24/08/2026
समाज के उभरते हुए छात्र नेता: दीपांशु गहलोत
बंधुओं, हम जानते हैं कि छात्र राजनीति मुख्यधारा की राजनीति की नर्सरी होती है। समाज के युवाओं की छात्र राजनीति में सक्रिय भागीदारी ही उन्हें भविष्य में सामाजिक एवं मुख्यधारा की राजनीति में नेतृत्व के लिए तैयार करती है। इसलिए मुख्यधारा की राजनीति में हमारे समाज के बंधुओं की भूमिका होना अत्यंत आवश्यक है।
मध्यप्रदेश के देवास जिले के पुंजापुरा गांव निवासी दीपांशु गेहलोत आज छात्र हितों की आवाज़ को मजबूती से उठाने वाले युवा छात्र नेता के रूप में उभर रहे हैं।
हाल ही में ग्राम के विद्यालय में बच्चों से बालश्रम करवाए जाने के मामले को लेकर दीपांशु गहलोत ने छात्रों एवं ग्रामीणों की आवाज़ को बुलंद किया। उन्होंने विधायक को ज्ञापन सौंपने के साथ-साथ कलेक्टर के समक्ष भी अपनी बात मजबूती से रखी। मामले की जांच के पश्चात संबंधित शिक्षक को निलंबित किया गया। इस पूरी लड़ाई में दीपांशु गेहलोत प्रमुख प्रतिनिधि के रूप में सक्रिय रहे।
इसके साथ ही वे जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक के साथ हुए धरने में भी सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं तथा NSUI के विभिन्न छात्र आंदोलनों एवं कार्यक्रमों में लगातार अपनी सक्रिय भूमिका निभाते आ रहे हैं।
ऐसे युवा निश्चित रूप से समाज की नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा हैं। छात्र हितों के लिए संघर्ष करने का यह जज़्बा भविष्य में समाज को एक सशक्त युवा नेतृत्व देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
मां आईजी से प्रार्थना है कि दीपांशु गेहलोत को निरंतर सफलता, शक्ति और सही दिशा प्रदान करें तथा उनका भविष्य उज्ज्वल एवं गौरवमयी हो।