20/06/2025
जितेन्द्र उपाध्याय बा, गांव के शान बा,
सबके हित में उठेला, साँच के पहचान बा।
बचपन से देखलस सपना, सेवा के अरमान बा,
हर दिल में बस गइल बा, Pachwal के जान बा।
चलs रे चलs, उठs रे जवान,
जितेन्द्र के संग बदलs गांव के पहचान।
सबका साथ, सबका विकास,
ई बा सपना, ई बा विश्वास।
सड़क बनवले, पानी पहुँचवलस,
स्कूल के हाल सुधरलs, रोशनी जलवलस।
भ्रष्टाचार से लड़लs, सच्चाई के साथ,
बोलत नइखे खाली, करत बा दिन-रात।
चलs रे चलs, उठs रे जवान,
जितेन्द्र के संग बदलs गांव के पहचान।
सबका साथ, सबका विकास,
ई बा सपना, ई बा विश्वास।
माई-बाबूजी के आशीर्वाद,
नारी सम्मान बा, युवा के आधार।
Pachwal के ललकार ह, मेहनत के उपहार,
वोट देवs सोच के, बनावs इबारत यार!
चलs रे चलs, अबकी बार,
जितेन्द्र उपाध्याय – गांव के सरदार।
सपना साकार करी ई बलवान,
जग में चमकाव Pachwal के नाम।