पुष्करणा ब्राह्मण समाज जोधपुर

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पुष्करणा ब्राह्मण समाज जोधपुर Contact information, map and directions, contact form, opening hours, services, ratings, photos, videos and announcements from पुष्करणा ब्राह्मण समाज जोधपुर, Social service, Jodhpur.

पुष्करणा ब्राह्मण समाज जोधपुर के इतिहास, जानकारी, सूचना, शिक्षा, रोजगार, विवाह, व्यवसाय, भवन, सम्पत्ति, सेवा एवं सहयोग इत्यादि की सूचना एवं समाज को एकीकृत कर विकसित समाज के लिए प्रयासरत संस्था।
जय माँ उष्ट्रवाहिनी। जय जय पुष्करणा।
जय श्री मण्डलनाथ री सा।

एक सुझाव, एक प्रयास, एक निवेदन।🙏🙏हमारे बुजुर्गों ने जन कल्याण के लिए बावड़ी बनवाई। आज इसकी राजनीतिक दुर्दशा से हमारी धरोह...
23/07/2026

एक सुझाव, एक प्रयास, एक निवेदन।🙏🙏

हमारे बुजुर्गों ने जन कल्याण के लिए बावड़ी बनवाई। आज इसकी राजनीतिक दुर्दशा से हमारी धरोहर जीर्ण शीर्ण हो रही है।

हमारा निवेदन : 🙏
◆ समाज के अनुभवी इंजीनियर की एक टीम तापी बावड़ी का निरीक्षण करके इसकी बेजोड़ सुंदरता एवम मज़बूती के साथ निर्माण की अनुमानित लागत निकालकर बताये।

◆ समाज के जो भी सदस्य ठेकेदारी का काम करते हो वे लागत मूल्य पर मज़दूरी की अनुमानित लागत निकाल कर बताये।

◆ साथ ही समाज के वे सदस्य जो बिल्डिंग मेटेरियल से जुड़े हो वे इसकी बिना प्रॉफिट माल खरीद की अनुमानित लागत बताये।

◆ यदि यह तीनों आंकड़े हमारे पास आ जाते हैं तो हम सभी मिलकर समाज की इस सम्पति के लिए प्रत्येक घर से 10₹ का सहयोग एकत्रित कर जीर्णोद्धार कर सकते है।

बस ज़रूरत है एक हौसले की, एक उड़ान की,

आइए मिलकर तापी बावड़ी का जीर्णोद्धार की रूपरेखा बनाये।

आप मैसेंजर में, कमेंट में अपनी राय, नम्बर, सूचना भेज सकते है साथ ही हमारी मेल आईडी पर भी मेल कर सकते है।
[email protected]

जय माँ उष्ट्रवाहिनी।
जय श्री मण्डलनाथ री।
जय जय पुष्करणा।

पुष्करणा ब्राह्मण समाज जोधपुर के पात्रता रखने वाले छात्र समिति की शाखा में अपने ओरिजनल डॉक्यूमेंट फ़ोटो कॉपी सहित संपर्क ...
23/07/2026

पुष्करणा ब्राह्मण समाज जोधपुर के पात्रता रखने वाले छात्र समिति की शाखा में अपने ओरिजनल डॉक्यूमेंट फ़ोटो कॉपी सहित संपर्क करे।

अपने 6 से 11 कक्षा के बच्चो को इस विद्यार्थी विज्ञान मंथन परीक्षा अवश्य दिलाये।विज्ञान में रुचि वाले विद्यार्थियों को उच...
14/07/2026

अपने 6 से 11 कक्षा के बच्चो को इस विद्यार्थी विज्ञान मंथन परीक्षा अवश्य दिलाये।
विज्ञान में रुचि वाले विद्यार्थियों को उच्च कोटि के मार्गदर्शन के लिए आप डॉ मुकेश जी व्यास से सम्पर्क कर सकते है।

डॉ. प्रियंका आचार्य पुरोहित धर्मपत्नी डॉ. विनय पुरोहित, (पुत्री श्री भगवान दास आचार्य एवं श्रीमती कृष्णा आचार्य, तथा पुत...
12/07/2026

डॉ. प्रियंका आचार्य पुरोहित धर्मपत्नी डॉ. विनय पुरोहित, (पुत्री श्री भगवान दास आचार्य एवं श्रीमती कृष्णा आचार्य, तथा पुत्रवधू श्री जे.के. पुरोहित एवं श्रीमती वरुणा पुरोहित) का चयन भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र अस्पताल (BARC Hospital), परमाणु ऊर्जा विभाग, भारत सरकार, मुंबई में वैज्ञानिक अधिकारी-डी (कंसल्टेंट एनेस्थीसियोलॉजिस्ट) के पद पर हुआ है।

डॉ. प्रियंका जी को इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर हार्दिक बधाई, शुभकामनाएं, एवं उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए अनंत मंगलकामनाएँ ।
🎉💐✨👏🏻🎉

श्रिवल्लभ व्यास: अभिनय की गंभीरता और सादगी का सजीव प्रतीक!!! श्रिवल्लभ व्यास (1958–2018) — एक ऐसा नाम जिसने भारतीय रंगमं...
08/07/2026

श्रिवल्लभ व्यास: अभिनय की गंभीरता और सादगी का सजीव प्रतीक!!! श्रिवल्लभ व्यास (1958–2018) — एक ऐसा नाम जिसने भारतीय रंगमंच, समानांतर सिनेमा और टेलीविज़न में गंभीरता, संवेदना और सादगी से अभिनय की नई परिभाषा गढ़ी। जैसलमेर, राजस्थान में जन्मे व्यास जी ने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा से प्रशिक्षण प्राप्त किया और फिर थिएटर से फिल्मों तक का सफर तय किया।
प्रमुख पहचान:
- 'लगान' (2001) में ईश्वर — गाँव के वैद्य और क्रिकेट टीम के विकेटकीपर
- 'सरफ़रोश' (1999) में मेजर बैग — सशक्त सहायक भूमिका
- 'नेताजी सुभाष चंद्र बोस: द फॉरगॉटन हीरो', 'शूल', 'मम्मो', 'संकट सिटी' जैसी फिल्मों में यादगार अभिनय
- 'भारत एक खोज' और 'विरासत' जैसे ऐतिहासिक और सामाजिक नाटकों में प्रभावशाली उपस्थिति
संक्षिप्त आंकड़े:
- करियर अवधि: 1993–2013
- फ़िल्में: 60+ हिंदी, मलयालम, समानांतर और मुख्यधारा सिनेमा में
- थिएटर: एनएसडी से प्रशिक्षित, ‘विरासत’ जैसे नाटकों में सक्रिय
- टीवी शो: भारत एक खोज, टाइम बम 9/11
- अंतिम वर्ष: 2008 में पैरालिटिक अटैक के बाद अभिनय से विराम
श्रिवल्लभ व्यास का अभिनय शोर नहीं करता था, बल्कि किरदार की आत्मा को दर्शकों तक पहुँचाता था। उन्होंने समानांतर सिनेमा को अपनी गंभीरता और सादगी से समृद्ध किया। ‘लगान’ में उनका किरदार आज भी भारतीय सिनेमा के सांस्कृतिक स्मृति में जीवित है।
उनका जीवन संघर्ष और गरिमा का प्रतीक रहा — बीमारी और आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद उन्होंने अभिनय को कभी नहीं छोड़ा, बल्कि उसे आत्मा की आवाज़ माना।
श्रिवल्लभ व्यास हमें याद दिलाते हैं कि सच्चा कलाकार किरदार में जीता है, और उसकी विरासत समय से परे होती है।

कौशल रामदेव को बहुत-बहुत बधाई! 🎉आपकी कड़ी मेहनत, लगन और पक्के इरादे ने आपको एक ज़बरदस्त कामयाबी दिलाई है। एयरपोर्ट अथॉरि...
29/06/2026

कौशल रामदेव को बहुत-बहुत बधाई! 🎉
आपकी कड़ी मेहनत, लगन और पक्के इरादे ने आपको एक ज़बरदस्त कामयाबी दिलाई है।

एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (AAI) और
भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर (BARC) दोनों में चुना जाना, और दोनों इंटरव्यू में कामयाबी से पास होना, सच में बहुत बड़ी बात है।

बहुत खुशी है कि आपने अपने अच्छे भविष्य के लिए भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर (BARC) को चुना।

इस बड़ी यात्रा की शुरुआत में हम सभी आपकी सफलता की कामना करता है। आप और भी तरक्की करें और अपने परिवार और समाज के सभी लोगों को गर्व महसूस कराएँ।

शुभकामनाएं

यज्ञोपवीत संस्कार @ 22 जुलाई 2026
29/06/2026

यज्ञोपवीत संस्कार @ 22 जुलाई 2026

 #वाचनालय  #बनाम  ाइब्रेरीजोधपुर के भीतरी शहर में हर मोहल्ले में एक वाचनालय हुआ करता था जंहा मोहल्ले के सभी निवासी सुबह ...
26/05/2026

#वाचनालय #बनाम ाइब्रेरी

जोधपुर के भीतरी शहर में हर मोहल्ले में एक वाचनालय हुआ करता था जंहा मोहल्ले के सभी निवासी सुबह सुबह अखबार पढ़ने के लिए आते थे।
जंहा आपको हर तरह का अखबार जिसमे मुख्यतया राजस्थान पत्रिका, दैनिक नवज्योति, जलतेदीप, पंजाब केसरी, संध्या कालीन अखबार तीसरा प्रहर साथ मे पाक्षिक एवं मासिक मैगजीन भी सरलता से उपलब्ध रहती थी।

सभी सुबह सुबह मिल बैठकर अखबार पढ़ते साथ ही मोहल्ले की गलीयो से लेकर अमेरिका की राजनीति तक विस्तृत चर्चा करते थे।

धीरे धीरे समय के साथ यह परम्परा मिटती चली गई।

अब अमूमन सभी घर में अखबार आता है लेकिन पढ़ने वाले सिर्फ बड़े बुजुर्ग या कुछ शौकीन लोग ही इसको पढ़ने में रुचि रखते है।

और बच्चो में तो अखबार पढ़ने का फैशन जैसे रहा है नही है। उन्हें आजकल हर न्यूज़ इंस्टेंट चाहिए वो भी वे रील ओर फेसबुक पोस्ट से ही अपना ज्ञान वर्धन करते है।

समय चक्र है एवम परिवर्तन का नियम है।

आज लगभग सभी वाचनालय खाली पड़े है। और कुछ में ताश, शतरंज, केरम इत्यादि मनोरंजन के लिए चल रहे है।

मेरा निवेदन है इन सभी वाचनालयों को डिजिटल ई-लाइब्रेरी में परिवर्तित करनी चाहिए।

जो भी बच्चे एकांत में पढ़ना चाहे वे न्यनतम रखरखाव हेतु मासिक फीस देकर वंहा पर बैठकर पढ़ सकते है।
साथ ही मोहल्लों में कुछ रिटायर टीचर हो वे उन बच्चो को जो ज्ञान रूप सेवा देना चाहे उनको अवश्य जुड़ना चाहिए।

इससे 2 फायदे होंगे।

पहला बच्चा शिक्षा के प्रति जाग्रत होगा एवम उसको वंहा पर इंटरनेट सुविधा से वह अपने नोट्स, ऑनलाइन कोचिंग, सब्जेक्ट टॉपिक वीडियो देखकर अपनी पढ़ाई करेगा।

दूसरा अपने से नीचे क्लास और ऊपर की क्लास के भाई बहनों के संपर्क में रहेगा जिससे वो किताबो, नोट्स एवम प्रॉब्लम सॉल्विंग की समस्या कुछ हद तक खत्म होगी।

इन सभी वाचनालयों में मोहल्ले के शिक्षित बुजुर्ग देखभाल कर सकेंगे जिससे बच्चो पर अंकुश भी रहेगा।

यह लेखक के केवल एक विचार है इसकी सार्थकता तो जब पूर्ण होगी जब हम समाज के लिए सकारात्मक प्रयास शुरू करेंगे।

नमन।

✨ गर्व के साथ प्रस्तुत ✨🌐 https://PushkarnaVivah.comपुष्करणा समाज के लिए समर्पित वैवाहिक वेबसाइट 💍 विश्वसनीय🤝 समाज केंद्...
23/05/2026

✨ गर्व के साथ प्रस्तुत ✨
🌐 https://PushkarnaVivah.com

पुष्करणा समाज के लिए समर्पित वैवाहिक वेबसाइट

💍 विश्वसनीय
🤝 समाज केंद्रित
📱 सरल एवं आधुनिक
🔒 विशेष सुरक्षा सुविधाएँ:

• केवल Parents / Family ही Profile Submit कर सकते हैं
• Mobile Number बिना अनुमति किसी को दिखाई नहीं देगा
• बिना User ID/Profile Login के कोई Profile दिखाई नहीं देगी

आज ही जुड़ें और इस नई डिजिटल पहल का हिस्सा बनें।

आप सभी को प्रणाम।हमारे बड़े बुजुर्ग बताते है की वे जब भी किसी सरकारी कार्यालय में जाते थे तब कोई न कोई पुष्करणा अधिकारी /...
30/03/2026

आप सभी को प्रणाम।
हमारे बड़े बुजुर्ग बताते है की वे जब भी किसी सरकारी कार्यालय में जाते थे तब कोई न कोई पुष्करणा अधिकारी / कर्मचारी मिल ही जाते थे जो सेवाभाव के साथ पूर्ण मदद करते थे।

परंतु आज अधिकतर विभागों में पुष्करणा या तो नदारद है और अगर है तो वे लगभग सभी मृतक आश्रित है।
कुछ युवाओ ने प्रयास भी किया और चयनित भी हुए लेकिन वे भी नगण्य है।

आज हमारे आस पास के अधिकांश बच्चो के माता पिता लोन लेकर, या अपनी सेविंग्स को तोड़कर बच्चो को परीक्षाओ की तैयारी करवा रहे है। इंजीनियरिंग कॉलेज की इतनी दुर्दशा है कि वंहा पर 35% वालो को भी ऐडमिशन आराम से मिल जाता है मगर BSc में 60 से 65% लास्ट कट आउट जाती है जिससे एडमिशन लेना नामुमकिन है जिससे हमारे बच्चों का शैक्षिक स्तर लगातार गिरता जा रहा है।

मेरा निवेदन है कि पुष्करणा परिवार के बच्चों को 9th क्लास से ही एक ऐसी कोचिंग मिलनी चाहिए जिससे उनकी क्षमता अनुसार वो भविष्य में डॉ, इंजीनियर, RAS, POLICE इत्यादि सेवाओ में जाए।

पुष्टिकर स्कूल जैसी संस्था अपने शाम के समय मे क्लास रूम उपलब्ध करवाए साथ ही हमारे रिटायर्ड प्रोफेसर, लेक्टचरर, RAS ऑफिसर, डॉक्टर, पुलिस के अधिकारी आकर कोचिंग और मोटिवेशन दे। ज़रुरत पड़े तो अन्य शिक्षको को भी हायर करे और समाज / संस्था / स्व वित्त पोष द्वारा उनका पुनर्भरण हो।

प्रत्येक बच्चे को उसकी क्षमता अनुसार तैयार किया जाए ताकि जो निम्न स्तर के हो वे लिपिक भर्ती परीक्षा में चयनित हो और जो कुशाग्र बुद्धि वाले हो वे RAS/RPS में भी चयनित हो।

हमारा एक छोटा सा प्रयास हमारी आने वाली पीढ़ियों में नव ऊर्जा का संचार करेगी और समाज को एक नए और उच्च मुकाम पर ले जायेगी।

आज की शुरआत से ये हमारे नन्हे पौधे कल विशाल वृक्ष बनेंगे।

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342001

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