11/08/2026
🌿हमारे गाँव के एक ऐसे नौजवान साथी, जिनका काम सबके सामने आना चाहिए — भाई समीर जोईया (हाफिज़ साहब) 🌿
हमारे गाँव में बहुत से लोग अलग-अलग तरीके से समाज के लिए काम करते हैं, लेकिन कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो बिना किसी प्रचार और दिखावे के लगातार अपना काम करते रहते हैं। ऐसे ही हमारे साथी हैं भाई समीर जोईया (हाफिज़ साहब)।
पिछले करीब 6 वर्षों से भाई समीर कब्रिस्तान में सैकड़ों पौधे लगाने के साथ-साथ उनकी लगातार देखभाल और साफ-सफाई का काम कर रहे हैं। 🌱🌳
6 साल पहले लगाए गए कई पौधे आज बड़े होकर पेड़ बन चुके हैं। गर्मी हो, सर्दी हो या बरसात, इन पेड़ों की देखभाल करना और कब्रिस्तान को साफ-सुथरा रखना आसान काम नहीं है, लेकिन भाई समीर लगातार यह काम करते आ रहे हैं।
सबसे खास बात यह है कि उन्होंने इस काम को सोशल मीडिया पर प्रचार पाने या अपना नाम दिखाने के लिए नहीं किया। उनका मकसद सिर्फ इतना है कि हमारे कब्रिस्तान में हरियाली रहे, साफ-सफाई बनी रहे और आने वाले समय में यह जगह और बेहतर दिखाई दे।
आज जब हम उन पौधों को बड़े पेड़ों के रूप में देखते हैं, तो उनके पीछे भाई समीर की 6 साल की मेहनत और लगन साफ दिखाई देती है। 🌳❤️
कब्रिस्तान में पौधे लगाना, उनकी देखभाल करना और नियमित रूप से साफ-सफाई करना एक ऐसा काम है, जिसमें लगातार समय और मेहनत लगती है। भाई समीर यह जिम्मेदारी लंबे समय से निभा रहे हैं।
🤲 भाई समीर जोईया (हाफिज़ साहब) की इस मेहनत को दिल से सलाम।
हम सभी गाँव वालों की भी जिम्मेदारी है कि कब्रिस्तान को साफ-सुथरा रखें, पेड़ों को नुकसान न पहुँचाएं और जहां संभव हो वहां नए पौधे लगाकर उनकी देखभाल करें।
आज लगाए गए पौधे ही आने वाले कल में बड़े पेड़ बनेंगे।
आइए, अपने गाँव को साफ और हराभरा रखने में हम सब अपना योगदान दें।
✍️ बरकत अली जोईया