26/04/2026
*भगवान महावीर स्वामी का केवलज्ञान 🛕 कल्याणक महोत्सव, कैवल्यधाम तीर्थ, जमुई (बिहार) में धूमधाम से हुआ आयोजित....*
*मलयपुर (जमुई/बिहार) :* भगवान महावीर की पावन केवलज्ञान भूमि, मलयपुर (जमुई) स्थित मलयागिरि पर्वत पर रविवार, 06 अप्रैल 2026 (वैशाख शुक्ल दशमी) को भगवान महावीर स्वामी का केवलज्ञान कल्याणक महोत्सव अत्यंत श्रद्धा भक्ति के साथ हर्षोल्लास पूर्वक धार्मिक वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर तीर्थ क्षेत्र में भक्ति और आध्यात्मिकता का संगम देखने को मिला, जहाँ देश के विभिन्न कोनों से आए श्रद्धालुओं ने सहभागिता की।
मलयागिरि पर्वत पर विराजमान भगवान महावीर स्वामी की भव्य *सवा नौ फीट ऊँची पाषाण की श्वेतवर्णी प्रतिमा* का प्रातः काल से ही मंत्रोच्चार के बीच भगवान का अभिषेक प्रारंभ हुआ। इसके पश्चात विश्व में सुख, समृद्धि और शांति की मंगल कामना हेतु पुण्यार्जक परिवारों द्वारा विधि-विधान से *शांतिधारा* संपन्न की गई। तीर्थ क्षेत्र का वातावरण 'महावीर स्वामी की जय' और 'अहिंसा परमो धर्म' के जयकारों से गुंजायमान रहा।
ज्ञातव्य हो कि इस क्षेत्र का पुनरुद्धार और यहाँ अतिशयकारी मनोज्ञ प्रतिमा की स्थापना *गणिनीप्रमुख आर्यिका शिरोमणि श्री ज्ञानमती माताजी* की पावन प्रेरणा और शुभाशीर्वाद से हुई है। जिससे यह स्थल श्रद्धालुओं के लिए श्रद्धा और आस्था का प्रमुख केंद्र बन गया है।
इस अवसर पर *बिहार स्टेट दिगम्बर जैन तीर्थ क्षेत्र कमिटी के मानद मंत्री श्री पराग जैन* ने समाज को संबोधित करते हुए कहा कि मलयपुर तीर्थ का ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व असीम है। तीर्थ के निरंतर विकास और यहाँ आने वाले यात्रियों की सुविधाओं के विस्तार के लिए उन्होंने सम्पूर्ण जैन समाज के दानवीरों से *मुक्तहस्त से सहयोग* करने की अपील की। उन्होंने बताया कि - तीर्थ पर वर्तमान में यात्रियों के ठहरने के लिए आधुनिक धर्मशालाओं का निर्माण कार्य प्रस्तावित है। यहाँ पदविहार कर आने वाले *मुनिराजों एवं आर्यिका संघों के प्रवास हेतु व्यवस्थित संत निवास और सुविधाओं के विस्तार की आवश्यकता है। पंचतीर्थ वंदना हेतु आने वाले श्रद्धालुओं को सुगम व्यवस्थाएं मिल सकें, इसके लिए निर्माण कार्य तीव्र गति से कराए जाने हैं।
बिहार के जैन पंचतीर्थों के दर्शन के क्रम में मलयपुर, जमुई का विशेष महत्व है। आयोजन समिति ने बताया कि सुविधाओं के विस्तार से न केवल तीर्थ यात्रियों को सुगमता होगी, बल्कि इस पावन भूमि की महिमा जन-जन तक पहुँचेगी। महोत्सव के अंत में सभी उपस्थित श्रावको और समाज के गौरव को बढ़ाने वाले दानदाताओं का आभार व्यक्त किया गया।
✍🏻रवि कुमार जैन - राजगीर