26/02/2025
इमामे आज़म अबू हनीफा कॉन्फ्रेंस और टीपीआई इंग्लिश स्कूल का शानदार सालाना प्रोग्राम
जमशेदपुर, 25 फरवरी – तहरीक पैगामे इस्लाम के तहत चौदहवीं इमामे आज़म अबू हनीफा कॉन्फ्रेंस और टीपीआई स्कूल का सालाना प्रोग्राम शानदार तरीके से हुआ। यह प्रोग्राम 25 फरवरी को मगलिब के बाद से रात 11 बजे तक चला, जिसमें उलेमा, प्रोफेसर, बुद्धिजीवी, समाजी हस्तियाँ और बड़ी संख्या में आम लोग शामिल हुए। महिलाओं के लिए भी अलग इंतज़ाम था, जिससे उनकी भी अच्छी तादाद ने शिरकत की।
प्रोग्राम की शुरुआत तिलावत और नात शरीफ से हुई। उसके बाद अलग-अलग मेहमानों ने दिए गए टॉपिक्स पर बयान किए। इस प्रोग्राम की खासियत यह थी कि इसमें दीनी और असरी दोनों तरह के उस्ताद और माहिर लोग शामिल थे।
मौलाना ग़ुलाम जिलानी शहबाज़ी (बिहार) ने इमामे आज़म का तआरुफ़ पेश किया। मौलाना हारून रशीद फैज़ी (खतीब, बारी मस्जिद) ने "इमामे आज़म और अहले बैत से मोहब्बत" पर बयान किया। प्रोफेसर डॉ. याह्या इब्राहीम (करीम सिटी कॉलेज, जमशेदपुर) ने नौजवानों को हौसला और जोश देने वाला लेक्चर दिया।
मुफ्ती अब्दुल मालिक मिस्बाही (डायरेक्टर, दारैन एकेडमी) ने "इमामे आज़म का तक़वा" पर बयान दिया और मुफ़्ती मोहम्मद आबिद रज़ा मिस्बाही (सदर मुफ़्ती, कोलकाता) ने "इमामे आज़म की इल्मी खिदमात" पर रोशनी डाली। मौलाना मलिक शब्बीर आलम मिस्बाही ने इमाम अबू हनीफा और इमाम बुखारी की अज़मत और इल्मी खिदमात को बयान किया।
*एवार्ड्स और तहे दिल से शुक्रिया*
इस मौक़े पर मौलाना मलिक शब्बीर आलम मिस्बाही को उनकी इल्मी और समाजी खिदमात के लिए "इमामे आज़म अबू हनीफा एवार्ड" से नवाज़ा गया। इसी तरह, मौलाना सैयद शाह सैफुद्दीन असदक़ चिश्ती (बानी व चेयरमैन, तहरीक पैगामे इस्लाम) को "शान-ए-इस्लाम एवार्ड" दिया गया।
टीपीआई इंग्लिश स्कूल के होनहार स्टूडेंट्स को भी इनामात दिए गए। नाज़रा कुरआन मुकम्मल करने वाले 5 बच्चों को खास सर्टिफिकेट से सम्मानित किया गया।
आखिर में, हजरत सैयद सैफुद्दीन असदक़ चिश्ती ने तमाम मेहमानों का शुक्रिया अदा किया। दुआ और सलाम के साथ इस इल्मी और रूहानी महफिल का इख्तेताम हुआ।