02/05/2026
भा.व.अ.शि.प. (ICFRE)- उष्णकटिबंधीय वन अनुसंधान संस्थान (Tropical Forest Research Institute ) जबलपुर द्वारा छत्तीसगढ़ के साल वनों मे साल हार्टवुड बोरर (Hoplocerambyx spinicornis) के एकीकृत प्रबंधन पर प्रशिक्षण कार्यक्रम गरियाबंद वन प्रभाग, छत्तीसगढ़ में दिनांक 30/04/2026 फ्रंटलाइन स्टाफ के लिए आयोजित किया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम संस्थान के निदेशक डॉ. नीलू सिंह के मार्ग दर्शन में किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र मे निदेशक महोदया ने स्वागत भाषण दिया, जिसमें प्रशिक्षण का महत्व, साल वनों की उपयोगिता एवं स्थानीय लोगों में जागरूकता लाने पर जोर दिया। श्री तपीश कुमार झा, IFS, PCCF और निदेशक, राज्य वन अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान (SFRTI), रायपुर, प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में ऑनलाइन माध्यम से इस कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने साल वनों की वर्तमान स्थिति, सिल्विकल्चर प्रैक्टिस के माध्यम से सरंक्षण करने हेतु अनुरोध किया। सभी प्रतिभागियों को "गो बैक टू जंगल" का मंत्र दिया जिसे वनों का संरक्षण एवं सतत उपयोग किया जा सके। सीसीएफ, रायपुर सर्कल श्री मणिवसागन एस., भा.व.से, ने अपने भाषण में साल वनों के पारिस्थितिक और आर्थिक महत्व के बारे में बताया। उन्होंने साल बोरर के प्रकोपों के लिए जिम्मेदार प्रमुख कारकों पर भी चर्चा की और वनों की गुणवत्ता पर जोर दिया। DCF, गरियाबंद श्री शशिगानंदन के., भा. व. से, ने मुख्य भाषण दिया, जिसमें कीट के सबसे अधिक सक्रिय होने की अवधि के दौरान तत्परता के महत्व पर प्रकाश डाला और प्रतिभागियों को प्राप्त ज्ञान को सक्रिय रूप सेनियमित कार्य में उपयोग में लाने के लिए प्रेरित किया। डॉ. मोहन, वैज्ञानिक ने उद्घाटन सत्र मे प्रशिक्षण कार्यक्रम के बारे मे जानकारी प्रदान किया। डॉ. राठोड ने कार्यक्रम का संचालन किया। इस कार्यक्रम में 60 से भी अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण कार्यक्रम के तकनीकी सत्र में डॉ. मोहन सी., वैज्ञानिक-बी ने साल बोरर के जीव विज्ञान, पारिस्थितिकी, पहचान और वर्गीकरण पर व्याख्यान दिए। डॉ. निधीश टी. डी., वैज्ञानिक-बी ने कीट के वर्गीकरण और व्यवहार पर व्याख्यान दिया, जिसमें वन पारिस्थितिकी तंत्र में अलग बीटल के पहचानने की तकनीकी जानकारी प्रदान की। डॉ. राठोड दिग्विजयसिंह यू., वैज्ञानिक-सी ने साल वनों के 'स्टैंड डायनामिक्स' (वनों की संरचना और विकास की गतिशीलता) के बारे में आवश्यक जानकारी प्रदान की। ICFRE–TFRI की वैज्ञानिक टीम ने प्रभावित पेड़ों की पहचान, 'ट्री ट्रैप' ऑपरेशन तथा प्रकोपों को रोकने के संबंधित जानकारी फील्ड डेमोंस्ट्रेशन के माध्यम से प्रशिक्षार्थीयो के साथ सजा की। इस कार्यक्रम के सफल आयोजन में श्री कुंजिलाल पटेल (वरिष्ठ तकनीशियन) और जगदानंद पाइक (प्रोजेक्ट सहायक) ने अपना सक्रिय सहयोग प्रदान किया।