की वादाखिलाफी नहीं चलेगी!
#सफाई कर्मचारियों की मांगें लागू करो!
#ठेका प्रथा खत्म करो!
#कच्चे कर्मचारियों को पक्का करो!
#मेहनतकश एकता जिंदाबाद!
#सफाई कर्मचारी संघर्ष जिंदाबाद!
#छात्र-मजदूर एकता जिंदाबाद!
#इंकलाब जिंदाबाद!

जारीकर्ता:- प्रोग्रेसिव स्टूडेंट्स फ्रंट हरियाणा
(80598-70115)

#सफाईकर्मी #हिसार #सफाईकर्मचारी #हिसारहरियाणा

ये कैसी आजादी? जिसमें अपराधी बेखौफ हैं और न्याय मांगने वालों को लाठियां मिल रही है।साथियों,4 अगस्त को हिसार में डेयरी सं...
15/08/2026

ये कैसी आजादी?
जिसमें अपराधी बेखौफ हैं और न्याय मांगने वालों को लाठियां मिल रही है।

साथियों,
4 अगस्त को हिसार में डेयरी संचालक जीवन कुंडू की लाठी-डंडों से पीटकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने कई आरोपियों को जनता के दवाब के कारण गिरफ्तार भी किया है, लेकिन मुख्य आरोपी अब भी फरार है और आरोप है कि मुख्य आरोपी बीजेपी विधायक का भतीजा है। न्याय और उसकी गिरफ्तारी की मांग को लेकर परिवार तथा किसान संगठनों का धरना लगातार जारी है।

आज 15 अगस्त को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के हांसी कार्यक्रम के दौरान किसानों ने जीवन कुंडू को न्याय दिलाने और मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार करवाने के लिए विरोध करने का आह्वाहन किया था। लेकिन प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई जिसके कारण पुलिस ने किसानों पर बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज किया जिसमें काफी लोगों के घायल होने की खबर है। यह घटना सरकार की उस तत्परता को दर्शाती है जो अपराधियों को बचाने और विरोध करने वालों का दमन करती है।
हांसी के SP किसानों पर पत्थरबाजी करते दिखे। और CIA के इंचार्ज एक जवान से AK47 छीनकर किसानों को मारने दौड़े।

आजादी के दिन बस जनता को यही देखना बाकी रह गया था। आज पूरे हरियाणा में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। पहले करनाल, चरखी दादरी, हांसी और अब हिसार में हुई मर्डर की इन घटनाओं ने प्रशासन की पोल खोलकर रख दी है। ऐसे में सरकार अपराधियों को पकड़ने से ज्यादा इंसाफ की मांग को लेकर आंदोलन करने वाले लोगों का दमन कर रही है। जब अपराधी बेखौफ हों और न्याय मांगने वालों को लाठियां मिलें, तो जनता का कानून और व्यवस्था पर विश्वास उठ जाना लाजिमी है।

Progressive Students Front- PSF पुलिस की इस कार्रवाई का विरोध करता है। हम मांग करते हैं कि जीवन कुंडू के हत्याकांड में शामिल सभी अपराधियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और किसानों पर लाठीचार्ज करने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की जाए।

#जीवनकुंडु #हिसार

साथियों, आज 'संयुक्त छात्र-युवा संघर्ष समिति'  के द्वारा हिसार की जाट धर्मशाला में छात्र आंदोलन की दिशा व समीक्षा के ऊपर...
06/08/2026

साथियों,
आज 'संयुक्त छात्र-युवा संघर्ष समिति' के द्वारा हिसार की जाट धर्मशाला में छात्र आंदोलन की दिशा व समीक्षा के ऊपर सभा का आयोजन किया गया जिसमें मुख्य रूप से बदहाल शिक्षा व्यवस्था, बढ़ती बेरोजगारी, आंदोलनकारी छात्र - युवाओ पर बढ़ते फासीवादी हमले तथा छात्र - युवाओं में बढ़ते नशे के ऊपर सभा में खुली चर्चा की गई।

PSF की तरफ से साथी रवि ने छात्र आंदोलन, शिक्षा व्यवस्था और देश दुनिया में चल रहे आंदोलनों पर बात रखते हुए कहा कि इस फासीवादी निजाम के खिलाफ संघर्ष करते हुए नई व्यवस्था कायम करने की जरूरत है। क्योंकि एक भ्रष्ट धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से शिक्षा व्यवस्था में कोई सुधार की गुंजाइश नहीं हो सकती हम देख सकते है कि शिक्षा मंत्री की गद्दी पर आज उससे भी ज्यादा भ्रष्ट नेता प्रल्हाद जोशी को गद्दी पर बिठा दिया गया है जोकि धर्मनिरपेक्षता का उल्लंघन करते हुए (ब्राह्मणवादी, हिन्दुत्ववादी, फासीवादी) RSS विचारधार से ताल्लुकात रखता है और मुस्लिम समुदाय के खिलाफ जहर घोलने का काम करता है। दूसरा यह वही प्रल्हाद जोशी है जो बिलकिस बानो के रेपिस्टों के रिहा होने पर उन्हें मालाओं से सम्मानित करता है क्या शिक्षा मंत्री की गद्दी पर इन जैसे वाहियात किस्म के लोग बैठने लायक है? इन जैसे ब्राह्मणवादी, हिन्दुत्ववादी, फासीवादी लोगो ने नई शिक्षा नीति -2020 को असंवैधानिक रूप से जनता पर थोपते हुए शिक्षा व्यवस्था को गर्त में पहुंचाने का काम किया है। वर्तमान में शिक्षा नौजवानों के लिए घाटे का सौदा बना है क्योंकि इतनी पढ़ाई करने के बाद भी उन्हें उनकी योग्यता के अनुसार रोजगार नहीं मिल रहा वह सिर्फ 10 हजार से 12 हजार का मजदूर बनकर रह गया है हरियाणा में बेरोजगारी चरमसीमा पे है। जो इसी व्यवस्था की नाकामी को उजागर करता है।

साथी ने बताया कि वर्तमान समय में साम्राज्यवादी देश बौखलाये हुआ तभी वह सभी जगह पर युद्ध छेड़े हुए है चाहे वह इजराइल का फिलिस्तीन के खिलाफ हो, रूस का यूक्रेन के खिलाफ हो, जापान का वियतनाम के खिलाफ हो, अमेरिकी का ईरान के खिलाफ सीधा युद्ध हो या वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अमेरिका द्वारा गिरफ्तार करना हो इन युद्धों का भारत की परिस्थितियों पर भी प्रभाव पड़ेगा। कॉमरेड लेनिन ने बताया था कि जब सभी जगह युद्ध चले हुए हो तभी क्रांति का होना संभव है।

हम भारत में भी देख सकते है कि भारत के अंदर अलग अलग जगहों पर सरकार की फासीवादी नीतियों वह दमनकारी कार्यवाहियों के खिलाफ जनता लड़ रही है चाहे वह स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों का बुनियादी सुविधाओं के लिए हो, चाहे मजदूरों का नए 4 लेबर कोड के खिलाफ, किसानों का खेती ट्रेड डील के खिलाफ, बिजली कर्मचारियों का बिजली को निजीकरण करने के खिलाफ, या हालिया आंदोलन देखे कि छात्रों का पेपर लीक के खिलाफ आंदोलन हो। इन आंदोलनों से सिद्ध होता है कि इस व्यवस्था में पूंजीपति के अलावा कोई भी वर्ग खुश नहीं है सभी के सभी इस व्यवस्था में दुखी है। और हम देखते है कि जनता इन फासीवादी लोगो के खिलाफ लड़ने को तैयार है बस अब आंदोलन को एक अच्छे नेतृत्वकारी की आवश्यकता है जो इन आंदोलनों को नए व्यवस्था का रुख दे सके।

PSF की तरफ से साथी पारुल ने भी हालिया व्यवस्था को बेनकाब करते हुए गीत गाया और इस फासीवादी सरकार के खिलाफ संघर्ष करते हुए आगे बढ़ने को कहा।

#सीजेपी #धर्मेंद्रप्रधान

सभी साथी सभा में जरूर शामिल हों  #सेमिनार  #सीजेपी
04/08/2026

सभी साथी सभा में जरूर शामिल हों

#सेमिनार #सीजेपी

साथियों,             सीमा आज़ाद जोकि उत्तर प्रदेश से 'दस्तक' पत्रिका चलाती है और PUCL की राष्ट्रीय अध्यक्ष भी है, इसकी ज...
27/07/2026

साथियों,
सीमा आज़ाद जोकि उत्तर प्रदेश से 'दस्तक' पत्रिका चलाती है और PUCL की राष्ट्रीय अध्यक्ष भी है, इसकी जनविरोधी गतिविधियाँ अब हद से ज्यादा बढ़ गई है, हमे कई जनवादी संगठनों और मीडिया चैनलों के द्वारा भी यह पता चला है कि सीमा आज़ाद और विश्वविजय, सीमा के पति (दोनों पूर्व माओवादी है)। दोनों लम्बे समय से जनता से चंदा वसूल रहे है लेकिन जनता के मुद्दे प्रमुखता से उठाने और इन मांगो को पूरा कराने के लिए संघर्ष करने के नाम पर कुछ नहीं कर रहे. उल्टा इनके नजदीक जो लोग और जो जनसंगठन जनता के लिए कुछ करना भी चाहते है तो ये उन्हें भी रोकते है और जो इनकी बात नहीं मानता उसके खिलाफ दुष्प्रचार अभियान छेड़ देते है. जनता को जनवादी, क्रांतिकारी संगठनों से जुड़ने से रोकने का मतलब जनता को गुलाम बनाये रखना है जिसे सीमा आज़ाद और विश्वविजय मिलकर कर रहे थे, महिला सवाल पर समझदारी के नाम पर इनके पास पिछड़ी महिला-विरोधी सामंती-साम्राज्यवादी संस्कृति के अलावा कुछ नही है. हम इन्हें जनवादी मानते थे इसलिए इनकी पत्रिका 'दस्तक' भी नियमित तौर पर पढ़ते थे तथा जनता में भी बांटते थे, लेकिन पिछले कुछ समय से इनकी पत्रिका में उत्तर आधुनिकतावादी विचारों का प्रचार किया जा रहा है. जिससे जनता में गलत समझदारी बन रही है और भटकाव भी आ रहा है।

एक मिडिया चैनल (समरभूमि) के पत्रकार पर सीमा आज़ाद ने लाखों रूपए की मानहानि का आरोप लगाकर मुकद्दमा किया है, जोकि जनवादी पत्रकारिता पर हो रहे हमलो का ही हिस्सा है. यह जन-विरोधी सत्ता की मदद से लेकर, जनता के मुद्दे उठाने वाले, सवाल पूछने वाले जनवादी पत्रकारों को चुप कराने की ही साजिश है. पहले ही सरकार ऐसे ईमानदार पत्रकारों को निशाना बनाती आ रही है ऐसे में सीमा आज़ाद द्वारा एक जनवादी पत्रकार, जोकि आर्थिक रूप से भी कमजोर है, पर लाखो रूपए का मुकदमा करना, सरासर बेईमानी है. सभी जनवादी मिडिया/पत्रकारों को सीमा आज़ाद के इस कारनामे के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए, सीमा आज़ाद को यदि थोड़ी-सी भी शर्म बची है तो उसे मुकदमा वापस लेकर पत्रकार से माफ़ी मांगनी चाहिए और अपनी सभी जनविरोधी गतिविधियाँ तुरंत रोकनी चाहिए.

हम छात्र हितों को प्रमुखता से उठाने के साथ-साथ सभी मेहनतकश जनता के हितों के साथ भी हमेशा साथ खड़े है, ऐसे में यह स्पष्ट है कि जो व्यक्ति/संगठन/पत्रिका छात्रों, जनता के हितों को नुकशान पहुंचाएगा, हम उससे अपने सभी सम्बन्ध तोड़ लेंगे. इसलिए हम जनविरोधी 'सीमा आज़ाद-विश्वविजय' के साथ अपने सभी सम्बन्ध तोड़ रहे है और इनकी पत्रिका 'दस्तक' का भी बहिष्कार करते है.

इसके साथ-साथ तमाम सहयोगी संगठनों, बुद्धिजीवियों, न्यायप्रिय जनता सभी से अपील करते है कि आप भी 'सीमा आज़ाद-विश्वविजय के साथ कोई सम्बन्ध न रखे. और क्योंकि ऐसी पत्रिका पढ़कर, जिसका जनता से कोई सरोकार नही है, जनता में भटकाव, निराशा और जनविरोधी विचार ही पैदा होंगे, इसलिए इनकी जनविरोधी पत्रिका का भी पूर्ण बहिष्कार करे.

25/07/2026

इंकलाब जिंदाबाद,साम्राज्यवाद मुर्दाबाद!

साथियों,PSF के सचिव साथी रवि को गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJU), हिसार में एम.ए. मास कम्युनिकेशन में प्रवेश के दौरान कथित रूप से विभागाध्यक्ष द्वारा जनांदोलनों में सक्रिय भागीदारी रखने के कारण धमकाए जाने की घटना बेहद चिंताजनक है। हम इसका पुरजोर विरोध करते हैं।

20 जुलाई को PSF छात्र संगठन ने जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के समर्थन में GJU के गेट नंबर 3 पर शांतिपूर्ण धरना एवं एक दिवसीय अनशन किया था। इस कार्यक्रम में रवि भी शामिल थे। लेकिन जब रवि एम.ए. मास कम्युनिकेशन में प्रवेश के लिए काउंसलिंग में पहुंचे, तो विभागाध्यक्ष ने उन्हें पहचानते हुए कहा कि "तुम वहीं हो ना जो धरने पर थे ।अगर धरना लगाना है तो जंतर-मंतर जाओ, वहीं लाठियां खाओ। तब पता चलेगा। अगर आगे से धरना लगाएगा तो हम तुम्हारे घर के आगे धरना लगाएंगे।"
जब रवि ने पूछा कि शिक्षा बचाने के लिए आवाज उठाना क्या गलत है तो कथित रूप से जवाब मिला, "अगर नेता बनना है तो पॉलिटिकल साइंस में एडमिशन ले, मास कम्युनिकेशन में मत ले।" साथ ही यह भी कहा गया कि यदि तुम्हे मास कम्युनिकेशन में प्रवेश लेना हैं तो तुम्हे धरना-प्रदर्शनों से दूर रहना होगा, अन्यथा तुम्हारा नाम काट दिया जाएगा और हम तुम्हारे घर पर फोन करके तुम्हारी शिकायत करेंगे।

हम देख रहे हैं कि शिक्षण संस्थान लगातार बीजेपी-आरएसएस के अड्डे बनते जा रहे हैं।किसी छात्र को उसके शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक आंदोलन में भाग लेने के कारण धमकी देना स्वीकार्य नहीं हो सकता।
PSF छात्र संगठन विभागाध्यक्ष द्वारा किए गए व्यवहार का पुरजोर विरोध करता है और विश्वविद्यालय प्रशासन से अपेक्षा करता है कि छात्रों को डराने-धमकाने के बजाय उनके लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान किया जाए। विश्वविद्यालय शिक्षा और विचार-विमर्श का केंद्र होता है, न कि छात्रों की आवाज दबाने का माध्यम।
हम सभी छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, सामाजिक संगठनों और लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले नागरिकों से अपील करते हैं कि वे इस प्रकार की धमकियों के खिलाफ आवाज उठाएं और शिक्षा संस्थानों में जनवादी माहौल बनाए रखने के संघर्ष में साथ दें।


•दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर दिल्ली पुलिस, RAF, व CISF द्वारा बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज, टियर गैस और प...
24/07/2026

•दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर दिल्ली पुलिस, RAF, व CISF द्वारा बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज, टियर गैस और पैलेट गन जैसे खतरनाक हथियारों का इस्तेमाल करने का विरोध करो।

साथियों,
प्रोग्रेसिव स्टूडेंट्स फ्रंट हरियाणा, दिल्ली के जंतर-मंतर सहित देशभर में पेपर लीक, बेरोजगारी और शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं पर हुए लाठीचार्ज, बल प्रयोग तथा कथित दमनात्मक कार्रवाई का पुरजोर विरोध करता है।

देशभर के लाखों युवा पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया, निष्पक्ष परीक्षाओं और अपने भविष्य की सुरक्षा की मांग को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज़ उठा रहे थे। ऐसे शांतिपूर्ण आंदोलनों के प्रति बल प्रयोग किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है।
प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले दागना , पत्थर फेंकना, इलेक्ट्रिक शौक देना और महिलाओं के साथ अमानवीय कृत्य करना भारत के लिए शर्मनाक दृश्य है। एक तरफ तो भारत के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा देते है जिसमें अरबों रुपए खर्च किए गए, लेकिन दूसरी तरफ वह बेटियों के साथ हुई अमानवीय कृत्य पर चुप्पी साधे हुए है।

साथियों, दिल्ली पुलिस ने वर्दीधारी गुंडों की तरह काम करते हुए और अन्य बलों जैसे RAF, CISF के साथ मिलकर, इस ब्राह्मणवादी हिंदुत्व फासीवादी सरकार की सेवा की है। जब-जब आवाम अपने हक अधिकारों के लिए संघर्ष करती है तो सत्ताधारी व पूंजीपति वर्ग अपनी रक्षा व लूट को सुरक्षित रखने के लिए इन्हीं पुलिस,मिल्ट्री फोर्स को आवाम के दमन के लिए आगे कर देती है। इनका उद्देश्य आवाम की रक्षा करना नहीं, बल्कि सत्ताधारी व पूंजीपति वर्ग के हितों को आगे बढ़ाना है। राष्ट्रीय सुरक्षा और आत्मरक्षा के नाम पर, लगातार बढ़ती निगरानी का उद्देश्य केवल उन लोगों की पहचान करना, उन्हें निशाना बनाना और उन पर हमला करना है जो इस ब्राह्मणवादी हिंदुत्ववादी फासीवादी राज्य पर सवाल उठाते हैं और इसके खिलाफ संघर्ष करते हैं।

हम मानते हैं कि प्रत्येक नागरिक को अपने हक अधिकारों के लिए प्रदर्शन करने,अपनी बात रखने और विरोध दर्ज कराने का संवैधानिक अधिकार प्राप्त है। इस अधिकार का सम्मान किया जाना चाहिए, न कि उसे दबाने का प्रयास किया जाना चाहिए।

हम संघर्ष में आगे आए छात्रों और युवाओं का समर्थन करते हैं और राज्य द्वारा की गई बर्बरता का कड़ा विरोध करते हैं सभी प्रगतिशील, लोकतांत्रिक और क्रांतिकारी शक्तियों से इस फासीवादी राज्य के खिलाफ एकजुट संघर्ष करने का आग्रह करते हैं।

हमारी प्रमुख मांगें:

1.प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज, आंसू गैस, पत्थर से हमले करने वाले अधिकारियों के ऊपर उचित कार्रवाई की जाए
2.महिला प्रदर्शनकारियों के साथ अमानवीय कृत्य करने वाले अधिकारियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई की जाए।

3.पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

4.पेपर लीक के कारण आत्महत्या करने वाले विद्यार्थियों के परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाए।

5.सभी छात्रों के लिए मुफ्त, समान, गुणवत्तापूर्ण और वैज्ञानिक शिक्षा सुनिश्चित की जाए।

6.युवाओं के लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक अधिकारों की रक्षा की जाए तथा असहमति का सम्मान किया जाए।
7.शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का तुरंत इस्तीफा लिया जाए।

जारीकर्ता:- प्रोग्रेसिव स्टूडेंट्स फ्रंट हरियाणा
(80598-70115)

साथियों कल 20 जुलाई को Progressive Students Front- PSF ने दिल्ली पुलिस द्वारा सोनम वांगचुक को गैरकानूनी तरीके से डिटेन क...
21/07/2026

साथियों कल 20 जुलाई को Progressive Students Front- PSF ने दिल्ली पुलिस द्वारा सोनम वांगचुक को गैरकानूनी तरीके से डिटेन करने के खिलाफ और जंतर मंतर पर चल रहे आंदोलन के समर्थन में एकदिवसीय अनशन और प्रदर्शन किया।

प्रोगेसिव स्टूडेंट्स फ्रंट(PSF) के नेतृत्व में गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार के मुख्य द्वार के बाहर एक दिवसीय सांकेतिक अनशन एवं धरना प्रदर्शन आयोजित किया गया। यह अनशन सुबह 10:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक चला। यह कार्यक्रम दिल्ली के जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक के नेतृत्व वाले आंदोलन तथा पेपर लीक के कारण स्टूडेंट्स के आत्महत्या करने के खिलाफ था। आज PSF के तीन साथी अनशन पर थे।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में विद्यार्थियों, शोधार्थियों, शिक्षकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लेकर आंदोलन के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया। पूरे दिन प्रतिभागियों ने शांतिपूर्ण ढंग से अनशन किया ।।
धरने को समर्थन देने के लिए NSUI से विकास बनभौरी, DASFI से वीरभान, संजू ,अमित,अमित, राजेश मेहंदिया ,AMVA से सुरेंद्र , INSO से दीपक घणघस ओर उनकी टीम,DSC छात्र संगठन से सोमनाथ, सुल्तान खटक आदि शामिल रहे।

शाम को पेपर लीक के कारण आत्महत्या करने वाले अभ्यर्थियों को श्रद्धांजलि देने के लिए यूनिवर्सिटी के अंदर एक शांतिपूर्ण मार्च निकलने का कार्यक्रम था , पर डरपोक प्रशासन द्वारा मार्च निकालने से रोका गया जिसका सभी संगठनों ने विरोध किया ।
हमारा प्रदर्शन यूनिवर्सिटी के खिलाफ नहीं था , जंतर मंतर पर चल रहे आंदोलन को समर्थन देने के लिए था लेकिन वीसी ने हमें मार्च की अनुमति नहीं दी इसलिए हमने फिर वीसी और यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ भी नारेबाजी की।


सोनम वांगचुक के गैरकानूनी डिटेंशन के खिलाफ और जंतर मंतर पर चल रहे आंदोलन को समर्थन देने के लिए हिसार के संवेदनशील और न्य...
19/07/2026

सोनम वांगचुक के गैरकानूनी डिटेंशन के खिलाफ और जंतर मंतर पर चल रहे आंदोलन को समर्थन देने के लिए हिसार के संवेदनशील और न्यायपसंद लोग लगातार सड़कों पर आ रहे है।।

#सीजेपी

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