Dinesh kanwat corporator /पार्षद /Ward 26 greater ,Jaipur

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Dinesh kanwat  corporator /पार्षद /Ward 26 greater  ,Jaipur This is the official page of dinesh kanwat (Corporator /पार्षद ) ward no 26 greater vid

1.(कार्यकर्ता* - सदैव कार्य करने वाला होता है2.दुखी कार्यकर्ता-कम करके अपेक्षा का भाव पालने वाला।3.सुखी कार्यकर्ता - काम...
12/07/2026

1.(कार्यकर्ता* - सदैव कार्य करने वाला होता है
2.दुखी कार्यकर्ता-कम करके अपेक्षा का भाव पालने वाला।
3.सुखी कार्यकर्ता - काम करके सब कुछ भूल कर बिना अपेक्षा के भाव रखे आगे बढ़ने वाला

राजनीति में अवसरवादी आएंगे आपके हिस्से की खुशी छीन कर ले जाएंगे ,समय-समय पर वही आपको नीचा भी दिखाएंगे फिर भी आपको सहनशक्ति बढ़ाकर उचित समय का इंतजार करते रहना होगा ,हौसला नहीं हारना है क्योंकि नेताजी को एक न एक दिन एहसास होगा आपके समर्पण भाव के साथ किए गए कार्य का,
देर तो हो चुकी होगी लेकिन कोई नहीं आपका किया गया काम याद तो आएगा ,सोच लीजिए अब येआपके ऊपर है आप कौन से वाले कार्यकर्ता बना रहना चाहते हैं।

दिनेश कांवट

भारतीय जनता पार्टी खातीपुरा मंडल अध्यक्ष भाई माल सिंह जी शेखावत को जन्म दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं.. भगवान आपकी यश और की...
12/07/2026

भारतीय जनता पार्टी खातीपुरा मंडल अध्यक्ष भाई माल सिंह जी शेखावत को जन्म दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं.. भगवान आपकी यश और कीर्ति सदैव बढ़ते रहें.. आप स्वस्थ रहें- मस्त रहें।

सारे तूफान आपके जीवन को अस्त व्यस्त करने ही नही आते।।बल्कि कुछ आपकी मंजिलों के रास्ते साफ करने भी आते है।दिनेश कांवट
06/07/2026

सारे तूफान आपके जीवन को अस्त व्यस्त करने ही नही आते।।
बल्कि कुछ आपकी मंजिलों के रास्ते साफ करने भी आते है।

दिनेश कांवट

देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री Narendra Modi जी का त्याग, शौर्य और वीरता की धरा राजस्थान आगमन पर हार्दिक स्वागत एवं अभि...
04/07/2026

देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री Narendra Modi जी का त्याग, शौर्य और वीरता की धरा राजस्थान आगमन पर हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन।

दिनांक: 4 जुलाई 2026

*यह कैसा शिफ्ट**डॉक्टर्स डे पर विशेष*​पिछले पाँच दशकों में चिकित्सा के क्षेत्र में जो युगांतकारी परिवर्तन हुए हैं, वे जि...
02/07/2026

*यह कैसा शिफ्ट*
*डॉक्टर्स डे पर विशेष*

​पिछले पाँच दशकों में चिकित्सा के क्षेत्र में जो युगांतकारी परिवर्तन हुए हैं, वे जितने विस्मयकारी हैं, उतने ही भयावह भी। आज से तीन-चार दशक पूर्व तक इस पेशे को वास्तव में एक 'पवित्र पेशा' (Noble Profession) माना जाता था। राजनेता, आम जनता और प्रशासनिक अधिकारी भी चिकित्सकों को पलकों पर बिठाते थे। समाज की आँखों में उनके प्रति एक सहज, अनकहा श्रद्धा भाव होता था, जिसे चिकित्सक अपने हृदय में गहराई से महसूस करते थे।
​परंतु, समय के चक्र के साथ सेवा और समर्पण का यह पावन कार्य धीरे-धीरे व्यावसायिक गतिविधियों में तब्दील होता चला गया। कॉर्पोरेट जगत ने इस स्थिति का भरपूर लाभ उठाया और स्वास्थ्य सेवाओं पर अपना शिकंजा कस लिया। विडंबना यह भी रही कि हमारे ही पेशे के कुछ लोग इस गिरती हुई साख के मूक गवाह और कहीं न कहीं हिस्सेदार भी बन गए।

​यह एक अकाट्य सत्य है कि आधुनिक तकनीक के समागम से चिकित्सा विज्ञान ने अभूतपूर्व ऊँचाइयाँ छुई हैं। कई चिकित्सकों ने अपने शोध और कौशल से नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं लेकिन धीरे-धीरे होने वाले इस व्यवस्थागत बदलाव ने आज हमें जिस मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया है, वही भविष्य मे हमारे सामने कई यक्ष प्रश्न मुँह बाए खड़े हैं।
​हालात इस कदर बदतर हो चुके हैं कि अस्पतालों में तोड़फोड़ और डॉक्टरों के साथ मारपीट अब एक आम बात बन चुकी है। जनमानस में इस पेशे के प्रति जो अगाध सम्मान था, उसका ग्राफ तेजी से नीचे गिरा है। *यह देखना कितना त्रासद और हास्यास्पद है कि जो लोग पीड़ितों और मानवता की सेवा में दिन-रात एक कर रहे हैं, आज उन्हें खुद की सुरक्षा के लिए सद्भावना रैलियाँ निकालनी पड़ रही हैं।* समाज के हर वर्ग से एक सुरक्षित कार्य वातावरण की गुहार लगानी पड़ रही है।

​जैसे-जैसे मेडिकल प्रोफेशनल्स की संख्या बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए और आधुनिक उपकरण भी बेहद महँगे होते जा रहे हैं। आज चिकित्सा सुविधाएँ आम आदमी की क्रय शक्ति से बाहर हो चुकी हैं। जब एक साधारण नागरिक बुनियादी इलाज के लिए भी खुद को असमर्थ पाता है, तो समाज में व्यवस्था और चिकित्सकों के प्रति एक आक्रोश व अविश्वास की भावना जागृत होना स्वाभाविक है।
​आज का सबसे बड़ा यक्ष प्रश्न यह है: क्या भविष्य में इस पावन पेशे को कभी वह पुराना गौरव और आदर वापस मिल पाएगा? क्या चिकित्सा से जुड़े लोग कभी बिना किसी खौफ के, एक सुरक्षित माहौल में मानवता की सेवा कर पाएँगे?

​अब समय आ गया है कि देश के सभी चिकित्सा पेशेवर एकजुट होकर इस विषय पर गहरा आत्मचिंतन करें। यदि आज हमने अपनी कमियों को नहीं सुधारा और इस व्यवस्था को पुनः पटरी पर लाने का प्रयास नहीं किया, तो आने वाले समय की विभीषिका की कल्पना करना भी रूह कँपा देने वाला होगा।

दिनेश कांवट
9829216746

डॉक्टर्स डे पर विशेष

इतना तो स्पष्ट मानिए कि अयोध्याजी मंदिर में हुई चोरी की घटना ना मेरी और मेरे जैसे सामान्य हिन्दू गृहस्थों की आस्था को प्...
02/07/2026

इतना तो स्पष्ट मानिए कि अयोध्याजी मंदिर में हुई चोरी की घटना ना मेरी और मेरे जैसे सामान्य हिन्दू गृहस्थों की आस्था को प्रभावित कर सकेगी, ना ही उस पुण्यक्षेत्र के प्रति हमारे समर्पण में रत्ती भर का अंतर आएगा। धर्म की थोड़ी भी समझ रखने वाला हिंदू जानता है कि कलियुग में कब किसकी मति भ्रष्ट हो जाएगी, यह कहा नहीं जा सकता। कल ईश्वर हमारी ही मति किस ओर फेर देंगे, इसका भी कोई दावा नहीं किया जा सकता। फिर मैं मंदिर के वेतनभोगी कर्मियों से सतयुगी निष्ठा की आशा कैसे कर सकता हूं? जो हुआ है वह पहले भी होता रहा है और आगे भी हो सकता है।
मानस में कलियुग का वर्णन करते बाबा कहते तो हैं, "सोई सयान जो पर धन हारी, जो कर दंभ सो बड़ अचारी। इस युग में वही सयाना है जो दूसरे का धन लूट लेता हो... ऐसे सयाने हर मोड़ पर मिलेंगे हमें, इनके कुकर्मों के कारण हमारी आस्था डिगने लगे फिर तो हो गया...
इस पूरे प्रकरण में मेरा दुख यह नहीं कि सनातनी समुदाय का दान किया हुआ धन कुछ चोरों के हाथ चला गया, मेरा दुख यह है कि इसी बहाने अधर्मियों, विधर्मियों, कुकर्मियों को धर्म और मंदिर के विरुद्ध बोलने का अवसर मिल गया। जो लोग सदैव मंदिर का विरोध करते रहे, जो स्वयं मंचों से चीख कर कहते रहे कि मेरा धर्म पर कोई भरोसा नहीं, वे भी भक्ति का पाखंड करते हुए बोल रहे हैं, यह दुखद है। लोकतंत्र के मंदिर का धन लूटने वाले मंदिर का धन लूटे जाने पर दुखी होने का पाखंड रच पा रहे, तो यह उन निष्ठाहीन सेवकों के कारण ही है। अपने व्यक्तिगत जीवन में किसी तरह घसीट रहा व्यक्ति भी प्रश्न पूछे कि ईश्वर चोरी क्यों नहीं रोक सके, तो यह भी इन दुष्टों के कारण ही है। चोरी के अपराधियों को इसके लिए भी अतिरिक्त दण्ड मिलना चाहिए।
हिन्दू चिंतन ईश्वर से अपराधियों के लिए कानूनी दंड नहीं मांगता। कानून दूसरे तरह से दण्ड देता है, ईश्वर दूसरे तरह से... सोमनाथ का ध्वंस करने आए गजनवी को याद कीजिए, यहां उसने जितने स्थानीय लोगों, पुजारियों को मारा, वापसी के समय उसके लगभग उतने ही सैनिक, अधिकारी कच्छ के रन में बालू में दब कर मर गए... हमेशा अपराजेय रहने वाले महमूद ने इस घटना के बाद एक बार और भारत पर आक्रमण करने का प्रयास किया, पर उस बार जाटों ने उसे खदेड़ खदेड़ कर मारा। इतना मारा कि भागता महमूद लगभग अकेले ही गजनी पहुंच पाया और उसी चोट के कारण तड़पते तड़पते मरा... आस्था ईश्वर से ऐसे ही न्याय की मांग करती है और ईश्वर ऐसा ही करते हैं।
जो लोग इस अपराध में शामिल हैं, उन्हें कानून अपनी व्यवस्था से दण्डित करेगा और ईश्वर अपनी व्यवस्था से। कानून चूक भी जाय तो ईश्वर का न्याय हो कर ही रहेगा। और हमारी आशा उसी से है... ये चोर सड़ कर मरेंगे, इसमें मुझे कोई संदेह नहीं।
कोई मिश्रा, कोई पाण्डेय, कोई श्रीवास्तव, कोई यादव... इनकी आने वाली पीढ़ियां भी इस अपराध का दण्ड भोगेंगी। समाज लंबे समय तक याद रखेगा कि इन्होंने मंदिर का धन लूटा था। उनके बच्चे भी सामाजिक तिरस्कार भोगेंगे।
यह एक अवसर है कि सरकार मंदिर की व्यवस्था संतों के हाथ में देने पर विचार कर ले। वहां के धन से गुरुकुलों, अनाथालयों आदि की व्यवस्था बने और धर्म प्रचार हो तो शुभ होगा। अन्यथा...

दिनेश कांवट
9829216746

हकीकत जानूंगा तो सब पराये हो जाएंगे।मुझे वहम में रहने दो ,सब अपने है
02/07/2026

हकीकत जानूंगा तो सब पराये हो जाएंगे।
मुझे वहम में रहने दो ,सब अपने है

जन्मदिन;;;;; की बहुत बहुत शुभकामनाएं;; कहो तो एक दिन एक शख्श पर तलाशो तो पूरी दुनिया समाई हुई है एक नाम मे;शशिसाबू;; साद...
18/06/2026

जन्मदिन;;;;; की बहुत बहुत शुभकामनाएं;; कहो तो एक दिन एक शख्श पर तलाशो तो पूरी दुनिया समाई हुई है एक नाम मे;शशिसाबू;; सादगी से परिपूर्ण,अनुशाषित जीवन,ओर वर्तमान दुनिया की चकचौन्ध से कोसो दूर अपनी जिम्मेदारियों के प्रति हरकदम पर सजग अध्ययन से इंजीनियर पर पेशे से एक शुद्ध इंसानियत का दयालु प्रतिरूप ओर मेरे लिए जैसे हर चिंता अपनी दिनचर्या में समाहित रखने वाले इस इंसान से पिछले 15 सालों में कोई दिन नही होगा जब हम मिलते नही ,।संसार के हर विषय पर गहराई तक पकड़ रखने वाले पर राजनीति से बिल्कुल अनभिज्ञ यह व्यक्ति मेरे तीनो चुनाव का :: वार रूम योद्धा;; बनकर मुझे बहुत सभी परेशानियां से बहुत दूर रखता रहा,पूरे चनाव में कौनसी व्यवस्था कैसे होगी,कैसे करनी है मुझे पता ही नही पड़ता था और सब कुछ अपने व्यवस्थित आधार पर चलता रहता था,पूरे 20 दिन कार्यालय पर सबसेपहले पहुचना ओर रात्रि को सबसे बाद में घर जाना,लोग समझते इतनी एनर्जी कहा से तो मैं बता दूं ,उसके लिए अशोक जी साबू इनको दो औषधियों का मिश्रण हर वक्त उपलब्ध करवाते थे।।। आपको जन्मदिन की बहुत बहुत शुभकामनाएं ;; बॉस

पढोगे लिखोगे बनोगे नवाबखेलोगे कूदोगे तो बनोगे लाजवाबFit indiaHit india
24/05/2026

पढोगे लिखोगे बनोगे नवाब
खेलोगे कूदोगे तो बनोगे लाजवाब

Fit india
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जन्मदिन%%%^%% आदरणीय बड़े भाईसाहब,मेरे मार्गदर्शक,राजनित्तिक सामाजिक परिदृश्य में साये की तरह मेरे साथ रहने वाले तथा हर स...
20/05/2026

जन्मदिन%%%^%% आदरणीय बड़े भाईसाहब,मेरे मार्गदर्शक,राजनित्तिक सामाजिक परिदृश्य में साये की तरह मेरे साथ रहने वाले तथा हर संकट जो मुझ ओर आता है उसके सामने एक मजबूत दीवार की तरह डटे रहकर मुझे सुरक्षित रखकर खामोशी से अपना काम करने वाले, हमारे सभी कार्यकर्ताओं के उम्मीद की किरण, मजबूत और बुलन्द होसलो के साथ सम्पूर्ण समर्पण से मुझे राजनैतिक क्षेत्र में हमेशा मजबूत रहने वाले मेरे कदम कदम के साथी भारतीय जनता पार्टी के विद्याधर नगर मंडल महामंत्री,पूर्व वार्ड 9 अध्यक्ष 4 अध्यक्ष, टीम 9 के के स्थायी सदस्य, व विद्याधर नगर व्यापार मंडल के अध्यक्ष किशन जी अग्रवाल भाईसाहब को जन्मदिन की शुभकामनाएं

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