16/09/2025
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत क्रॉप कटिंग प्रयोग (CCE) एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य फसल नुकसान का आकलन करना और किसानों को बीमा दावा राशि प्रदान करना है। यह प्रक्रिया बीमा कंपनियों द्वारा की जाती है, जो फसल और फसल कटाई के आंकड़ों का विश्लेषण करके नुकसान का आकलन करती हैं।*क्रोप कटिंग की प्रक्रिया:*- फसल कटाई प्रयोगों के लिए विशेषज्ञों की टीम बनाई जाती है, जिसमें पटवारी, कृषि पर्यवेक्षक, बीमा कंपनी के ओपरेटर शामिल होते हैं - इन आंकड़ों का विश्लेषण करके फसल नुकसान का आकलन किया जाता है और बीमा दावा राशि का निर्धारण किया जाता है।*बीमा दावा राशि का भुगतान:*- बीमा दावा राशि का भुगतान सीधे किसानों के बैंक खातों में किया जाता है।- यह प्रक्रिया पारदर्शी और ऑनलाइन है, जिससे किसानों को आसानी से बीमा राशि मिल सके।*फसल बीमा से जुड़ी समस्याओं के लिए संपर्क:*- टोल फ्री नंबर: 14447- कृषि रक्षक पोर्टल: https://pmfby.gov.in/krph/¹*प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के मुख्य उद्देश्य:*- किसानों को प्राकृतिक आपदाओं, कीट और बीमारियों से हुए फसल नुकसान से आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना।- कृषि क्षेत्र में ऋण के प्रवाह को सुनिश्चित करना।- फसल नुकसान के आंकलन के लिए तकनीक का उपयोग करना और दावा प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना।*फसल बीमा योजना के लाभ:*- कम प्रीमियम दरें: खरीफ फसलों के लिए 2% और रबी फसलों के लिए 1.5%- फसल नुकसान के मामले में बीमा दावा राशि का भुगतान- किसानों की आय को स्थिर करने में मदद करनामेरा आप सबसे पुनः निवेदन है कि क्रोप कटिंग के समय जागरूक रहें और जिन किसान के खेत में कंपनी के ओपरेटर द्वारा क्रोप कटिंग की गई और वह किसान असंतुष्ट हैं तो वह तहसीलदार से अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है और उसकी पुनः नियमानुसार क्रोप कटिंग करा सके।धन्यवाद -भंवरलाल जाट सरपंच जानादेसर जिलाध्यक्ष भारतीय किसान यूनियन टिकैत