10/09/2022
#गज़ब
गज़ब एक वह हालात है, जो मुतावक्के और ग़ैर मुतावक्के हालात के पेश आने पर बर अनगेखता होती है,
और जब वह तबियत पर मुसल्लत हो जाती है तो इंसान की #अक़्ल_को_जाईल कर देती है,
इंसान राहे सवाब से मूनहरिफ़ हो कर बेज़ाबतगी का मुरकतिब हो जाता हैं,
#गुस्से के वक़्त खून जोश मारता है और तेज़ी से दिल कि तरफ माईल होता है, और वहा से रगों में मुन्तक़िल हो कर जिस्म पर ज़ाहिर होने की कोशिश करता है,
चेहरा सुर्ख़ और गर्दन की रगें उभर जाती है, सीने में पानी की तरह जोश जन होता हैं, चेहरे को बिगाड़ देता है,
इंसान अपने होठ दांतो के नीचे दबा लेता हैं और जिस्म के तमाम अज़ा मुतास्सिर होते हैं.!
्ल_का_सबसे_बड़ा_और_सख्त_दुश्मन_हैं
गज़ब के हम तरीन दो असबाब हैं
◆ विरासत
◆ बीमारियां
●खानदानी तरबियत और असातज़ा की तालीम को भी गजब की आग भड़काने में बड़ा दख़ल हैं,
●तकब्बुर , ख़ुद बीनी, मसर्रत बेजा, कसरते मज़ाह , मकरो हिर्स, ज़र, माल व जाह भी वह अख़लाक़ ए क़ासिफ़ा हैं,
जो गज़ब को अपने साथ लाते है,
और ख़ुद गज़ब , मुताअदीद बीमारीयो की तौलीद का सबब है।
★ गज़ब वह रूहानी खतरनाक बीमारी है जो अव्वल साहिबे गज़ब को और फिर दूसरों को सख्त नुकसान पहुंचाती है,
साहिबे ग़ज़ब नादानिस्ता जुर्महाये बुज़ुग़ में मुबतिला हो जाता है।
★ दुनिया के अतिब्बअ इस ग़ज़ब के मुहालिक मर्ज़ के इलाज से आज़िज रहे हैं, लेकिन अल्लाह सुब्हानहु का मुकर्रर करदा तबीब पैग़म्बर ए इस्लाम , नबी ए क़ायनात #मुहम्मद_ए_मुस्तफा_ﷺ ने इसका इलाज यू इर्शाद फ़रमाया है,
"अगर कोई शख्स आने अंदर आसार ए ग़ज़ब देखे तो अगर वह खड़ा है तो बैठ जाये, बैठा है तो लेट जाएं, अगर फिर भी असर रहे तो ठंडे पानी से वुज़ू और ग़ुस्ल करे, क्यों कि पानी आग को बुझा देता हैं"
इरशाद ए ईमाम जाफ़र सादिक़ सलामुल्लाहे अलैहे है कि हर ा_की_कुंजी_ग़ज़ब_हैं और कोई बुर्दबार नही , फिर भी बुर्दबारी और तहम्मुल की कोशिश की जाए,
ग़ज़ब मर्द ए दाना के दिल को हलाक़ कर देता, बुर्दबारी इसका बेहतरीन इलाज हैं।।