16/10/2026
शिक्षा से सशक्तीकरण की ओर: मारुधरा स्किलबॉट इंडिया फाउंडेशन को मिलेगा श्रेष्ठ NGO सम्मान पुरस्कार 2026
कोटा की संस्था युवाओं को रोजगारोन्मुख कौशल, महिलाओं के स्वास्थ्य और ग्रामीण समुदायों के सशक्तीकरण से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध; 25 अक्टूबर को नई दिल्ली में पद्मश्री कनवल सिंह चौहान करेंगे सम्मानित
शिक्षा केवल ज्ञान प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता, रोजगार और सामाजिक परिवर्तन का सशक्त आधार भी है। इसी विचार को केंद्र में रखकर कार्य करने वाली राजस्थान के कोटा स्थित मारुधरा स्किलबॉट इंडिया फाउंडेशन को इस वर्ष श्रेष्ठ NGO सम्मान पुरस्कार 2026 से सम्मानित किया जाएगा। संस्था के अध्यक्ष नवाब अहमद के नेतृत्व में संगठन व्यावहारिक शिक्षा, कौशल विकास, युवा सशक्तीकरण और महिला स्वास्थ्य एवं जागरूकता के क्षेत्र में अवसरों का विस्तार करने के उद्देश्य से आगे बढ़ रहा है।
यह सम्मान 25 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली स्थित गांधी पीस फाउंडेशन में आयोजित होने वाले इम्पैक्ट इंडिया समिट 2026 एवं श्रेष्ठ NGO सम्मान पुरस्कार समारोह के दौरान प्रदान किया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित पद्मश्री सम्मानित किसान कनवल सिंह चौहान के हाथों संस्था को सम्मानित किया जाएगा। फसल विविधीकरण और कृषि क्षेत्र में अपने योगदान के लिए पहचाने जाने वाले चौहान की उपस्थिति इस आयोजन को सामाजिक विकास, नवाचार और आत्मनिर्भरता के साझा संकल्प से जोड़ती है।
शिक्षा को रोजगार और आत्मनिर्भरता से जोड़ने का संकल्प
मारुधरा स्किलबॉट इंडिया फाउंडेशन की कार्यदृष्टि इस विचार पर आधारित है कि केवल शैक्षणिक योग्यता या प्रमाणपत्र प्राप्त करना पर्याप्त नहीं है। युवाओं को ऐसे व्यावहारिक कौशल भी मिलने चाहिए, जिनके माध्यम से वे रोजगार प्राप्त कर सकें, स्वरोजगार शुरू कर सकें और बदलती तकनीक के साथ कदम से कदम मिलाकर चल सकें।
इसी उद्देश्य से संस्था कंप्यूटर शिक्षा, टैली, ब्यूटीशियन प्रशिक्षण, रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तथा अन्य रोजगारोन्मुख पाठ्यक्रमों सहित छह अलग-अलग कार्यक्रमों के माध्यम से कौशल विकास के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य कर रही है। इन पहलों का उद्देश्य युवाओं में तकनीकी दक्षता, आत्मविश्वास और कार्यक्षमता विकसित करना है, ताकि वे अपने भविष्य का निर्माण स्वयं कर सकें।
संस्था की विशेष प्राथमिकताओं में ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के युवाओं तक प्रशिक्षण के अवसर पहुँचाना भी शामिल है। इसके लिए स्थानीय स्वयंसेवकों को जोड़ने, संभावित विद्यालयों और सामुदायिक संस्थाओं के साथ सहयोग की संभावनाएँ तलाशने तथा व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यशालाओं की रूपरेखा तैयार करने पर ध्यान दिया जा रहा है।
संस्था ने अपने प्रस्तावित शैक्षणिक कार्यक्रमों को संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्य 4 (SDG 4) यानी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के उद्देश्य के अनुरूप रखने का संकल्प भी लिया है। यह दृष्टिकोण शिक्षा को अधिक व्यावहारिक, समावेशी और अवसर-केंद्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
महिला स्वास्थ्य और सामुदायिक जागरूकता पर भी जोर
संस्था का उद्देश्य केवल युवाओं को रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण तक सीमित रखना नहीं है। महिलाओं और बालिकाओं के स्वास्थ्य, जागरूकता तथा कल्याण को बढ़ावा देना भी इसकी प्राथमिकताओं में शामिल है। समुदाय आधारित कार्यक्रमों और नवीन प्रशिक्षण पहलों के माध्यम से उन वर्गों तक पहुँचने का प्रयास किया जा रहा है, जिन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य संबंधी जानकारी और आर्थिक अवसरों की सबसे अधिक आवश्यकता है।
संस्था का मानना है कि किसी भी समाज का वास्तविक विकास तभी संभव है, जब युवाओं को कौशल मिले, महिलाएँ जागरूक एवं सशक्त बनें और स्थानीय समुदाय विकास की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाएँ। इसी सोच के तहत संगठन अपने प्रारंभिक चरण में जमीनी स्तर पर कार्यान्वयन की तैयारी और अगले 90 दिनों के लिए पायलट कार्यशालाओं एवं सामुदायिक संपर्क का रोडमैप तैयार कर चुका है।
आगे चलकर कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के अंतर्गत सहयोग, दानदाताओं, शैक्षणिक संस्थानों और अन्य सहयोगियों के साथ साझेदारी के माध्यम से इन पहलों का विस्तार करने की योजना है।
अध्यक्ष नवाब अहमद: कौशल ही आत्मनिर्भर भविष्य की मजबूत नींव
मारुधरा स्किलबॉट इंडिया फाउंडेशन के अध्यक्ष नवाब अहमद के नेतृत्व में संस्था शिक्षा और रोजगार के बीच की दूरी को कम करने की दिशा में काम करने का लक्ष्य रखती है। उनकी दृष्टि में कौशल विकास केवल प्रशिक्षण देने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि युवाओं को अपने पैरों पर खड़ा होने का आत्मविश्वास देने का माध्यम है।
संस्था की विचारधारा इस संदेश को सामने रखती है कि यदि युवाओं को सही मार्गदर्शन, आधुनिक तकनीक का ज्ञान और व्यावहारिक प्रशिक्षण मिले, तो वे अपनी परिस्थितियों को अवसरों में बदल सकते हैं। ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में ऐसी पहलें विशेष महत्व रखती हैं, जहाँ गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण और रोजगार संबंधी मार्गदर्शन तक पहुँच कई बार सीमित होती है।
नवाब अहमद का वक्तव्य:
“हमारा उद्देश्य युवाओं को केवल प्रमाणपत्र देना नहीं, बल्कि उन्हें ऐसा व्यावहारिक कौशल, आत्मविश्वास और ज्ञान प्रदान करना है, जिससे वे अपने जीवन में वास्तविक बदलाव ला सकें। हमारा विश्वास है कि शिक्षा तभी सार्थक होती है, जब वह रोजगार, स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता के अवसर पैदा करे। हम चाहते हैं कि ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के युवा भी रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, कंप्यूटर शिक्षा और अन्य आधुनिक कौशलों से जुड़कर भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार हों। श्रेष्ठ NGO सम्मान पुरस्कार 2026 के लिए चयनित होना हमारे लिए प्रोत्साहन के साथ-साथ समाज के प्रति हमारी जिम्मेदारी को और मजबूत करने का अवसर है। हम इम्पैक्ट इंडिया समिट की पूरी टीम के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करते हैं, जिन्होंने हमारी संस्था के प्रयासों को इस सम्मान के योग्य समझा।”
शमा परवीन सय्यद: शिक्षा के साथ जागरूकता और सामाजिक भागीदारी जरूरी
संस्था की सदस्य सचिव शमा परवीन सय्यद संगठनात्मक गतिविधियों, सामुदायिक संपर्क और संस्था के उद्देश्यों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने की सोच से जुड़ी हैं। संस्था की व्यापक दृष्टि में महिलाओं और बालिकाओं के स्वास्थ्य, जागरूकता तथा सामाजिक भागीदारी को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है।
शमा परवीन सय्यद का वक्तव्य:
“किसी भी सामाजिक परिवर्तन की शुरुआत जागरूकता से होती है। जब युवाओं को सही शिक्षा और कौशल मिलता है तथा महिलाएँ अपने स्वास्थ्य, अधिकारों और अवसरों के प्रति जागरूक होती हैं, तो उसका सकारात्मक प्रभाव पूरे परिवार और समुदाय पर पड़ता है। हमारा प्रयास है कि प्रशिक्षण और जागरूकता को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के लिए स्थानीय स्तर पर लोगों को साथ जोड़ा जाए। इम्पैक्ट इंडिया समिट की टीम द्वारा हमारी संस्था को श्रेष्ठ NGO सम्मान पुरस्कार 2026 के लिए चुना जाना हमारे लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है। हम इस विश्वास और प्रोत्साहन के लिए पूरी टीम के आभारी हैं।”
मोहम्मद शोएब खान: योजनाओं को परिणामों में बदलना प्राथमिकता
संस्था के कोषाध्यक्ष मोहम्मद शोएब खान के दृष्टिकोण से सामाजिक पहलों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने के लिए संसाधनों का उचित उपयोग, पारदर्शिता, नियोजन और जवाबदेही महत्वपूर्ण आधार हैं। किसी भी सामाजिक संस्था के लिए योजनाओं को वास्तविक गतिविधियों में बदलना और उनके प्रभाव का आकलन करना उसकी दीर्घकालिक विश्वसनीयता को मजबूत करता है।
मोहम्मद शोएब खान का वक्तव्य:
“सामाजिक कार्यों का वास्तविक मूल्य तभी सामने आता है, जब उनके माध्यम से लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव दिखाई दे। हमारा प्रयास है कि उपलब्ध संसाधनों का जिम्मेदारी से उपयोग करते हुए कौशल प्रशिक्षण, सामुदायिक जागरूकता और रोजगारोन्मुख कार्यक्रमों को आगे बढ़ाया जाए। हम चाहते हैं कि संस्था की प्रत्येक पहल युवाओं और जरूरतमंद समुदायों के लिए नए अवसर पैदा करने में योगदान दे। श्रेष्ठ NGO सम्मान पुरस्कार 2026 के लिए चयनित किए जाने पर हम इम्पैक्ट इंडिया समिट की पूरी टीम का धन्यवाद करते हैं। यह सम्मान हमें अपने कार्यों को अधिक प्रभावी, जवाबदेह और परिणामोन्मुख बनाने की प्रेरणा देता है।”
नेहा परवीन: अवसरों की समान पहुँच से बनेगा सशक्त समाज
संस्था की उपाध्यक्ष नेहा परवीन की भूमिका संगठन की उस व्यापक सोच को आगे बढ़ाने से जुड़ी है, जिसमें शिक्षा, कौशल और सामाजिक जागरूकता के अवसर अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाने पर जोर दिया जाता है। संस्था का उद्देश्य है कि सामाजिक या आर्थिक परिस्थितियाँ किसी युवा की प्रगति में स्थायी बाधा न बनें और महिलाएँ भी विकास की प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभा सकें।
नेहा परवीन का वक्तव्य:
“एक सशक्त समाज का निर्माण तभी संभव है, जब हर युवा को अपनी प्रतिभा विकसित करने का अवसर मिले और महिलाएँ भी शिक्षा, स्वास्थ्य तथा आर्थिक आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में आगे बढ़ सकें। हमारा सपना है कि कौशल विकास केवल कुछ लोगों तक सीमित न रहे, बल्कि ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के युवाओं के लिए भी नए रास्ते खोले। यह सम्मान हमारे लिए केवल उपलब्धि नहीं, बल्कि उन लोगों तक पहुँचने की जिम्मेदारी भी है, जिन्हें आज अवसरों और सही मार्गदर्शन की आवश्यकता है। हम इम्पैक्ट इंडिया समिट की पूरी टीम के प्रति आभार व्यक्त करते हैं और समाज के लिए अधिक सार्थक कार्य करने का संकल्प दोहराते हैं।”
इम्पैक्ट इंडिया समिट 2026: सामाजिक बदलाव के प्रयासों को पहचान
25 अक्टूबर को नई दिल्ली में आयोजित होने वाला इम्पैक्ट इंडिया समिट 2026 एवं श्रेष्ठ NGO सम्मान पुरस्कार समारोह सामाजिक संगठनों, जनहित में काम करने वाली संस्थाओं और परिवर्तन के लिए प्रयासरत नेतृत्व को पहचान देने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। इस मंच पर मारुधरा स्किलबॉट इंडिया फाउंडेशन को मिलने वाला सम्मान शिक्षा, कौशल विकास और सामुदायिक सशक्तीकरण की दिशा में उसके घोषित उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहन के रूप में देखा जा रहा है।
संस्था की यात्रा अभी प्रारंभिक चरण में है, लेकिन उसका लक्ष्य स्पष्ट है—शिक्षा को कौशल से, कौशल को अवसर से और अवसर को सशक्तीकरण से जोड़ना। यदि प्रशिक्षण, सामुदायिक भागीदारी और संस्थागत सहयोग को प्रभावी ढंग से जमीन पर उतारा जाता है, तो ऐसी पहलें युवाओं को बेहतर भविष्य की दिशा में आगे बढ़ने में मदद कर सकती हैं।
मारुधरा स्किलबॉट इंडिया फाउंडेशन का संदेश भी यही है कि प्रमाणपत्र मंजिल नहीं, बल्कि अवसरों की ओर बढ़ने का रास्ता है। जब शिक्षा के साथ व्यावहारिक कौशल, आत्मविश्वास और सही मार्गदर्शन जुड़ता है, तभी आत्मनिर्भर भारत का सपना मजबूत आधार प्राप्त करता है।