19/04/2026
गर्मी की गहरी जुताई (अप्रैल-जून) मिट्टी को 9-12 इंच तक पलटने वाली हल से की जाने वाली एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है।
यह तेज धूप से हानिकारक कीटों (प्यूपा/अंडे), खरपतवार के बीजों और फंगस को नष्ट करती है। इस प्रक्रिया से मिट्टी का सौरीकरण होता है, जल धारण क्षमता बढ़ती है और पैदावार में 25% तक वृद्धि हो सकती है।
गर्मी की गहरी जुताई के मुख्य लाभ:-👇👇
✅कीट और रोग नियंत्रण: चिलचिलाती धूप में मिट्टी की गहरी परतों से हानिकारक कीड़े, लार्वा और प्यूपा ऊपर आकर नष्ट हो जाते हैं।
✅खरपतवार में कमी: बहुवर्षीय खरपतवारों की जड़ें धूप से सूखकर खत्म हो जाती हैं, जिससे अगली फसल में खरपतवार कम होते हैं।
✅मिट्टी की उर्वरता: पुरानी फसल के अवशेष सड़कर खाद बन जाते हैं, जिससे मिट्टी की उपजाऊ क्षमता (Humus) बढ़ती है।
✅जल धारण क्षमता (Water Holding Capacity): गहरी जुताई से मिट्टी भुरभुरी होती है, जिससे मानसून की पहली बारिश का पानी जमीन के अंदर तक सोखा जाता है।
✅मिट्टी में हवा का संचार: मिट्टी पलटने से नीचे की मिट्टी ऊपर आती है, जिससे ऑक्सीजन का संचार बढ़ता है और पोषक तत्व सक्रिय होते हैं
जुताई के लिए महत्वपूर्ण सुझाव:-👇👇
✅उपकरण: मिट्टी पलटने वाले हल (MB Plough) या डिस्क हैरो (Disc Harrow) का उपयोग करें।
✅समय: रबी की फसल की कटाई के बाद अप्रैल-मई में, जब तापमान 35-45°C हो।
✅दिशा: यदि खेत का ढलान पूर्व-पश्चिम है, तो जुताई उत्तर-दक्षिण दिशा में करें, इससे बारिश का पानी रुकता है।
✅आवृत्ति: बेहतर परिणामों के लिए हर 3 साल में कम से कम एक बार गहरी जुताई अवश्य कर