16/05/2026
जन्म के साथ ही मृत्यु भी निश्चित हो जाती हैं मनुष्य की,
तो मित्रों जीवन और मृत्यु के बीच में जो समय मिला हैं ,
उसको अच्छे कर्मों में व्यतीत करो,क्यों एक दूसरे के लिए जहर उगलते रहते हो दिन रात,एक दूसरे का साथ दीजिए,मान सम्मान कीजिए।
गरीब बेसहारा पीड़ित शोषित लोगों की सेवा में व्यतीत कीजिए,
दूसरों के आंखों से आंसू पोंछिए।