04/02/2024
------ बलिदान दिवस ------
नायक मेघराज सिंह निर्वाण
2868818F
05-05-1957 - 04-02-1982
कीर्ति चक्र (मरणोपरांत)
वीरांगना - श्रीमती बिमला कंवर
यूनिट - 17 राजपुताना राइफल्स (सवाईमान)
आतंकवाद विरोधी अभियान
नायक मेघराज सिंह का जन्म 5 मई 1957 को राजस्थान के झुंझुनूं जिले की खेतड़ी तहसील के डाडा फतेहपुरा गांव में श्री जस्सु सिंह निर्वाण एवं श्रीमती भंवरी देवी के परिवार में हुआ था। 24 दिसंबर 1974 को वह भारतीय सेना की राजपुताना राइफल्स रेजिमेंट में रंगरूट के रूप में भर्ती हुए थे। प्रशिक्षण के पश्चात उन्हें 17 राजरिफ (सवाईमान) बटालियन में राइफलमैन के पद पर नियुक्त किया गया था।
अपनी बटालियन में विभिन्न परिचालन परिस्थितियों और स्थानों पर सेवाएं देते हुए वह नायक के पद पर पदोन्नत हो गए थे। वर्ष 1982 में वह विद्रोह विरोधी अभियानों में मणिपुर राज्य के इंफाल में तैनात थे।
27 जनवरी 1982 को इंफाल के चांगमी बंद में राष्ट्र विरोधी गतिविधियों को रोकने के लिए एक सैनिक टुकड़ी तैनात की गई, जिसमें नायक मेघराज सिंह भी सम्मिलित थे। सायं लगभग 4.45 बजे इस टुकड़ी ने दो उग्रवादियों को अपने निकट की गली में भागते हुए देखा। नायक मेघराज सिंह ने जब अपने कमांडर सहित उनका पीछा किया तो एक उग्रवादी ने अपनी पिस्तौल से अति निकटता से उन पर गोली चला दी।
अति सूझबूझ से कार्य करते हुए,नायक मेघराज सिंह उस उग्रवादी पर झपट पड़े, उसकी दागी गई गोली की दिशा परिवर्तित कर दी और उसे पराभूत कर बंदी बना लिया। आगे चलकर ज्ञात हुआ की बंदी बनाया गया वह उग्रवादी पीएलए (PEOPLES LIBERATION ARMY) का उच्च पदीय अगुवा था और उसे पकड़ने के लिए सात हजार रुपए का पुरस्कार रखा हुआ था।
4 फरवरी 1982 को इंफाल के "नामी राकपन ली काई" में राष्ट्र विरोधियों की उपस्थिति की सूचना प्राप्त हुई। नायक मेघराज सिंह तथा उनकी गश्त टुकड़ी को इन विद्रोहियों को पकड़ने के लिए तैनात किया गया। प्रातः लगभग 8.45 बजे गश्त टुकड़ी को देखते ही एक उग्रवादी घरों के एक समूह की ओर भागा। नायक मेघराज सिंह ने उसका पीछा किया और उसे पराभूत कर लिया।
इसके पश्चात दोनों के मध्य गुत्थममुत्था का संघर्ष हुआ, जिसमें उग्रवादी ने उन पर गोली चला दी। गोली लगने से घायल होने पर भी नायक मेघराज सिंह उस उग्रवादी से तब तक संघर्ष करते रहे जब तक कि उनके साथी ने उसे गोली चलाकर मार नहीं दिया। आगे चलकर इस उग्रवादी का अभिज्ञान राष्ट्र विरोधी संगठन पीएलए के उच्च पदीय अगुवा के रूप में हुआ। अंततः घायल नायक मेघराज सिंह वीरगति को प्राप्त हो गए।
इस प्रकार नायक मेघराज सिंह ने उग्रवादियों से संघर्ष करते हुए उत्कृष्ट साहस, असाधारण वीरता और उच्च कोटि की कर्तव्यपरायणता का परिचय दिया। उन्हें मरणोपरांत कीर्ति चक्र सम्मान दिया गया।
15 अगस्त 1982 को महामहिम राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह द्वारा यह सम्मान वीरांगना श्रीमती बिमला कंवर को प्रदान किया गया। 4 फरवरी 2021 को गांव में निर्मित स्मारक पर इनकी प्रतिमा का अनावरण किया गया। 🙏💐🙏
PMO India Ravindra Singh Bhati Vasundhara Raje Rajputana Rifles-RAJRIF