Commercial Taxes Department, Rajasthan

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25/09/2026

जीएसटी विभाग की बड़ी कार्रवाई: पांच प्रतिष्ठानों में जांच, 22.79 करोड़ रूपए की संभावित कर देयता सामने
जांच के दौरान 17.93 करोड़ रूपए की राशि जमा/आईटीसी रिवर्सल
24 Sep 2026, 1:37 PM

जयपुर, 24 सितम्बर। राज्य कर विभाग द्वारा कर अपवंचना एवं संदिग्ध इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) दावों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत विभिन्न जिलों में पांच प्रतिष्ठानों के विरुद्ध सर्वे एवं जांच की कार्रवाई की गई। विभागीय जांच में कुल 22.79 करोड़ रुपए की संभावित कर देयता सामने आई है। कार्रवाई के दौरान संबंधित करदाताओं द्वारा अब तक 17.93 करोड़ रुपए की राशि जमा अथवा ITC रिवर्स किया गया है। शेष देयता के संबंध में आगे की कार्रवाई जारी है।

विभाग द्वारा की गई कार्रवाई का विवरण इस प्रकार है—

भिवाड़ी में एंगस्ट्रॉम बायोटेक पर कार्रवाई

M/s Angstrom Biotech Pvt. Ltd. Bhiwadi में 18 सितम्बर को सर्वे किया गया। जांच में ऐसे आपूर्तिकर्ता से खरीद के संबंध में ITC का लाभ लिए जाने की बात सामने आई, जिसका GST पंजीयन संबंधित खरीद की तारीख से पूर्व ही निरस्त हो चुका था।

मामले में 60 लाख रूपए की संभावित कर देयता सामने आई, जिसके विरुद्ध करदाता द्वारा 29.23 लाख रुपए की स्वैच्छिक जमा राशि की गई।

सरदारशहर में सेवाड़ा ट्रेडिंग कंपनी पर जांच

Sevada Trading Company, सरदारशहर (चूरू) के वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2025-26 के दौरान अतिरिक्त ITC का दावा किए जाने का मामला सामने आया।

जांच में 54.14 लाख रूपए की संभावित देयता चिन्हित की गई, जिसमें CGST एवं SGST की राशि 27.07-27.07 लाख रूपये है। इसके विरुद्ध करदाता द्वारा 10 लाख रुपए की स्वैच्छिक जमा राशि की गई है।

जोधपुर में K P Infra पर कार्रवाई

M/s K P Infra जोधपुर के 21 सितम्बर को निरीक्षण किया गया। जांच में लगभग 2.76 करोड़ रूपए के GST TDS की रिपोर्टिंग पाई गई, जबकि करदाता द्वारा फरवरी 2026 के बाद GSTR-3B रिटर्न दाखिल नहीं किए गए थे।

मामले में 40 लाख रूपये की संभावित कर देयता निर्धारित की गई है। करदाता द्वारा आगामी 2-3 कार्य दिवसों में देय राशि जमा करने की जानकारी दी गई है।

बाड़मेर में मा सांभरा आशापुरा एंटरप्राइजेज पर कार्रवाई

MA Sambhara Ashapura Enterprises, बाड़मेर के विरुद्ध 19 सितम्बर को सर्वे किया गया। वाहन किराया एवं आवासीय सेवाओं से जुड़े इस प्रतिष्ठान द्वारा अब-इनिशियो कैंसिल एवं कैंसिल GST पंजीयन वाले करदाताओं से ITC का दावा एवं उपयोग किए जाने तथा CGST/RGST के प्रावधानों के उल्लंघन का मामला सामने आया।

जांच में 24.61 लाख रूपए की संभावित देयता चिन्हित की गई। इसके विरुद्ध करदाता द्वारा 8.19 लाख रुपए की राशि जमा की गई है।

जैसलमेर में CGE II Hybrid Energy Pvt. Ltd. पर कार्रवाई

M/s CGE II Hybrid Energy Pvt. Ltd., जैसलमेर के 18 सितम्बर को सर्वे किया गया। कंपनी सौर एवं नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में कार्यरत है। जांच में पूर्व वित्तीय वर्षों से संबंधित IGST ITC के रिवर्सल में अनियमितता सामने आई। मामले में 21 करोड़ रूपए की संभावित कर देयता चिन्हित की गई। कार्रवाई के बाद कंपनी द्वारा पूर्व अवधि से संबंधित 16.72 करोड़ रुपए का IGST ITC रिवर्स किया गया।
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नेमीचन्द

22/09/2026

जीएसटी एवं वैट अनियमितताओं पर वाणिज्यिक कर विभाग की बड़ी कार्रवाई,

कर चोरी एवं कर अनियमितताओं पर वाणिज्यिक कर विभाग की बड़ी कार्रवाई,

प्रदेश में 11 प्रतिष्ठानों पर सर्वे एवं निरीक्षण—लगभग 5.55 करोड़ रूपए की संभावित कर देनदारी सामने आई, 1.49 करोड़ रूपए से अधिक की राशि स्वेच्छा से जमा/रिवर्स

19 Sep 2026, 7:14 PM

जयपुर, 19 सितम्बर। वाणिज्यिक कर विभाग द्वारा कर अपवंचन, कर देनदारी के कम भुगतान, अपात्र इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के उपयोग तथा रिटर्न में विसंगतियों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत प्रदेश में 15 से 17 सितम्बर के दौरान विभिन्न प्रतिष्ठानों पर सर्वे एवं निरीक्षण की कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान प्रारंभिक रूप से लगभग 5.55 करोड़ रूपए की संभावित कर देनदारी सामने आई, जबकि संबंधित करदाताओं द्वारा अब तक 1.49 करोड़ रूपए से अधिक की राशि नकद भुगतान अथवा ITC रिवर्सल के रूप में स्वेच्छा से जमा की गई है। कई मामलों में दस्तावेज एवं डिजिटल रिकॉर्ड जब्त किए गए तथा आगे की जांच के लिए समन भी जारी किए गए हैं।



जयपुर के CLAYB.ORN पर 20 लाख रूपए की संभावित GST देनदारी—



जयपुर के वैशाली नगर स्थित CLAYB.ORN (GUDDU HOSPITALITY PRIVATE LIMITED) में 16 सितम्बर को निरीक्षण किया गया। जांच में फरवरी 2026 से वर्तमान अवधि तक GST देनदारी का भुगतान नहीं किए जाने की स्थिति सामने आई। लगभग 20 लाख रूपए की संभावित देनदारी के विरुद्ध करदाता ने 10 लाख रुपए CGST एवं SGST के रूप में 5-5 लाख रूपए नकद जमा किए। पुस्तकों, खरीद बिलों एवं अन्य अभिलेखों की विस्तृत जांच जारी है।



VAT मामले में भी 10 लाख रूपए जमा—



इसी प्रतिष्ठान से संबंधित VAT जांच में पंजीयन दिनांक 17 सितम्बर 2024 से वर्तमान अवधि तक VAT रिटर्न दाखिल नहीं किए जाने तथा कर देनदारी जमा नहीं किए जाने की स्थिति सामने आई। लगभग 30 लाख रूपए की संभावित VAT देनदारी के विरुद्ध करदाता ने 10 लाख रूपये ई-चालान के माध्यम से नकद जमा किए। शेष देनदारी की गणना के अनुसार भुगतान किए जाने की बात कही गई है तथा VAT-14 नोटिस जारी किया गया है।



जयपुर के दो रेस्टोरेंट में टैक्स दर की विसंगति की जांच—



चोड़ा रास्ता स्थित SAMRAT के दोनों प्रतिष्ठानों की जांच में GST पोर्टल पर 1 प्रतिशत की दर से कर जमा किए जाने की जानकारी सामने आई, जबकि विभागीय जांच के अनुसार संबंधित रेस्टोरेंट सेवाओं पर लागू कर दर 5 प्रतिशत होने की स्थिति में विस्तृत सत्यापन आवश्यक पाया गया। दोनों मामलों में लगभग 10-10 लाख रुपए की संभावित कर देनदारी का आकलन किया गया है। साथ ही कारोबार/टर्नओवर को कम दर्शाए जाने की आशंका के मद्देनजर अभिलेखों की विस्तृत जांच की जा रही है।



THE AAUREUM एवं MINORII पर 55 लाख रूपए ITC रिवर्स—



एक अन्य कार्रवाई में Yash Realmart Private Limited से संबंधित THE AAUREUM होटल, MINORII रेस्टोरेंट एवं OLYMPIA SPA AND WELLNESS CENTR की जांच की गई। विभागीय विश्लेषण में अपात्र ITC के उपयोग एवं सेट-ऑफ का मामला सामने आया। लगभग 1 करोड़ रूपए की संभावित राजस्व देनदारी के विरुद्ध करदाता ने निरीक्षण के दौरान 55 लाख रूपए ITC रिवर्स किया। दस्तावेजों की जांच के लिए 23 सितम्बर को उपस्थित होने हेतु समन जारी किया गया है।



PRAKASH LIGHTING में 30.37 लाख रूपए राजस्व प्राप्त—



PRAKASH LIGHTING में उच्च ITC उपयोग एवं संभावित दबाई गई बिक्री से संबंधित जांच के दौरान 18.10 लाख रुपए ITC रिवर्स तथा 12.27 लाख रुपए नकद जमा किए गए। इस प्रकार कुल 30.37 लाख रुपए राजस्व प्राप्त हुआ। आगे पुस्तकों, खरीद बिलों एवं अन्य रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।



SOFTSTAR INTELLIGENT TRANSACTIONS SYSTEM में 1.76 करोड़ रूपए की संभावित देनदारी—



जयपुर स्थित SOFTSTAR INTELLIGENT TRANSACTIONS SYSTEM PRIVATE LIMITED के GST रिटर्न के परीक्षण में विभिन्न वित्तीय वर्षों में GSTR-1 एवं GSTR-3B के बीच अंतर तथा ITC की विसंगतियां सामने आईं। लगभग 1.76 करोड़ रूपए की संभावित देनदारी के विरुद्ध करदाता ने 7.54 लाख रूपए स्वेच्छा से जमा किए।



KANHAIYA TRADERS में 11.50 लाख रूपए ITC रिवर्स—



बिलासपुर/भीलवाड़ा क्षेत्र में KANHAIYA TRADERS के निरीक्षण में उपलब्ध ITC के लगभग 97 प्रतिशत उपयोग के संबंध में जांच की गई। कार्रवाई के दौरान अधिक स्टॉक पाया गया। करदाता ने विसंगति स्वीकार करते हुए 11.50 लाख रुपए जमा किए।



—SHREE GOVINDAM में 17.59 लाख रूपए जमा



श्रीगंगानगर स्थित इलेक्ट्रॉनिक्स प्रतिष्ठान SHREE GOVINDAM के निरीक्षण में पुस्तकीय रिकॉर्ड एवं भौतिक स्टॉक में प्रथम दृष्टया अंतर पाया गया। भौतिक सत्यापन के दौरान लगभग 85 लाख रुपए मूल्य का स्टॉक पाया गया। इसके कर प्रभाव के मद्देनजर करदाता ने 17.59 लाख रूपए स्वेच्छा से जमा किए, जिसमें CGST एवं SGST की राशि 8.795-8.795 लाख रुपए है।



बीकानेर के HMT STEEL INDUSTRIES में 1.12 करोड़ रूपए का अंतर—



बीकानेर स्थित HMT STEEL INDUSTRIES के निरीक्षण में घोषित/भुगतान की गई कर देनदारी में बड़ा अंतर पाया गया। जनवरी से मार्च 2026 तथा जून 2026 की प्रविष्टियों के परीक्षण में कुल लगभग 1.12 करोड़ रूपए की कर देनदारी का अंतर सामने आया। प्रतिष्ठान पर रिकॉर्ड की उपलब्धता एवं संबंधित अभिलेखों की जांच के लिए आगे की कार्रवाई की जा रही है



ALWAR में फर्जी/निरस्त फर्मों से ITC लेने के मामले सामने आए—



अलवर स्थित AKANKSHA ENGINEERING WORKS में निरस्त एवं फर्जी फर्म से ITC लिए जाने का मामला सामने आया। लगभग 16.35 लाख रूपए की संभावित देनदारी के विरुद्ध करदाता ने 7.15 लाख रूपए जमा किए, जिसमें 6.35 लाख रूपए नकद तथा 0.80 लाख रुपए ITC रिवर्सल शामिल है।

इसी प्रकार ABHI ENGINEERING WORKS में अब-इनिशियो कैंसिल फर्मों से लगभग 9.77 लाख रुपए ITC लिए जाने की जानकारी सामने आई। मामले में आगे की जांच के लिए दस्तावेज एवं बही-खातों के साथ 28 सितम्बर को उपस्थित होने हेतु समन जारी किया गया है।

वाणिज्यिक कर विभाग द्वारा स्पष्ट किया गया है कि इन सभी मामलों में प्रारंभिक जांच के आधार पर विसंगतियां सामने आई हैं। पुस्तकों, बिलों, रिटर्न, ITC तथा अन्य अभिलेखों के विस्तृत सत्यापन के बाद वास्तविक कर देनदारी निर्धारित की जाएगी। जहां आवश्यक होगा, CGST/RGST Act एवं संबंधित VAT कानूनों के प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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नेमी चन्द/कुणाल

22/09/2026

जीएसटी विभाग की बड़ी कार्रवाई—
7 प्रतिष्ठानों पर सर्वे, करीब 160 लाख रुपए की संभावित कर देनदारी सामने आई
70.59 लाख रूपए की स्वैच्छिक कर जमा राशि, अनियमित ITC, बिना बिल कारोबार, फर्जी बिलिंग एवं स्टॉक संबंधी अनियमितताओं पर कार्रवाई

20 Sep 2026, 8:10 PM

जयपुर, 20 सितम्बर। वाणिज्यिक कर विभाग द्वारा जीएसटी राजस्व में अनियमितताओं, कर अपवंचना, अपात्र इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) एवं बिना वास्तविक आपूर्ति के टैक्स इनवॉइस जारी करने जैसी गतिविधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत 18 सितम्बर, 2026 को प्रदेश में विभिन्न स्थानों पर करदाताओं के व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का सर्वे/निरीक्षण किया गया।

विभागीय अधिकारियों द्वारा की गई कार्रवाई में कुल 7 प्रतिष्ठानों में प्रथम दृष्टया लगभग 159.95 लाख रुपए की संभावित कर देनदारी सामने आई है। कार्रवाई के दौरान संबंधित करदाताओं द्वारा 70.59 लाख रुपए की राशि स्वैच्छिक रूप से जमा कराई गई है। कई मामलों में महत्वपूर्ण दस्तावेज एवं रिकॉर्ड भी जब्त/अभिलेखित किए गए हैं तथा आगे की जांच जारी है।

जयपुर के प्रथम मोबिटल प्राइवेट लिमिटेड के विरुद्ध ब्लॉक क्रेडिट/ITC रिवर्सल के संबंध में निरीक्षण कार्रवाई की गई। मामले में लगभग 21.60 लाख रूपए की संभावित देनदारी सामने आई, जिसके विरुद्ध करदाता द्वारा 4.74 लाख रुपए जमा कराए गए, जिसमें 1 लाख रूपए ITC तथा 3.74 लाख रूपए नकद शामिल है। पुस्तकों, खरीद बिलों एवं अन्य अभिलेखों की विस्तृत जांच की जा रही है।

अजमेर के M/s Arsh Fashion Couture LLP के यहां टेक्सटाइल कारोबार में स्टॉक एवं टर्नओवर संबंधी अनियमितताओं की जांच की गई। भौतिक स्टॉक के सत्यापन में घोषित स्टॉक की तुलना में अधिक स्टॉक पाया गया। मौके से लूज पेपर एवं रजिस्टर/नोटबुक सहित संबंधित रिकॉर्ड जब्त किए गए। मामले में लगभग 15 लाख रूपए की संभावित देनदारी के विरुद्ध करदाता ने 10.90 लाख रुपए स्वैच्छिक रूप से जमा किए हैं।

बोरावड़, डीडवाना-कुचामन के M/s Vinod Kumar Agarwal के यहां खाद्य तेल, चीनी, गुड़, चावल, पोहा एवं मसालों के कारोबार में कर अपवंचना की आशंका के आधार पर कार्रवाई की गई। बिना उचित बिल के खरीद-बिक्री एवं देनदारी के समायोजन संबंधी तथ्यों की जांच की गई। मामले में लगभग 7–8 लाख रूपए की संभावित देनदारी के विरुद्ध 6.50 लाख रूपये नकद जमा कराए गए।

केकड़ी स्थित Vijay Manufacturing Industries में आयरन गुड्स, वेल्ड मेश, बार्ब्ड वायर एवं बेड आदि के निर्माण संबंधी कारोबार में कम कैश रेशियो एवं टर्नओवर छिपाने की आशंका पर सर्वे किया गया। मौके पर उपलब्ध भौतिक स्टॉक एवं व्यावसायिक दस्तावेजों को रिकॉर्ड में लिया गया। मामले में 15 लाख रूपये की स्वैच्छिक राशि जमा की गई।

किशनगढ़ स्थित Ranka Tiles के मामले में रद्द GST पंजीयन वाले सप्लायर्स से खरीद एवं उससे संबंधित ITC की जांच की गई। जांच में लगभग 15.85 लाख रूपये की संभावित देनदारी सामने आई। इसके विरुद्ध करदाता द्वारा 8.45 लाख रूपये नकद जमा कराए गए।
हनुमानगढ़ स्थित Jeet Trailers के यहां ट्रेलर निर्माण इकाई में खरीद एवं ITC से संबंधित अनियमितताओं की जांच की गई। साथ ही पिछले तीन वर्षों में 100 प्रतिशत ITC का उपयोग किए जाने की भी जांच की जा रही है। कार्रवाई के दौरान पंचनामा तैयार कर रिकॉर्ड की जांच की गई तथा करदाता द्वारा 25 लाख रूपये जमा किए गए। मामले की जांच जारी है।

कोटा स्थित Gulab Traders के यहां बिना वास्तविक माल की आपूर्ति के टैक्स इनवॉइस जारी कर कार्रवाई की गई। जांच में प्रथम दृष्टया ऐसे इनवॉइस जारी किए जाने के तथ्य सामने आए जिनके पीछे वास्तविक माल की आपूर्ति नहीं थी। मामले में लगभग 40 लाख रूपये की संभावित कर देनदारी सामने आई है। फिलहाल इस मामले में कोई स्वैच्छिक जमा राशि नहीं हुई है तथा आगे की जांच जारी है।

विभाग द्वारा स्पष्ट किया गया है कि सभी मामलों में पुस्तकों, खरीद-बिक्री अभिलेखों, स्टॉक, ITC एवं संबंधित दस्तावेजों की विस्तृत जांच की जा रही है। जांच के दौरान सामने आने वाली वास्तविक कर देनदारी के आधार पर CGST/RGST Act के प्रावधानों के तहत आगामी कार्रवाई की जाएगी।

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नेमीचन्द/आकाश

22/09/2026

जीएसटी एवं वैट अनियमितताओं पर वाणिज्यिक कर विभाग की बड़ी कार्रवाई
कर चोरी एवं कर अनियमितताओं पर वाणिज्यिक कर विभाग की बड़ी कार्रवाई
प्रदेश में 11 प्रतिष्ठानों पर सर्वे एवं निरीक्षण—लगभग 5.55 करोड़ रूपए की संभावित कर देनदारी सामने आई, 1.49 करोड़ रूपए से अधिक की राशि स्वेच्छा से जमा/रिवर्स
जयपुर, 19 सितम्बर। वाणिज्यिक कर विभाग द्वारा कर अपवंचन, कर देनदारी के कम भुगतान, अपात्र इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के उपयोग तथा रिटर्न में विसंगतियों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत प्रदेश में 15 से 17 सितम्बर के दौरान विभिन्न प्रतिष्ठानों पर सर्वे एवं निरीक्षण की कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान प्रारंभिक रूप से लगभग 5.55 करोड़ रूपए की संभावित कर देनदारी सामने आई, जबकि संबंधित करदाताओं द्वारा अब तक 1.49 करोड़ रूपए से अधिक की राशि नकद भुगतान अथवा ITC रिवर्सल के रूप में स्वेच्छा से जमा की गई है। कई मामलों में दस्तावेज एवं डिजिटल रिकॉर्ड जब्त किए गए तथा आगे की जांच के लिए समन भी जारी किए गए हैं।
जयपुर के CLAYB.ORN पर 20 लाख रूपए की संभावित GST देनदारी
जयपुर के वैशाली नगर स्थित CLAYB.ORN (GUDDU HOSPITALITY PRIVATE LIMITED) में 16 सितम्बर को निरीक्षण किया गया। जांच में फरवरी 2026 से वर्तमान अवधि तक GST देनदारी का भुगतान नहीं किए जाने की स्थिति सामने आई। लगभग 20 लाख रूपए की संभावित देनदारी के विरुद्ध करदाता ने 10 लाख रुपए CGST एवं SGST के रूप में 5-5 लाख रूपए नकद जमा किए। पुस्तकों, खरीद बिलों एवं अन्य अभिलेखों की विस्तृत जांच जारी है।
VAT मामले में भी 10 लाख रूपए जमा
इसी प्रतिष्ठान से संबंधित VAT जांच में पंजीयन दिनांक 17 सितम्बर 2024 से वर्तमान अवधि तक VAT रिटर्न दाखिल नहीं किए जाने तथा कर देनदारी जमा नहीं किए जाने की स्थिति सामने आई। लगभग 30 लाख रूपए की संभावित VAT देनदारी के विरुद्ध करदाता ने 10 लाख रूपये ई-चालान के माध्यम से नकद जमा किए। शेष देनदारी की गणना के अनुसार भुगतान किए जाने की बात कही गई है तथा VAT-14 नोटिस जारी किया गया है।
जयपुर के दो रेस्टोरेंट में टैक्स दर की विसंगति की जांच
चोड़ा रास्ता स्थित SAMRAT के दोनों प्रतिष्ठानों की जांच में GST पोर्टल पर 1 प्रतिशत की दर से कर जमा किए जाने की जानकारी सामने आई, जबकि विभागीय जांच के अनुसार संबंधित रेस्टोरेंट सेवाओं पर लागू कर दर 5 प्रतिशत होने की स्थिति में विस्तृत सत्यापन आवश्यक पाया गया। दोनों मामलों में लगभग 10-10 लाख रुपए की संभावित कर देनदारी का आकलन किया गया है। साथ ही कारोबार/टर्नओवर को कम दर्शाए जाने की आशंका के मद्देनजर अभिलेखों की विस्तृत जांच की जा रही है।
THE AAUREUM एवं MINORII पर 55 लाख रूपए ITC रिवर्स
एक अन्य कार्रवाई में Yash Realmart Private Limited से संबंधित THE AAUREUM होटल, MINORII रेस्टोरेंट एवं OLYMPIA SPA AND WELLNESS CENTR की जांच की गई। विभागीय विश्लेषण में अपात्र ITC के उपयोग एवं सेट-ऑफ का मामला सामने आया। लगभग 1 करोड़ रूपए की संभावित राजस्व देनदारी के विरुद्ध करदाता ने निरीक्षण के दौरान 55 लाख रूपए ITC रिवर्स किया। दस्तावेजों की जांच के लिए 23 सितम्बर को उपस्थित होने हेतु समन जारी किया गया है।
PRAKASH LIGHTING में 30.37 लाख रूपए राजस्व प्राप्त
PRAKASH LIGHTING में उच्च ITC उपयोग एवं संभावित दबाई गई बिक्री से संबंधित जांच के दौरान 18.10 लाख रुपए ITC रिवर्स तथा 12.27 लाख रुपए नकद जमा किए गए। इस प्रकार कुल 30.37 लाख रुपए राजस्व प्राप्त हुआ। आगे पुस्तकों, खरीद बिलों एवं अन्य रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।
SOFTSTAR INTELLIGENT TRANSACTIONS SYSTEM में 1.76 करोड़ रूपए की संभावित देनदारी
जयपुर स्थित SOFTSTAR INTELLIGENT TRANSACTIONS SYSTEM PRIVATE LIMITED के GST रिटर्न के परीक्षण में विभिन्न वित्तीय वर्षों में GSTR-1 एवं GSTR-3B के बीच अंतर तथा ITC की विसंगतियां सामने आईं। लगभग 1.76 करोड़ रूपए की संभावित देनदारी के विरुद्ध करदाता ने 7.54 लाख रूपए स्वेच्छा से जमा किए।
KANHAIYA TRADERS में 11.50 लाख रूपए ITC रिवर्स
बिलासपुर/भीलवाड़ा क्षेत्र में KANHAIYA TRADERS के निरीक्षण में उपलब्ध ITC के लगभग 97 प्रतिशत उपयोग के संबंध में जांच की गई। कार्रवाई के दौरान अधिक स्टॉक पाया गया। करदाता ने विसंगति स्वीकार करते हुए 11.50 लाख रुपए जमा किए।
SHREE GOVINDAM में 17.59 लाख रूपए जमा
श्रीगंगानगर स्थित इलेक्ट्रॉनिक्स प्रतिष्ठान SHREE GOVINDAM के निरीक्षण में पुस्तकीय रिकॉर्ड एवं भौतिक स्टॉक में प्रथम दृष्टया अंतर पाया गया। भौतिक सत्यापन के दौरान लगभग 85 लाख रुपए मूल्य का स्टॉक पाया गया। इसके कर प्रभाव के मद्देनजर करदाता ने 17.59 लाख रूपए स्वेच्छा से जमा किए, जिसमें CGST एवं SGST की राशि 8.795-8.795 लाख रुपए है।
बीकानेर के HMT STEEL INDUSTRIES में 1.12 करोड़ रूपए का अंतर
बीकानेर स्थित HMT STEEL INDUSTRIES के निरीक्षण में घोषित/भुगतान की गई कर देनदारी में बड़ा अंतर पाया गया। जनवरी से मार्च 2026 तथा जून 2026 की प्रविष्टियों के परीक्षण में कुल लगभग 1.12 करोड़ रूपए की कर देनदारी का अंतर सामने आया। प्रतिष्ठान पर रिकॉर्ड की उपलब्धता एवं संबंधित अभिलेखों की जांच के लिए आगे की कार्रवाई की जा रही है
ALWAR में फर्जी/निरस्त फर्मों से ITC लेने के मामले सामने आए
अलवर स्थित AKANKSHA ENGINEERING WORKS में निरस्त एवं फर्जी फर्म से ITC लिए जाने का मामला सामने आया। लगभग 16.35 लाख रूपए की संभावित देनदारी के विरुद्ध करदाता ने 7.15 लाख रूपए जमा किए, जिसमें 6.35 लाख रूपए नकद तथा 0.80 लाख रुपए ITC रिवर्सल शामिल है।
इसी प्रकार ABHI ENGINEERING WORKS में अब-इनिशियो कैंसिल फर्मों से लगभग 9.77 लाख रुपए ITC लिए जाने की जानकारी सामने आई। मामले में आगे की जांच के लिए दस्तावेज एवं बही-खातों के साथ 28 सितम्बर को उपस्थित होने हेतु समन जारी किया गया है।
वाणिज्यिक कर विभाग द्वारा स्पष्ट किया गया है कि इन सभी मामलों में प्रारंभिक जांच के आधार पर विसंगतियां सामने आई हैं। पुस्तकों, बिलों, रिटर्न, ITC तथा अन्य अभिलेखों के विस्तृत सत्यापन के बाद वास्तविक कर देनदारी निर्धारित की जाएगी। जहां आवश्यक होगा, CGST/RGST Act एवं संबंधित VAT कानूनों के प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।

08/09/2026

जीएसटी विभाग की सघन कार्रवाई, कर अपवंचना पर कसा शिकंजा
जयपुर, अलवर, सवाई माधोपुर एवं डीडवाना-कुचामन में निरीक्षण—1.74 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वैच्छिक रूप से जमा
07 Sep 2026, 10:23 PM

जयपुर, 7 सितम्बर। राज्य में कर अपवंचना एवं अपात्र इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) के मामलों के विरुद्ध वाणिज्यिक कर विभाग द्वारा लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। विभाग की प्रवर्तन टीमों ने विभिन्न जिलों में करदाताओं के व्यवसायिक परिसरों का निरीक्षण एवं जांच करते हुए संदिग्ध लेन-देन, अपात्र आईटीसी, बिना वास्तविक आपूर्ति के बिल जारी करने तथा रिटर्न में विसंगतियों से जुड़े मामलों का खुलासा किया है।

अभी हाल ही में हुई कार्रवाई में जयपुर, अलवर, सवाई माधोपुर तथा डीडवाना-कुचामन में किए गए निरीक्षणों में कुल संभावित कर देयता करीब 1.93 करोड़ सामने आई, जबकि संबंधित मामलों में करदाताओं द्वारा 1.74 करोड़ रूपए से अधिक की राशि स्वेच्छा से जमा/रिवर्स की गई है। कई मामलों में दस्तावेज एवं रिकॉर्ड जब्त कर आगे की जांच भी शुरू की गई है।

पद्मावती ट्रैवल्स एंड कार्गो से 1.39 करोड़ रुपये की आईटीसी रिवर्सल—

जयपुर स्थित पदमावती ट्रैवल्स एंड कार्गो के व्यवसायिक परिसर का 1 सितम्बर को निरीक्षण किया गया। जांच में पाया गया कि 1,38,88,072 रूपए की आईजीएसटी आईटीसी का नियमानुसार रिवर्सल नहीं किया गया था। विभाग द्वारा प्रकरण की गंभीरता एवं आईटीसी रिवर्सल के प्रावधानों से अवगत कराने के बाद करदाता ने उक्त पूरी राशि 1,38,88,072 रुपए स्वेच्छा से जमा की। विभाग द्वारा संबंधित अवधि के रिटर्न एवं अभिलेखों की आगे भी जांच की जा रही है।

अलवर सोल्वेक्स को आगजनी से कितना नुकसान हुआ—

अलवर स्थित अलवर सोल्वेक्स का 2 सितम्बर को निरीक्षण किया गया। प्रकरण में 30 लाख रूपए की संभावित राशि सामने आई है। जांच का प्रमुख बिंदु गत 15 अगस्त को प्रतिष्ठान में हुई आग की घटना से संबंधित आईटीसी तथा स्टॉक के नुकसान से जुड़ा है।

जांच में सामने आया कि प्रतिष्ठान पर एवीएल एग्री बिजनेस लि. के लिए सरसों तेल की पैकिंग का जॉबवर्क किया जाता है और आग लगने के समय परिसर में उपलब्ध स्टॉक उक्त फर्म का था। मौके पर पंचनामा तैयार कर स्वतंत्र गवाहों की उपस्थिति में कार्रवाई की गई। मामले में आवश्यक दस्तावेज एवं लेखा पुस्तकों की जांच के लिए 11 सितम्बर को उपस्थित होने हेतु समन जारी किया गया है।

खेरलीवाला प्रोडक्ट्स से 10 लाख रुपये की स्वैच्छिक जमा राशि—

अलवर के खेड़लीवाला प्रोडक्ट्स प्रा. लि. का 1 सितम्बर को निरीक्षण किया गया। विभागीय जांच में ब्लॉक आईटीसी का दावा किए जाने की संभावना सामने आई। मामले में करीब 12 लाख रूपए की संभावित राशि निर्धारित की गई।

जांच के दौरान करदाता ने 10 लाख रूपए की राशि स्वैच्छिक रूप से जमा की। मौके पर स्टॉक का भौतिक सत्यापन किया गया तथा स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में पंचनामा तैयार किया गया। मामले में आगे की जांच जारी है।
गायत्री स्टोन क्रशर में सर्कुलर ट्रेडिंग एवं बिना वास्तविक आपूर्ति के बिल जारी करने की आशंका
सुजानगढ़ क्षेत्र के गायत्री स्टोन क्रशर के यहां 1 सितम्बर को निरीक्षण किया गया। विभागीय डेटा विश्लेषण के आधार पर सर्कुलर ट्रेडिंग, वास्तविक माल/सेवा की आपूर्ति के बिना इनवॉइस जारी करने, आरसीएम में अंतर तथा टर्नओवर छिपाने जैसी गंभीर विसंगतियों की संभावना सामने आई।
प्रकरण में करीब 10.15 लाख रूपए की संभावित राशि का आकलन किया गया है। जांच के दौरान दैनिक बिक्री से संबंधित दस्तावेज जब्त किए गए हैं।

शिव ऑयल इंडस्ट्रीज में 28.98 लाख रुपये की अपात्र ITC का मामला—

सवाई माधोपुर के खंडार में शिव ऑयल इंडस्ट्रीज का 2 सितम्बर को निरीक्षण किया गया। प्रारंभिक जांच में वर्ष 2022-23 में 16,61,504 तथा वर्ष 2023-24 में 12,37,080, कुल 28,98,584 रुपए की आईटीसी के उपयोग का मामला सामने आया। विभाग द्वारा संबंधित ITC की पात्रता की जांच की जा रही है। मामले में करदाता के प्रतिष्ठान पर पंचनामा एवं बयान स्वतंत्र गवाहों की उपस्थिति में तैयार किए गए हैं तथा प्रकरण की विस्तृत जांच जारी है। इस मामले में 15 लाख रूपए की स्वैच्छिक जमा राशि भी प्राप्त हुई है।

राधे कृष्णा टिम्बर्स में दस्तावेज जब्त, 10 लाख रुपये जमा—

डीडवाना-कुचामन जिले के मकराना स्थितराधे कृष्णा टिम्बर्स का 2 सितम्बर को निरीक्षण किया गया। प्लाईवुड एवं टिम्बर कारोबार को कर अपवंचना की दृष्टि से संवेदनशील मानते हुए विभाग ने कार्रवाई की।
विश्वसनीय सूचनाओं एवं उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर बिना उचित बिलिंग के खरीद-बिक्री तथा आईटीसी के माध्यम से कर देयता को कम किए जाने की आशंका सामने आई। मामले में 12 लाख रूपए की संभावित राशि का आकलन किया गया। करदाता द्वारा 10 लाख रुपए की राशि कैश लेजर के माध्यम से स्वैच्छिक रूप से जमा की गई। खरीद-बिक्री बिलों, लेखा पुस्तकों एवं अन्य अभिलेखों की विस्तृत जांच की जा रही है।

विभाग की सख्त निगरानी जारी—

विभाग का उद्देश्य है कि ईमानदारी से कर चुकाने वाले करदाताओं को प्रोत्साहन मिले तथा कर अपवंचना, फर्जी बिलिंग, सर्कुलर ट्रेडिंग और अपात्र आईटीसी के माध्यम से राजस्व को होने वाले नुकसान पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि इन प्रकरणों में आगे की जांच दस्तावेजों, लेखा पुस्तकों, रिटर्न एवं उपलब्ध डिजिटल डेटा के आधार पर की जाएगी तथा जांच में तथ्य सामने आने पर नियमानुसार आगामी कार्रवाई की जाएगी।
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नेमी चन्द/ब्रजेश

01/09/2026

जीएसटी चोरी पर वाणिज्यिक कर विभाग की बड़ी कार्रवाई
—जयपुर, जोधपुर और बाड़मेर में तीन प्रतिष्ठानों पर सर्वे और सर्च
—लगभग 55.33 लाख रूपए की संभावित कर देनदारी आई सामने, 25.61 लाख रूपए जमा
31 Aug 2026, 8:17 PM

जयपुर, 31 अगस्त। राज्य में जीएसटी प्रावधानों की पालना सुनिश्चित करने और कर अपवंचन पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए वाणिज्यिक कर विभाग द्वारा लगातार सघन सर्वे एवं सर्च कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में विभाग की टीमों ने जयपुर, जोधपुर एवं बाड़मेर में तीन प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई करते हुए विभिन्न अनियमितताओं से संबंधित दस्तावेज एवं रेकार्ड जुटाए हैं। प्रारंभिक जांच में कुल लगभग 55.33 लाख रूपए की संभावित कर देनदारी सामने आई है। इनमें से 25.61 लाख रूपए की राशि स्वैच्छिक रूप से जमा कराई जा चुकी है।

विभाग द्वारा आयुष व्हील्स इंडिया, जयपुर में 25 अगस्त को सर्वे कार्रवाई की गई। विभाग को फील्ड सूचना के आधार पर प्रतिष्ठान के एक अतिरिक्त व्यवसाय स्थल के लंबे समय से सक्रिय होने तथा हाल में उसे जीएसटी पोर्टल पर नए व्यवसाय स्थल के रूप में जोड़ने के लिए आवेदन किए जाने की जानकारी मिली थी। प्रारंभिक जांच में बिक्री को छिपाए जाने की आशंका सामने आई।

कार्रवाई के दौरान फर्म के प्रोपराइटर का बयान दर्ज किया गया तथा बिक्री एवं खरीद से संबंधित बिल, स्टॉक सारांश सहित उपलब्ध रेकार्ड की जांच की गई। मामले में लगभग 11.93 लाख रूपए की संभावित कर देनदारी सामने आई, जिसमें से 10 लाख रूपए की राशि स्वैच्छिक रूप से जमा कराई गई है। शेष दस्तावेजों एवं अभिलेखों की जांच के लिए आगे की कार्रवाई जारी है।

बाड़मेर जिले के सेड़वा क्षेत्र में चामुंडा कंस्ट्रक्शन कंपनी के विरुद्ध 27 अगस्त को सर्वे कार्रवाई की गई। यह फर्म सड़क निर्माण एवं भवन निर्माण जैसे सेवा क्षेत्र में कार्यरत है। प्रारंभिक जांच में ऐसे करदाताओं से इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) लिए जाने की जानकारी सामने आई, जिनका पंजीयन प्रारंभ से ही निरस्त था अथवा निरस्त किया जा चुका था।

कार्रवाई के दौरान क्षेत्रीय प्रबंधक का बयान दर्ज किया गया तथा पंचनामा तैयार किया गया। प्रारंभिक स्तर पर 28.40 लाख रूपए की संभावित देनदारी सामने आई है। इसमें से ₹15.61 लाख की राशि 29 अगस्त को स्वैच्छिक रूप से जमा कराई गई। शेष अभिलेखों की जांच एवं आगे की कार्रवाई जारी है।

इसी क्रम में विभाग ने एआरके प्लाईलैम, आरआईआईसीओ इंडस्ट्रियल एरिया, बोरानाडा, जोधपुर में 27 अगस्त को सर्च कार्रवाई की। प्रारंभिक जांच में जीएसटी में इनपुट टैक्स क्रेडिट के अधिक/गलत अथवा अपात्र दावे किए जाने की आशंका सामने आई। जीएसटी रिटर्न के विश्लेषण में यह भी पाया गया कि फर्म की लगभग पूरी आउटवर्ड टैक्स देनदारी का भुगतान आईटीसी के माध्यम से किया गया जबकि कैश लेजर के माध्यम से भुगतान बहुत कम रहा।

सर्च के दौरान प्रतिष्ठान से अनअकाउंटेड बिक्री की ओर संकेत करने वाले लूज पेपर्स मिले, जिन्हें जब्त कर लिया गया। इन दस्तावेजों का फर्म के बहीखातों, जीएसटी रिटर्न एवं अन्य रेकार्ड से मिलान किया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में लगभग 15 लाख रूपए की संभावित कर देनदारी का आकलन किया गया है। करदाता ने जांच एवं देनदारी के अंतिम निर्धारण के अधीन कर, ब्याज एवं पेनल्टी का भुगतान करने की इच्छा व्यक्त की है।

कर अपवंचन के मामलों में विभाग की सख्त निगरानी—
वाणिज्यिक कर विभाग द्वारा जीएसटी रिटर्न, ई-वे बिल, आईटीसी दावों, खरीद-बिक्री के रेकार्ड एवं वास्तविक कारोबार के बीच अंतर का तकनीकी एवं भौतिक सत्यापन किया जा रहा है। विभाग का स्पष्ट उद्देश्य है कि ईमानदारी से कर चुकाने वाले करदाताओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, वहीं कर अपवंचन एवं फर्जी/अपात्र आईटीसी के मामलों में नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि उपरोक्त मामलों में कर देनदारी का अंतिम निर्धारण विस्तृत जांच एवं अभिलेखों के सत्यापन के बाद ही किया जाएगा।
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नेमीचंद/ब्रजेश

31/08/2026

ई-वे बिल नियमों की अनदेखी पर वाणिज्यिक कर विभाग सख्त
10 दिनों में 16 ट्रांसपोर्टरों के 29 वाहन पकड़े, बिना ई-वे बिल और कम मात्रा व मूल्य दर्शाने के मामले आए सामने
27 Aug 2026, 4:16 PM

जयपुर, 27 अगस्त। राज्य में माल परिवहन के दौरान ई-वे बिल के प्रावधानों का पालन नहीं करने वालों के विरुद्ध वाणिज्यिक कर विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। विभाग की प्रवर्तन टीमों ने पिछले 10 दिनों में 16 अलग-अलग ट्रांसपोर्टरों के 29 वाहन अनियमितताओं के चलते पकड़े हैं। इन वाहनों में या तो आवश्यक ई-वे बिल के बिना माल का परिवहन किया जा रहा था अथवा ई-वे बिल में वास्तविक रूप से परिवहन किए जा रहे माल की तुलना में कम मात्रा या कम मूल्य दर्शाया गया था।
विभाग द्वारा पकड़े गए वाहनों को नियमानुसार जब्त कर उनके संबंध में आगे की कार्रवाई की जा रही है। माल एवं संबंधित दस्तावेजों का विस्तृत सत्यापन किया जा रहा है, जिसके आधार पर देय कर, ब्याज एवं दंड की राशि निर्धारित की जाएगी।

प्रमुख ट्रांसपोर्टरों के वाहन भी कार्रवाई की जद में—

पिछले तीन दिनों में ही विभाग की प्रवर्तन टीमों ने कई प्रमुख ट्रांसपोर्टरों के वाहनों में ई-वे बिल संबंधी अनियमितताएं पकड़ी हैं। इनमें जड़िया ट्रांसपोर्ट, पूजा रोड कैरियर्स, बालाजी ट्रांसपोर्ट, टीएफसी, ओम शिव ट्रांसपोर्ट, शक्ति, उदयपुर गोल्डन, शेखावाटी ट्रांसपोर्ट कंपनी और यू ट्रांस लॉजिस्टिकसहित अन्य ट्रांसपोर्टर शामिल हैं। कुछ ट्रांसपोर्टरों के एक से अधिक वाहन भी अनियमितता में पकड़े गए हैं।

कर चोरी की आशंका वाले मामलों पर विशेष निगरानी—

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कुछ मामलों में कर चोरी की मंशा से आवश्यक ई-वे बिल के बिना माल का परिवहन किया जा रहा था। वहीं कुछ मामलों में ई-वे बिल में वास्तविक माल की तुलना में कम मात्रा अथवा कम मूल्य दर्ज किया गया। विभाग ऐसे मामलों को गंभीरता से ले रहा है, क्योंकि इससे वास्तविक कर देयता को कम दर्शाने की संभावना रहती है।
प्रवर्तन टीमों द्वारा वाहनों में लदे माल, ई-वे बिल और अन्य संबंधित दस्तावेजों का आपसी मिलान एवं सत्यापन किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार कर, ब्याज एवं दंड निर्धारित कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

सही विवरण दर्ज करना अनिवार्य—

वाणिज्यिक कर विभाग ने व्यवसायियों एवं ट्रांसपोर्टरों को स्पष्ट संदेश दिया है कि माल परिवहन के दौरान ई-वे बिल के सभी प्रावधानों का पूर्ण पालन किया जाए। ई-वे बिल में माल की वास्तविक मात्रा, वास्तविक मूल्य और परिवहन से संबंधित सही विवरण दर्ज करना अनिवार्य है।
विभाग ने कहा कि बिना ई-वे बिल माल परिवहन करने अथवा जानबूझकर कम मात्रा या मूल्य दर्शाकर कर देयता कम करने के प्रयासों को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में नियमानुसार सख्त प्रवर्तन कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

ईमानदार कारोबारियों के हितों की भी रक्षा—

विभाग के अनुसार ई-वे बिल व्यवस्था के प्रभावी अनुपालन से न केवल कर चोरी पर अंकुश लगेगा, बल्कि ईमानदारी से व्यापार एवं माल परिवहन करने वाले करदाताओं के हितों की भी रक्षा होगी। दस्तावेजों में कम माल दर्शाकर परिवहन करने वाले कारोबारियों को अनुचित प्रतिस्पर्धात्मक लाभ मिलने की स्थिति को रोकना भी विभाग की प्राथमिकता है।

वाणिज्यिक कर विभाग की प्रवर्तन टीमों द्वारा राज्यभर में माल परिवहन की निगरानी एवं जांच लगातार जारी है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि कर अनुपालन में लापरवाही अथवा ई-वे बिल के दुरुपयोग पर कार्रवाई आगे भी पूरी सख्ती से जारी रहेगी।
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नेमीचंद/आकाश

31/08/2026

जीएसटी विभाग की बड़ी कार्रवाई, चार प्रतिष्ठानों में सामने आईं कर अनियमितताएं
करीब 1.40 करोड़ रूपए की कर राशि एवं आईटीसी से जुड़ी अनियमितताओं पर कार्रवाई, 1.16 करोड़ रूपए से अधिक की स्वैच्छिक जमा एवं रिवर्सल
28 Aug 2026, 3:16 PM

जयपुर, 28 अगस्त। राज्य में जीएसटी नियमों के अनुपालन को सुनिश्चित करने तथा कर अपवंचन एवं गलत तरीके से लिए गए इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए वाणिज्यिक कर विभाग द्वारा सर्वे एवं निरीक्षण की कार्रवाई लगातार तेज की जा रही है। इसी क्रम में विभागीय अधिकारियों द्वारा जयपुर, बाड़मेर एवं किशनगढ़ में विभिन्न प्रतिष्ठानों पर की गई कार्रवाई में जीएसटी से संबंधित महत्वपूर्ण अनियमितताएं सामने आई हैं। संबंधित करदाताओं द्वारा कार्रवाई के दौरान 1.16 करोड़ रुपए से अधिक की राशि स्वेच्छा से जमा एवं रिवर्स की गई है।

महारानी ट्रैवल्स में 96.93 लाख रुपए की आईटीसी अनियमितता

जयपुर के जनता कॉलोनी स्थित महारानी ट्रैवल्स पर 20 अगस्त को निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान लेखा पुस्तकों, रिटर्न एवं अभिलेखों की जांच में 96,93,048 रुपए के IGST इनपुट टैक्स क्रेडिट से संबंधित अनियमितता सामने आई। विभाग द्वारा प्रकरण के प्रावधानों एवं परिणामों से अवगत कराए जाने के बाद करदाता ने उक्त राशि का रिवर्सल करते हुए 96,93,048 रुपए की राशि 26 अगस्त को स्वैच्छिक रूप से जमा की।

लूदार कंस्ट्रक्शन कंपनी से 2.55 लाख रूपए की स्वैच्छिक जमा

बाड़मेर स्थित लूदार कंस्ट्रक्शन कंपनी के व्यावसायिक परिसर में 24 अगस्त को निरीक्षण एवं सर्च की कार्रवाई में फर्म द्वारा ऐसे करदाता से इनपुट टैक्स क्रेडिट लिए जाने की जानकारी सामने आई, जिसका पंजीयन प्रारंभ से ही रद्द था तथा जिसे गैर-मौजूद करदाता के रूप में चिन्हित किया गया था।

विभागीय अधिकारियों द्वारा विसंगतियों से अवगत कराए जाने के बाद करदाता ने 2,55,405 रुपए की राशि 26 अगस्त को स्वैच्छिक रूप से जमा की। कार्रवाई के दौरान कोई माल अथवा दस्तावेज जब्त नहीं किए गए। प्रकरण में आगे की जांच जारी है।

हाशमी ओवरसीज एलएलपी में 21.98 लाख रूपए की संभावित राजस्व देनदारी

जयपुर के औद्योगिक क्षेत्र कानोता स्थित हाशमी ओवरसीज एलएलपी पर 20 अगस्त को निरीक्षण एवं सर्च की कार्रवाई के आधार पर फर्म द्वारा माल परिवहन के लिए ट्रकों की आपूर्ति, संबंधित सेवाओं को छूट प्राप्त कारोबार के रूप में दर्शाने तथा परिसर किराये पर देने से संबंधित लेन-देन की जांच की गई।

जांच में ट्रकों से संबंधित आईटीसी को अन्य सेवा से प्राप्त आउटपुट टैक्स के समायोजन में उपयोग किए जाने तथा निर्माण संबंधी खर्चों पर अवरुद्ध आईटीसी के संभावित उपयोग से संबंधित विसंगतियां भी सामने आईं।
प्रकरण में 21,98,505 रुपए की संभावित राजस्व देनदारी, जिसमें 13,49,910 रुपए कर तथा 8,48,595 रुपए ब्याज शामिल है, चिन्हित की गई। कार्रवाई के दौरान करदाता ने 6,44,308 रुपए की राशि 21 अगस्त को स्वैच्छिक रूप से जमा की। कोई माल अथवा दस्तावेज जब्त नहीं किया गया। शेष रिकॉर्ड की जांच एवं अतिरिक्त कर एवं ब्याज अथवा अपात्र आईटीसी की संभावना के संबंध में जांच जारी है।

श्री यमुना महारानी ग्रेनाइट्स में 19.08 लाख रूपए की विसंगति

किशनगढ़ के ओल्ड इंडस्ट्रियल एरिया स्थित श्री यमुना महारानी ग्रेनाइट्स का 27 अगस्त को सर्वे किया गया। फर्म के आईटीसी के बीच अंतर की जांच में वित्तीय वर्ष 2024-25 में करीब 3 लाख रुपए तथा वित्तीय वर्ष 2025-26 में करीब 16.08 लाख, कुल 19.08 लाख रूपए की संभावित विसंगति सामने आई।
विभागीय कार्रवाई के बाद करदाता द्वारा 11.25 लाख रूपए की राशि स्वैच्छिक रूप से जमा की गई। इसमें वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए 1.49 लाख रूपए तथा वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए क्रमशः 5 लाख एवं 4.75 लाख रूपए की राशि शामिल है।

विभाग की कार्रवाई लगातार जारी

वाणिज्यिक कर विभाग द्वारा रिटर्न विश्लेषण एवं फील्ड इंटेलिजेंस के आधार पर संदिग्ध लेन-देन एवं आईटीसी के मामलों की लगातार जांच की जा रही है। विभाग का उद्देश्य वास्तविक कर देनदारी सुनिश्चित करने के साथ-साथ गलत तरीके से आईटीसी लेने, कर दायित्व छिपाने तथा जीएसटी प्रावधानों के उल्लंघन पर प्रभावी कार्रवाई करना है। अधिकारियों द्वारा स्पष्ट किया गया है कि जांच में सामने आने वाली प्रत्येक अनियमितता के अनुसार नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है।

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नेमी चन्द /मयंक

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