10/10/2026
॥ ॐ पितृभ्यः स्वधा नमः ॥
सनातन धर्म में सर्वपितृ अमावस्या केवल श्राद्ध और तर्पण का पर्व नहीं, बल्कि उन समस्त पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का पावन अवसर है, जिनके त्याग, तपस्या और संस्कारों से हमारा अस्तित्व है। आज उन पुण्यात्माओं के साथ उन वीर धर्मरक्षकों का भी श्रद्धापूर्वक स्मरण करें, जिन्होंने सनातन धर्म, संस्कृति, परंपराओं और आस्था की रक्षा के लिए अपने प्राणों तक की आहुति दे दी, ताकि आने वाली पीढ़ियाँ अपनी धार्मिक पहचान और सांस्कृतिक विरासत के साथ जीवित रह सकें।
इस पावन अवसर पर भगवान श्रीहरि विष्णु से प्रार्थना है कि हमारे समस्त दिवंगत पितरों एवं धर्मरक्षा हेतु प्राणोत्सर्ग करने वाले वीर बलिदानियों को सद्गति और मोक्ष प्रदान करें। उनकी आत्माओं को शाश्वत शांति प्राप्त हो तथा उनका त्याग और आदर्श हमारी पीढ़ियों को धर्म, साहस और कर्तव्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते रहें।
#सर्वपितृ_अमावस्या