Deen Islam

Deen Islam Contact information, map and directions, contact form, opening hours, services, ratings, photos, videos and announcements from Deen Islam, Nature Preserve, Jalalabad.

04/01/2026

03/01/2026

03/01/2026

मैमूना रजि से रिवायत है, उन्होंने फरमाया कि नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने (गुस्ल के वक्‍त) पहले नमाज के वुजू की तरह वुजू किया, लेकिन पांव नहीं धोये, अलबत्ता अपनी शर्मगाह और जिस्म पर लगने वाली गन्दगी को धोया, फिर अपने ऊपर पानी बहाया, उसके बाद गुस्ल की जगह से अलग होकर अपने दोनों पांव धोये आपका नापाकी का गुस्ल यही था।
फायदे : गुस्ल के लिए जरूरी है कि पहले पर्दे का इन्तिजाम करे, फिर दोनों हाथ धोये जायें, उसके बाद दायें हाथ से पानी डालकर शर्मगाह को धोया जाये और उस पर लगी हुई गन्दगी को दूर किया जाये। फिर वुजू का अहतमाम हो, लेकिन पांव ना धोये जायें। फिर बालों की जड़ों तक पानी पहुंचाकर उन्हें अच्छी तरह तर किया जाये, फिर तमाम बदन पर पानी बहाया जाये। आखिर में गुस्ल की जगह से अलग होकर पांव धोये जायें।

03/01/2026

आइशा रजि. से रिवायत है कि नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम जब नापाकी का गुस्ल फरमाते तो पहले दोनों हाथ धोते, फिर नमाज के वुजू की तरह वुजू करते,उसके बाद अपनी उंगलियाँ पानी में डालकर बालों की जड़ों का खिलाल करते, फिर दोनों हाथों से तीन चुल्लू पानी लेकर अपने सर पर डालते, उसके बाद अपने तमाम जिस्म पर पानी बहाते।
फायदे : गुस्ल में बदन पर पानी बहाने से फर्ज अदा हो जाता है, लेकिन सुन्नत तरीका यह है कि पहले वुजू किया जाये।

03/01/2026

कभी न ख़त्म होने वाला सवाब
“इन कलमात को पढ़ने का फ़ायदा यह है कि चाहे दुनिया और अहल-ए-दुनिया ख़त्म हो जाएं, लेकिन इसके पढ़ने वाले का सवाब ख़त्म नहीं होगा।”

بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمَنِ الرَّحِيمِ

سُبْحَانَ اللَّهِ وَالْحَمْدُ لِلَّهِ وَلَا إِلَهَ إِلَّا اللَّهُ وَاللَّهُ أَكْبَرُ وَلَا حَوْلَ وَلَا قُوَّةَ إِلَّا بِاللَّهِ الْعَلِيِّ الْعَظِيمِ عَدَدَ مَا فِي عِلْمِ اللَّهِ وَدَوَامِ مُلْكِ اللَّهِ .

[सुब्हानल्लाही वलहम्दु लिल्लाही वला इलाहा इल्लल्लाहु वल्लाहु अक्बर, वला हौला वला कु़व्वता इल्ला बिल्लाहिल अलीय्यिल अज़ीम, अदादा मा फ़ी इल्मिल्लाही व दवामि मुल्किल्लाह]

यह बाकी रहने वाली नोकिया है – [सही इब्न हिब्बान:847]

हिंदी अनुवाद

​”अल्लाह पाक है, और तमाम प्रशंसा अल्लाह ही के लिए है, और अल्लाह के सिवा कोई इबादत के लायक नहीं, और अल्लाह सबसे बड़ा है। गुनाहों से बचने की ताकत और नेकी करने की कुवत नहीं है मगर अल्लाह की मदद से, जो बहुत बुलंद और महान है। (यह ज़िक्र मैं करता हूँ) उस तादाद के बराबर जो अल्लाह के इल्म (ज्ञान) में है और अल्लाह की सल्तनत की बक़ा (हमेशा रहने) के बराबर।”

Address

Jalalabad

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Deen Islam posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Share