30/07/2023
ऑल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन आइसा का प्रथम कोडरमा जिला सम्मेलन संपन्न।
9 से 11अगस्त आइसा का 10 वें राष्ट्रीय सम्मेलन कोलकाता में सफल होगा।
जयनगर तेतरौन पंचायत भवन में ऑल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन आइसा का जिला सम्मेलन संपन्न हुआ। सम्मेलन से पूर्व आइसा राज्य सचिव ने संविधान निर्माता डॉ भीमराव अम्बेडकर के प्रतिमा पर माल्यार्पण कर एक मिनट का मौन रख श्रद्धांजलि अर्पित किया गया। सम्मेलन की अध्यक्षता आइसा छात्र नेता सलीम अंसारी ने किया, सम्मेलन में आए छात्र प्रतिनिधियों ने निम्न मुद्दों पर चर्चा करते हुए.नई शिक्षा नीति वापस लो, झारखंड के विश्वविद्यालय से CUET वापस लो, नफरत नहीं अधिकार चाहिए शिक्षा और रोजगार चाहिए,सभी शैक्षिक संस्थानों में खाली पड़े पदों पर अभिलंब नियुक्ति करो। 4 साल से बंद पड़े साइकिल योजना को लागू करो।
मौके पर आइसा नेता सलीम अंसारी ने कहा कि पूरा देश जब अदानी अंबानी के हाथों बेचा जा रहा है,शिक्षा जगत को भी गिने-चुने पूंजीपतियों के हाथों बेचने की तैयारी चल रही है, शिक्षा बेहतर होने की बजाय बदतर होती जा रही है, ऐसे दौर में आइसा छात्रों को पूरे देश भर में एकजुट कर रही है. आज जरूरत है शिक्षा की बचाने की लड़ाई तेज करने की। नहीं तो गरीब पिछड़े वर्ग के लोग शिक्षा से वंचित हो जाएंगे।
मुख्यवक्ता:- त्रिलोकी नाथ ने आइसा गठन के 33 साल होने को है तब से लगातार सस्ती व गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तथा सम्मानजनक रोजगार,भाईचारा महिलाओं की बराबरी, यौन हिंसा के खिलाफ एवं सामाजिक न्याय के लिए आंदोलनरत रही है।
वर्तमान में नई शिक्षा नीति आने के बाद से शिक्षा लगातार महंगी होती जा रही है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में 400% और बिहार विश्वविद्यालय में 15 गुना फीस बढ़ाना इसका उदाहरण है। कमोबेश सभी विश्वविद्यालय में फीस बढ़ाई गई है इससे झारखंड भी अछूता नहीं रहा है। नई शिक्षा नीति 40% ऑनलाइन शिक्षा की बात कर रही है। ऑनलाइन शिक्षा की वजह से गरीब एवं पिछड़े क्षेत्र के छात्र वंचित रह जाएंगे। झारखंड के उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रोफेसर तथा अन्य पदों पर हजारों पद खाली है। स्कूली शिक्षा की बात करें तो यूनेस्को के रिपोर्ट के अनुसार लगभग 7000 स्कूलों में औसतन 1 शिक्षक पढ़ा रहे हैं। प्रभात खबर की रिपोर्ट के अनुसार 95% स्कूलों में प्रधानाध्यापक नहीं है ,प्राथमिक और मध्य स्कूलों की हालत दयनीय होती जा रही है। पिछले 4 सालों से छात्र-छात्राओं को मिलने वाली साइकिल वितरण बंद हो गया है। सरकार के इस रवैया से छात्रों की शिक्षा बाधित हो रही है।
झारखंड में इस बार कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट सी.यू.ई.टी लागू की गई है। CUET से छात्रों पर आर्थिक बोझ पड़ रहा है। सभी जिलों में सेंटर नहीं होने के कारण सुदूर एवं गरीब छात्र परीक्षा नहीं दे पा रहे हैं। CUET का ऑनलाइन परीक्षा होने से छात्रों को परेशानी हो रही है। जिसके कारण उच्च शिक्षा में छात्र छात्राएं शामिल होने से वंचित हो रहे हैं।
मौके पर भाकपा माले के जिला सचिव राजेंद्र मेहता, जयनगर प्रखंड सचिव अशोक यादव, मरकच्चो के सचिव बहादुर यादव।
प्रवेक्षक:- अमन कुमार पांडेय के मौजूदगी में 13 सदस्य कमिटी गठित हुई।
अध्यक्ष प्रवीण कुमार मेहता ,सचिव सोनू दास, उपाध्यक्ष रोहित दास, सह सचिव विनय दास को चुना गया।
सम्मेलन में उपस्थित साथी आलोक कुमार, शिवम कुमार सचिन कुमार,आकाश रविदास ,प्रमोद मेहता,रौशन कुमार , सागर कुमार दास,किशोर दास सहित सैकड़ों लोग मौजूद थे।